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16 जून 2026 पंचांग: वृद्धि-त्रिपुष्कर योग और अभिजीत-विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग, जानें राहुकाल

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16 जून 2026 पंचांग: वृद्धि-त्रिपुष्कर योग और अभिजीत-विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग, जानें राहुकाल

सारांश

16 जून 2026 का पंचांग वृद्धि योग, त्रिपुष्कर योग और अभिजीत-विजय मुहूर्त के दुर्लभ संयोग से सजा है। शुभ कार्यों के लिए यह दिन अनुकूल है, लेकिन राहुकाल (दोपहर 3:51–5:36) में सावधानी ज़रूरी है।

मुख्य बातें

16 जून 2026 (मंगलवार) को वृद्धि योग और त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
अभिजीत मुहूर्त 11:54 से 12:50 बजे और विजय मुहूर्त दोपहर 2:41 से 3:37 बजे तक — शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम।
त्रिपुष्कर योग दोपहर 4:12 बजे से 17 जून की रात 12:52 बजे तक प्रभावी।
राहुकाल दोपहर 3:51 से 5:36 बजे — इस दौरान नए कार्य और यात्रा वर्जित।
शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि दोपहर 12:52 बजे तक; आर्द्रा नक्षत्र दोपहर 4:12 बजे तक।
सूर्योदय 5:23 बजे , सूर्यास्त 7:21 बजे IST।

16 जून 2026 (मंगलवार) का पंचांग कई शुभ संयोगों से भरा है। इस दिन वृद्धि योग के साथ अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त का शुभ मेल बन रहा है, जो नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। इसके अतिरिक्त दोपहर बाद त्रिपुष्कर योग का आरंभ भी इस दिन को विशेष बनाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय

मंगलवार, 16 जून 2026 को सूर्योदय प्रातः 5 बजकर 23 मिनट पर होगा और सूर्यास्त सायं 7 बजकर 21 मिनट पर। चंद्रोदय प्रातः 6 बजकर 20 मिनट पर और चंद्रास्त रात्रि 8 बजकर 54 मिनट पर होगा। सनातन परंपरा में उदयातिथि के आधार पर पूरे दिन का निर्धारण होता है, इसलिए इस दिन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का मान रहेगा, भले ही यह तिथि दोपहर 12 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होकर तृतीया में परिवर्तित हो जाएगी।

नक्षत्र, योग और करण

नक्षत्र की दृष्टि से आर्द्रा नक्षत्र दोपहर 4 बजकर 12 मिनट तक प्रभावी रहेगा, तत्पश्चात पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ होगा। वृद्धि योग इस दिन से 17 जून की दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक बना रहेगा — यह योग प्रगति, विकास और समृद्धि से जुड़े कार्यों में शुभ फल देने वाला माना जाता है। बालव करण दोपहर 2 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त और विशेष योग

इस दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:03 से 4:43 बजे तक। अमृत काल: प्रातः 7:25 से 8:50 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त: 11:54 से 12:50 बजे तक — दिन का सर्वाधिक शुभ काल, जिसमें आरंभ किए गए कार्य सफल होते हैं। विजय मुहूर्त: दोपहर 2:41 से 3:37 बजे तक। गोधूलि मुहूर्त: सायं 7:19 से 7:40 बजे तक।

विशेष रूप से त्रिपुष्कर योग दोपहर 4 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होकर 17 जून की देर रात 12 बजकर 52 मिनट तक चलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार त्रिपुष्कर योग में किए गए कार्य तीन गुना फलदायी होते हैं, इसलिए इसे विशेष अवसर माना जाता है।

अशुभ समय — राहुकाल और अन्य

मंगलवार को राहुकाल दोपहर 3 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में कोई नया शुभ कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए। यमगंड प्रातः 8:52 से 10:37 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12:22 से 2:07 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त प्रातः 8:11 से 9:06 बजे तक रहेगा — इस समय भी शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का दिन मंगल ग्रह को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन मंगल से संबंधित कार्यों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वृद्धि योग और त्रिपुष्कर योग का एक ही दिन संयोग बनना दुर्लभ है और इसे प्रगति व समृद्धि के लिए अनुकूल माना जाता है। अभिजीत और विजय मुहूर्त में महत्वपूर्ण कार्य, व्यापारिक निर्णय या नई शुरुआत करना लाभदायक रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे पाठक विशेष रूप से खोजते हैं। राहुकाल और दुर्मुहूर्त की सटीक समय-सूची देना पाठकों की व्यावहारिक ज़रूरत पूरी करता है — यही इस श्रेणी की विश्वसनीयता का आधार है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 जून 2026 को कौन-कौन से शुभ योग हैं?
16 जून 2026 को वृद्धि योग पूरे दिन (17 जून दोपहर 12:35 तक) और त्रिपुष्कर योग दोपहर 4:12 बजे से प्रारंभ होकर 17 जून की रात तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत और विजय मुहूर्त का भी शुभ संयोग है।
16 जून 2026 को राहुकाल कितने बजे से कितने बजे तक है?
16 जून 2026 (मंगलवार) को राहुकाल दोपहर 3 बजकर 51 मिनट से शाम 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी नया शुभ कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।
16 जून 2026 को अभिजीत मुहूर्त कब है?
16 जून 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक है। यह दिन का सबसे शुभ काल माना जाता है और इसमें आरंभ किए गए कार्य सफल होते हैं।
त्रिपुष्कर योग क्या होता है और 16 जून को यह कब लगेगा?
त्रिपुष्कर योग एक विशेष ज्योतिषीय संयोग है जिसमें किए गए कार्य तीन गुना फलदायी माने जाते हैं। 16 जून 2026 को यह योग दोपहर 4 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होकर 17 जून की देर रात 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
16 जून 2026 की तिथि और नक्षत्र क्या है?
16 जून 2026 को शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि दोपहर 12:52 बजे तक है; उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन द्वितीया का मान रहेगा। नक्षत्र में आर्द्रा दोपहर 4:12 बजे तक और उसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र प्रभावी होगा।
राष्ट्र प्रेस
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