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अर्धचक्रासन से घटाएं साइड फैट और बढ़ाएं रीढ़ का लचीलापन, आयुष मंत्रालय ने बताए 6 बड़े फायदे

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अर्धचक्रासन से घटाएं साइड फैट और बढ़ाएं रीढ़ का लचीलापन, आयुष मंत्रालय ने बताए 6 बड़े फायदे

सारांश

विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय ने अर्धचक्रासन को साइड फैट, पीठ दर्द और सांस की तकलीफ के लिए एक सरल और प्रभावी समाधान बताया है। रोज़ाना 5 से 10 मिनट का यह अभ्यास बैठी-रहने वाली जीवनशैली की आम शिकायतों को दूर कर सकता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 23 मई 2026 को अर्धचक्रासन के फायदे और सही विधि साझा की।
यह आसन कमर के दोनों ओर जमा चर्बी घटाने और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में सहायक है।
रोज़ाना 5 से 10 मिनट के अभ्यास से ऊर्जा, पाचन और फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
ऑफिस कर्मचारियों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी बताया गया है।
गर्भवती महिलाएं , उच्च रक्तचाप के रोगी और हाल में सर्जरी कराने वाले पहले डॉक्टर से सलाह लें।
यह जानकारी 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस 2026 की तैयारी का हिस्सा है।

आयुष मंत्रालय ने 23 मई 2026 को अर्धचक्रासन के स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी साझा की — एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योगासन जो कमर के दोनों ओर जमा अतिरिक्त चर्बी घटाने और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में सहायक बताया गया है। 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस की तैयारी में मंत्रालय प्रतिदिन विभिन्न योगासनों के वैज्ञानिक लाभ सार्वजनिक कर रहा है।

अर्धचक्रासन क्या है और इसे कैसे करें

मंत्रालय के अनुसार, इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े होकर दोनों पैर मिलाएं। इसके बाद कमर से ऊपर के हिस्से को पीछे की ओर झुकाते हुए दोनों हाथों को जांघों के पीछे टिकाएं और शरीर को अर्धचंद्राकार यानी आधे चक्र की मुद्रा में लाएं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहें। जो लोग इस आसन में नए हैं, वे शुरुआत में दीवार का सहारा लेकर अभ्यास कर सकते हैं।

मुख्य स्वास्थ्य लाभ

मंत्रालय ने अर्धचक्रासन के कई उल्लेखनीय फायदे गिनाए हैं। यह आसन कमर के दोनों ओर जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करता है और पेट व कमर को सुडौल बनाता है। रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने के साथ-साथ यह पूरे शरीर की गतिशीलता को संतुलित रखता है। पीठ की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और अकड़न में राहत मिलती है।

इसके अलावा, मंत्रालय के अनुसार इस आसन के नियमित अभ्यास से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और सांस संबंधी परेशानियाँ कम होती हैं। पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ने से पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। मानसिक स्तर पर यह आसन मन को शांत करता है और दिनभर की थकान दूर करने में सहायक है।

किनके लिए विशेष रूप से उपयोगी

आयुष मंत्रालय का कहना है कि आज की बैठी रहने वाली जीवनशैली में पीठ की अकड़न, कम लचीलापन और बार-बार होने वाला पीठ दर्द आम समस्याएं बन चुकी हैं। ऐसे में ऑफिस में काम करने वाले लोगों और महिलाओं के लिए यह आसन विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, रोज़ाना केवल 5 से 10 मिनट के अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और शारीरिक मुद्रा में सुधार आता है।

सावधानियाँ और विशेषज्ञ परामर्श

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गर्भवती महिलाएं, उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति और हाल ही में किसी शल्य चिकित्सा (सर्जरी) से गुज़रे लोग इस आसन का अभ्यास करने से पहले अपने चिकित्सक या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। यह सावधानी किसी भी योगाभ्यास को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए ज़रूरी है।

विश्व योग दिवस की तैयारी

गौरतलब है कि भारत सरकार 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाती आ रही है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने भी मान्यता दी है। इस वर्ष विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय की यह जागरूकता मुहिम योग को जन-जन तक पहुँचाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अर्धचक्रासन जैसे सुलभ आसनों को सामने रखकर मंत्रालय यह संदेश दे रहा है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए जटिल दिनचर्या नहीं, बल्कि सरल और नियमित अभ्यास पर्याप्त हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक महत्वपूर्ण कमी है — बताए गए स्वास्थ्य लाभों के पीछे किसी peer-reviewed शोध या नैदानिक अध्ययन का हवाला नहीं दिया गया। 'फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है' और 'पाचन बेहतर होता है' जैसे दावे तब अधिक विश्वसनीय होते जब इन्हें AIIMS या किसी मान्यता प्राप्त संस्था के अध्ययन से जोड़ा जाता। जन-स्वास्थ्य के नज़रिए से यह भी ज़रूरी है कि सावधानियों को उतनी ही प्रमुखता दी जाए जितनी फायदों को — विशेषकर जब लक्षित वर्ग में बुज़ुर्ग और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोग भी शामिल हों।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्धचक्रासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
अर्धचक्रासन एक खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है जिसमें शरीर को पीछे की ओर झुकाकर आधे चक्र की मुद्रा बनाई जाती है। सीधे खड़े होकर दोनों पैर मिलाएं, कमर से ऊपर पीछे झुकें, हाथों को जांघों के पीछे रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। शुरुआती अभ्यासी दीवार का सहारा लेकर इसे कर सकते हैं।
अर्धचक्रासन से साइड फैट कैसे कम होता है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, अर्धचक्रासन में कमर को पीछे की ओर मोड़ने से कमर के दोनों ओर की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है, जिससे वहाँ जमा अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होती है। साथ ही यह पेट और कमर को सुडौल बनाने में भी सहायक है।
अर्धचक्रासन का अभ्यास कितने समय तक करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि रोज़ाना 5 से 10 मिनट का अभ्यास पर्याप्त है। इतने कम समय में भी नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और शारीरिक मुद्रा में सुधार आता है।
किन लोगों को अर्धचक्रासन से बचना चाहिए?
गर्भवती महिलाएं, उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति और हाल ही में किसी सर्जरी से गुज़रे लोगों को यह आसन करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है। मंत्रालय ने इन समूहों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस से पहले यह जानकारी क्यों दे रहा है?
हर वर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस की तैयारी में आयुष मंत्रालय प्रतिदिन विभिन्न योगासनों के फायदे सार्वजनिक कर रहा है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सरल आसनों को दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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