PM मोदी के 12 साल: गरीब कल्याण केंद्र में, जनधन से आयुष्मान तक बदला करोड़ों का जीवन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 जून 2025 को प्रधानमंत्री पद के 12 वर्ष पूरे होने पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा साझा किया। उन्होंने कहा कि इन बारह वर्षों में देश में जो भी बड़े बदलाव आए हैं, उन सभी के केंद्र में गरीब और वंचित वर्ग का कल्याण रहा है। 'अंत्योदय' की भावना से प्रेरित इस सफर में जनधन खातों से लेकर आयुष्मान भारत तक अनेक योजनाओं ने करोड़ों नागरिकों तक सीधा लाभ पहुँचाया है।
मुख्य घटनाक्रम
मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सरकार हमेशा 'अंत्योदय' से प्रेरित रही है और लक्ष्य यह रहा है कि विकास का लाभ उन लोगों तक पहुँचे जो दशकों से पीछे छूट गए थे। उन्होंने जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), स्वच्छ भारत मिशन, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत का विशेष उल्लेख किया। मोदी के अनुसार इन सभी पहलों का एकमात्र उद्देश्य लोगों को सम्मान और अवसर दिलाना रहा है।
टेक्नोलॉजी की भूमिका
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि गरीबों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने में टेक्नोलॉजी ने निर्णायक भूमिका निभाई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहायता सीधे और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुँच रही है, जिससे शासन-व्यवस्था में दक्षता और जनविश्वास दोनों मज़बूत हुए हैं। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को मानवीय सशक्तिकरण और 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में एक सामूहिक आंदोलन बताया।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि गरीब कल्याण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शाह ने '12 साल गरीब कल्याण' के तहत अन्न योजना, पीएम आवास, जनधन, मुद्रा लोन और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इनके ज़रिए करोड़ों नागरिकों को बैंकिंग सुविधा, वित्तीय सुरक्षा और स्वरोज़गार के अवसरों से जोड़ा गया है।
आम जनता पर असर
शाह ने आगे कहा कि बुनियादी सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर के माध्यम से देश के गरीबों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़कर 'विकसित भारत' की मज़बूत नींव तैयार की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में कल्याणकारी योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता और विस्तार पर ज़ोर दे रही है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि 12 वर्षों की इस यात्रा में सरकार ने जिन योजनाओं का उल्लेख किया है, उनके क्रियान्वयन और परिणामों की समीक्षा आगामी बजट सत्र में होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को पाने के लिए कल्याणकारी योजनाओं को रोज़गार-सृजन और कौशल विकास से और अधिक जोड़ना होगा।