20 सितंबर 2026 पंचांग: गणेश उत्सव का सातवाँ दिन, दोपहर 3:23 बजे तक सौभाग्य योग
सारांश
मुख्य बातें
रविवार, 20 सितंबर 2026 को गणेश उत्सव के सातवें दिन 'बप्पा' की विशेष पूजा और विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 5:51 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात् दशमी तिथि का आगमन होगा। रविवार होने के कारण सूर्य देव की आराधना भी विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
पंचांग के अनुसार 20 सितंबर 2026 को सूर्योदय सुबह 6:18 बजे और सूर्यास्त शाम 6:22 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 2:21 बजे और चंद्रास्त रात 1:05 बजे होगा। इस दिन सूर्य उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेगा।
शुभ योग और मुहूर्त
रविवार को दोपहर 3:23 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा, जिसके बाद शोभन योग प्रारंभ होगा। दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस मुहूर्त में किया गया कोई भी शुभ कार्य अत्यंत लाभकारी फल देता है। इसके अतिरिक्त अमृतकाल रात 11:11 बजे से रात 12:59 बजे तक रहेगा।
अशुभ काल — इस समय से बचें
पंचांग के अनुसार इस दिन कुछ अशुभ कालों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। राहुकाल दोपहर 4:51 बजे से शाम 6:21 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 3:21 से 4:51 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 12:20 से 1:50 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में कोई भी नया कार्य आरंभ करने से बचना श्रेयस्कर रहता है।
राशि और दिशाशूल
इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में यात्रा से बचना उचित माना जाता है। यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना अपरिहार्य हो, तो विशेषज्ञ ज्योतिषीय उपायों के बाद प्रस्थान की सलाह देते हैं।
गणेश उत्सव: बप्पा की विशेष पूजा और विसर्जन
यह दिन गणेश उत्सव के सातवें दिन के रूप में विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालु इस अवसर पर 'बप्पा' की विशेष पूजा-अर्चना कर उनका विसर्जन करेंगे। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आने वाले घंटों में सौभाग्य योग समाप्त होने और दशमी तिथि के आगमन के साथ उत्सव का अगला चरण आरंभ होगा।