24 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन का 33वां स्थापना दिवस: दानापुर में शहीदों को श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
दानापुर स्थित बिहार रेजिमेंटल सेंटर में 24 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन (बिहार) का 33वां स्थापना दिवस 1 अगस्त 2026 को गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के उत्साह के बीच मनाया गया। इस अवसर पर उन वीर सैनिकों को भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
बटालियन की स्थापना और गौरवशाली यात्रा
इस बटालियन की नींव 1 अगस्त 1994 को कर्नल उमेद सिंह के कुशल नेतृत्व में रखी गई थी। तीन दशकों से अधिक की अपनी सेवायात्रा में इस बटालियन ने भारतीय सेना की श्रेष्ठ परंपराओं को न केवल जीवित रखा, बल्कि उन्हें नई ऊँचाइयाँ भी दीं। अनुशासन, सतर्कता और परिचालन दक्षता इस बटालियन की पहचान रही है।
गौरतलब है कि बटालियन ने जहाँ भी तैनाती पाई — चाहे वह उग्रवाद-विरोधी अभियान हों या अन्य परिचालन ज़िम्मेदारियाँ — हर मोर्चे पर उसने असाधारण व्यावसायिकता का परिचय दिया। साथ काम करने वाली सभी यूनिट्स ने इस बटालियन के जज़्बे और कार्यकुशलता की सराहना की है।
वीरता पुरस्कार और राष्ट्रीय सम्मान
अपनी असाधारण उपलब्धियों के लिए 24 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया है। इनमें चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ यूनिट साइटेशन (2013), एक कीर्ति चक्र, छह शौर्य चक्र, 28 सेना मेडल और 84 कमेंडेशन कार्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बटालियन को प्रतिष्ठित सरताज ट्रॉफी भी प्राप्त हुई है और 2013 में इसे 'बेस्ट राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन' के खिताब से सम्मानित किया गया था।
शहीद स्मरण समारोह
देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों की स्मृति में बिहार रेजिमेंटल सेंटर के 'वीर स्मृति स्थल' पर एक गंभीर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। बिहार रेजिमेंट के कर्नल की ओर से बिहार रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा ने शहीद नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में एडजुटेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर कुमार मिश्रा, सूबेदार मेजर नारायण प्रधान, सूबेदार संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में जूनियर कमीशंड ऑफिसर और अन्य रैंक के जवान उपस्थित रहे। सभी उपस्थितजनों ने वीर स्मृति स्थल पर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
समारोह का समापन
सम्मान के प्रतीक के रूप में पुष्पांजलि अर्पित की गई, जिसके माध्यम से रेजिमेंट ने अपने वीर नायकों की विरासत को सदा जीवित रखने के अपने दृढ़ संकल्प को पुनः दोहराया। समारोह का भव्य समापन आर्मी बैंड द्वारा 'वंदे मातरम' और रेजिमेंटल गीत की देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने वहाँ उपस्थित सभी लोगों के मन में गर्व और राष्ट्रभक्ति की गहरी भावना भर दी।
यह समारोह इस बात का प्रमाण है कि 24 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन न केवल अपने वर्तमान कर्तव्य में अग्रणी है, बल्कि अपने शहीदों की स्मृति को भी उतनी ही निष्ठा से संजोए हुए है।