21 सितंबर 2026
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केरल तांबा तार चोरी: मेरठ गिरोह के 10 सदस्य त्रिशूर-कन्नूर से गिरफ्तार, हवाई यात्रा से आते थे

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केरल तांबा तार चोरी: मेरठ गिरोह के 10 सदस्य त्रिशूर-कन्नूर से गिरफ्तार, हवाई यात्रा से आते थे

सारांश

हवाई यात्रा से केरल पहुँचो, ट्रेन से भेजी बाइक उठाओ, टेलीफोन एक्सचेंज लूटो — मेरठ के इस गिरोह का तरीका चौंकाने वाला था। अब केरल पुलिस ने 10 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों की जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

केरल पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को तांबे के तार चोरी के आरोप में मेरठ (उत्तर प्रदेश) के गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरोह हवाई जहाज़ से केरल पहुँचता था और मोटरसाइकिलें पहले ही ट्रेन से कोच्चि भेज देता था।
टेलीफोन एक्सचेंज , बंद कार्यालय और खाली मकान गिरोह के मुख्य निशाने थे।
पहले 4 सदस्य कोच्चि से, फिर 5 सदस्य कन्नूर से गिरफ्तार; आरोपी रेहान की पूछताछ से पर्दाफाश हुआ।
पुलिस के अनुसार गिरोह अन्य राज्यों में भी इसी पद्धति से सक्रिय था; व्यापक जाँच जारी।

केरल पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को तांबे के तार चोरी के एक संगठित गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के मेरठ के निवासी बताए जा रहे हैं और इन पर त्रिशूर तथा कन्नूर जिलों में बंद घरों, कार्यालयों और टेलीफोन एक्सचेंजों से तांबे के तार एवं कीमती सामान चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने इस गिरोह के काम करने के एक असाधारण तरीके का भी खुलासा किया है।

गिरोह का अनोखा तौर-तरीका

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य हवाई जहाज़ से केरल पहुँचते थे, जबकि अपनी मोटरसाइकिलें पहले ही ट्रेन से कोच्चि के रेलवे स्टेशनों पर भेज देते थे। केरल पहुँचने के बाद वे स्टेशन से अपनी गाड़ियाँ उठाते और छोटे-छोटे समूहों में बँटकर अपने निशाने तलाश करते थे।

गिरफ्तार आरोपी रेहान से पूछताछ के बाद पुलिस को इस पूरे तंत्र की जानकारी मिली। रेहान ने बताया कि उड़ान भरने से पहले ही गिरोह लॉजिस्टिक्स की पूरी व्यवस्था कर लेता था, जिससे केरल पहुँचते ही वे सीधे काम पर लग जाते थे।

निशाने पर क्या था

पुलिस के मुताबिक, गिरोह उन स्थानों को प्राथमिकता देता था जहाँ बड़ी मात्रा में तांबे के तार मौजूद हों — जैसे टेलीफोन एक्सचेंज, बंद कार्यालय और खाली पड़े मकान। चोरी के बाद सामान को उसी इलाके में बेचकर गिरोह अगले ठिकाने की ओर रवाना हो जाता था।

यह कार्यशैली इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि गिरोह ने जाँच एजेंसियों की नज़र से बचने के लिए अंतरराज्यीय आवागमन के अलग-अलग साधनों का उपयोग किया — हवाई यात्रा से ट्रैकिंग मुश्किल होती थी, जबकि बाइकें ट्रेन से भेजकर स्थानीय गतिशीलता सुनिश्चित की जाती थी।

गिरफ्तारी का क्रम

रेहान से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले कोच्चि से गिरोह के चार सदस्यों को हिरासत में लिया। इसके बाद कन्नूर में कथित तौर पर सक्रिय रहे पाँच अन्य सदस्यों को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। रेहान सहित कुल गिरफ्तारियों की संख्या 10 हो गई है।

जाँच का दायरा

पुलिस अब इस गिरोह की केरल में गतिविधियों के पूरे दायरे का आकलन कर रही है। जाँच में यह भी सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर अन्य राज्यों में भी इसी पद्धति से चोरी की वारदातें अंजाम देता था। गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

यह मामला अंतरराज्यीय संगठित अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ गिरोह किसी एक राज्य में ऑपरेट करने के लिए सुनियोजित तरीके से दूर-दराज से आते हैं। आने वाले दिनों में जाँच का विस्तार और अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित अंतरराज्यीय अपराध की उस बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें गिरोह एक राज्य की पुलिस की परिचित नज़र से बचने के लिए दूसरे राज्यों में जाकर ऑपरेट करते हैं। हवाई यात्रा और अलग-अलग माध्यमों से परिवहन का उपयोग दर्शाता है कि इन गिरोहों की तकनीकी समझ और संसाधन दोनों बढ़े हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर छूट जाती है वह यह है कि टेलीफोन एक्सचेंजों और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना केवल संपत्ति की चोरी नहीं — यह आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की क्षमता भी रखता है। राज्य पुलिस बलों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझेदारी की कमी ऐसे गिरोहों को लंबे समय तक सक्रिय रहने देती है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में तांबे के तार चोरी के मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और वे कहाँ के हैं?
केरल पुलिस ने कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो सभी उत्तर प्रदेश के मेरठ के निवासी बताए जा रहे हैं। इन्हें त्रिशूर और कन्नूर जिलों से पकड़ा गया।
मेरठ गिरोह केरल में चोरी के लिए किस तरीके का इस्तेमाल करता था?
गिरोह के सदस्य हवाई जहाज़ से केरल आते थे और अपनी मोटरसाइकिलें पहले ही ट्रेन के ज़रिए कोच्चि भेज देते थे। वहाँ पहुँचकर बाइकें उठाते और छोटे समूहों में बँटकर टेलीफोन एक्सचेंज व बंद इमारतों को निशाना बनाते थे।
गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
गिरफ्तार आरोपी रेहान से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के पूरे ऑपरेशन की जानकारी मिली। उसकी दी गई सूचनाओं के आधार पर पहले कोच्चि से 4 और फिर कन्नूर से 5 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
क्या यह गिरोह केरल के अलावा अन्य राज्यों में भी सक्रिय था?
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर अन्य राज्यों में भी इसी पद्धति से वारदातें करता था। फिलहाल जाँच का दायरा बढ़ाकर दूसरे राज्यों में हुई चोरियों में उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
गिरोह किन जगहों को निशाना बनाता था?
गिरोह मुख्य रूप से टेलीफोन एक्सचेंज , बंद घरों और उन कार्यालयों को निशाना बनाता था जहाँ बड़ी मात्रा में तांबे के तार मौजूद होते थे। चोरी के बाद सामान उसी इलाके में बेचकर गिरोह अगले ठिकाने पर चला जाता था।
राष्ट्र प्रेस
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