अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: एम्स भोपाल में 21 जून को 'हेल्दी एजिंग के लिए योग' थीम पर विशेष आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 'हेल्दी एजिंग के लिए योग' थीम पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा, जो जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में योग की भूमिका को रेखांकित करेगा। यह आयोजन संस्थान की उस व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है जो साक्ष्य-आधारित निवारक स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
कार्यक्रम का विवरण
यह कार्यक्रम एम्स भोपाल स्थित 'कोलेबोरेटिव सेंटर फॉर माइंड-बॉडी इंटरवेंशन थ्रू योग' द्वारा आयोजित किया जाएगा। सुबह 7 बजे से 8 बजे तक संस्थान परिसर में कौटिल्य भवन के सामने एक सामूहिक योग सत्र होगा। इसमें विद्यार्थी, फैकल्टी सदस्य, स्वास्थ्य पेशेवर और आम नागरिक सभी एक साथ भाग ले सकेंगे।
प्रतिभागियों को विशेषज्ञों की देखरेख में योगाभ्यास करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, तनाव में कमी, शारीरिक फिटनेस और स्वस्थ बुढ़ापे में योग की भूमिका पर जानकारी भी साझा की जाएगी।
इस वर्ष की थीम क्यों प्रासंगिक है
एम्स भोपाल के अनुसार, 'हेल्दी एजिंग के लिए योग' थीम ऐसे समय में विशेष महत्व रखती है जब डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मोटापा और हृदय रोग जैसी गैर-संचारी बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। यह थीम लोगों को योग को जीवन भर की आदत के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करती है, ताकि बढ़ती उम्र में भी शरीर की गतिशीलता, शक्ति, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक दृढ़ता बनी रहे।
गौरतलब है कि 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद से प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह वार्षिक आयोजन अब एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें करोड़ों लोग संपूर्ण स्वास्थ्य और कल्याण के लिए योग सत्रों में भाग लेते हैं।
विशेषज्ञ की राय
एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक अजय सिंह ने कहा कि योग वैश्विक स्वास्थ्य और वेलनेस में भारत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण योगदानों में से एक है। उन्होंने कहा, 'योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र प्रणाली है जो शरीर, मन और आत्मा में तालमेल स्थापित करती है।' उनके अनुसार, नियमित योगाभ्यास से लचीलापन, संतुलन, हृदय स्वास्थ्य और मानसिक सेहत बेहतर होती है तथा तनाव व चिंता में कमी आती है।
सिंह ने यह भी कहा कि हेल्दी एजिंग के संदर्भ में योग लोगों को आत्मनिर्भर बनाए रखने, जीवन की गुणवत्ता सुधारने और कई दीर्घकालिक बीमारियों से बचाव में सहायक हो सकता है। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य सेवा को 'आसान, किफायती और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित' विकल्प बताया।
एम्स भोपाल की व्यापक पहल
यह कार्यक्रम एम्स भोपाल के उन दीर्घकालिक प्रयासों का हिस्सा है जो जागरूकता अभियानों, शोध और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली की आदतों को प्रोत्साहित करते हैं। संस्थान को उम्मीद है कि यह आयोजन निवारक स्वास्थ्य सेवा के प्रति जागरूकता को और सुदृढ़ करेगा तथा सभी आयु वर्गों के लोगों को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित करेगा।