29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

30 सितंबर 2026 पंचांग: अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47–12:35, उत्तर दिशा यात्रा से बचें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
30 सितंबर 2026 पंचांग: अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47–12:35, उत्तर दिशा यात्रा से बचें

सारांश

30 सितंबर 2026 को हर्षण योग और अभिजीत मुहूर्त (11:47–12:35) दिन को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बनाते हैं। अमृत काल तड़के 3:46–5:16 बजे तक है। राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल में नए काम से बचें। उत्तर दिशा में यात्रा आज वर्जित है।

मुख्य बातें

30 सितंबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 2:55 बजे तक, तत्पश्चात पंचमी आरंभ।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47 से 12:35 बजे — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल।
हर्षण योग प्रातः 6:13 बजे से अगले दिन भोर 3:20 बजे तक; विवाह, गृह प्रवेश और नए व्यापार के लिए अनुकूल।
अमृत काल तड़के 3:46 से 5:16 बजे तक — पूजा, निवेश और यात्रा के लिए उत्तम।
राहुकाल दोपहर 12:16–1:45 , गुलिक काल 10:48–12:16 , यमगंड काल 7:50–9:19 — इन अवधियों में नए कार्य न करें।
दिशाशूल उत्तर दिशा में; सूर्य हस्त नक्षत्र व कन्या राशि में, चंद्रमा मेष राशि में।

हिंदू काल-गणना पद्धति पंचांग के अनुसार 30 सितंबर 2026 (बुधवार) को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 2:55 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात पंचमी तिथि आरंभ होगी। इस दिन सूर्योदय प्रातः 6:21 बजे और सूर्यास्त सायं 6:11 बजे होगा, जबकि चंद्रोदय रात्रि 8:44 बजे और चंद्रास्त प्रातः 10:53 बजे होगा।

नक्षत्र और राशि स्थिति

पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में हस्त 13वाँ नक्षत्र है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'हाथ' है। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है, अतः यह नक्षत्र सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

सूर्य इस दिन कन्या राशि में स्थित रहेंगे, जिसका प्रभाव व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता और व्यावहारिक कार्यशैली पर पड़ता है। वहीं चंद्रमा मेष राशि में होंगे — मेष के स्वामी मंगल और चंद्रमा के मेल से साहस, ऊर्जा व आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, किंतु भावनाओं में तीव्र उतार-चढ़ाव की भी संभावना रहती है।

शुभ योग और मुहूर्त

इस दिन हर्षण योग प्रातः 6:13 बजे से प्रारंभ होकर 1 अक्टूबर की भोर 3:20 बजे तक रहेगा। हिंदू पंचांग के 27 नित्य योगों में यह 14वाँ योग है। 'हर्षण' का अर्थ प्रसन्नता और आनंद है — इसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण और नए व्यापार की शुरुआत के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।

दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा — यह लगभग 48 मिनट की अवधि है। मान्यता है कि इस काल में सूर्य ठीक मस्तक के ऊपर होते हैं और इस समय किए गए कार्यों से समस्त अशुभ प्रभाव स्वतः समाप्त हो जाते हैं।

अमृत काल तड़के 3:46 बजे से 5:16 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार यह अवधि नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।

अशुभ काल और सावधानियाँ

राहुकाल दोपहर 12:16 बजे से 1:45 बजे तक रहेगा। हिंदू ज्योतिष के अनुसार राहुकाल में किसी भी नए या शुभ कार्य का आरंभ वर्जित माना जाता है। यह प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का होता है और स्थान के अनुसार इसका समय बदलता है।

गुलिक काल प्रातः 10:48 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक रहेगा। इसे 'विषैला समय' भी कहते हैं और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। हालाँकि बैंक में धनराशि जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में उचित माना गया है।

यमगंड काल प्रातः 7:50 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा। यह समय यमराज से संबद्ध माना जाता है और इस दौरान नए व्यापार, यात्रा तथा धन-लेनदेन से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल: उत्तर दिशा में यात्रा से बचें

बुधवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार दिशाशूल उस अशुभ दिशा को कहते हैं जिसमें किसी विशेष दिन यात्रा करना अनुचित माना जाता है। अतः आज उत्तर दिशा में यात्रा करने से यथासंभव बचना चाहिए।

कुल मिलाकर, 30 सितंबर 2026 का दिन हर्षण योग और अभिजीत मुहूर्त की उपस्थिति के कारण शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है, बशर्ते राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल में नए कार्यों से परहेज किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समय-प्रबंधन की एक सांस्कृतिक प्रणाली भी है। 30 सितंबर को हर्षण योग और अभिजीत मुहूर्त का संयोग इस दिन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है, खासकर उन लोगों के लिए जो विवाह, व्यापार-आरंभ या गृह प्रवेश की तिथि तय करना चाहते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त के समय में आंशिक ओवरलैप नहीं है — दोनों क्रमशः अलग-अलग हैं, जो दिन की योजना बनाने में स्पष्टता देता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 सितंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
30 सितंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा। यह लगभग 48 मिनट की अवधि है और दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है।
30 सितंबर 2026 को राहुकाल कब है?
इस दिन राहुकाल दोपहर 12:16 बजे से 1:45 बजे तक रहेगा। हिंदू ज्योतिष के अनुसार इस अवधि में कोई नया या शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
30 सितंबर को दिशाशूल किस दिशा में है और इसका क्या अर्थ है?
30 सितंबर (बुधवार) को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। ज्योतिष के अनुसार इस दिन उत्तर दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है, इसलिए यदि संभव हो तो उत्तर दिशा की यात्रा टालें।
30 सितंबर 2026 को कौन-सा योग है और यह किन कार्यों के लिए शुभ है?
इस दिन हर्षण योग प्रातः 6:13 बजे से प्रारंभ होकर 1 अक्टूबर की भोर 3:20 बजे तक रहेगा। यह 27 नित्य योगों में 14वाँ योग है और विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण तथा नए व्यापार की शुरुआत के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
30 सितंबर 2026 को सूर्य और चंद्रमा किस राशि में हैं?
30 सितंबर 2026 को सूर्य कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा मेष राशि में होंगे। मेष में चंद्रमा की स्थिति साहस और ऊर्जा बढ़ाती है, किंतु भावनाओं में उतार-चढ़ाव की भी संभावना रहती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले