4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

5 नवंबर 2026 का पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से 12:32 बजे तक, दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
5 नवंबर 2026 का पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से 12:32 बजे तक, दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित

सारांश

5 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष एकादशी पर अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से 12:32 बजे तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 1:33 से 2:56 बजे तक है और दिशाशूल दक्षिण दिशा में होने से उस ओर यात्रा से बचने की सलाह है।

मुख्य बातें

5 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष एकादशी सुबह 11:03 बजे से प्रारंभ होकर 6 नवंबर सुबह 10:35 बजे तक रहेगी।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक — दिन का सर्वाधिक शुभ समय।
अमृतकाल रात 8:35 बजे से 10:12 बजे तक; नए व्यापार, निवेश और पूजा के लिए उत्तम।
राहुकाल दोपहर 1:33 से 2:56 बजे तक; इस दौरान नए कार्य आरंभ न करें।
दिशाशूल दक्षिण दिशा में — उस दिशा की यात्रा अशुभ मानी गई है।
वैधृति योग सुबह 6:26 बजे के बाद प्रारंभ; सूर्य तुला राशि व चंद्र कन्या राशि में।

हिंदू काल-गणना पद्धति पंचांग के अनुसार 5 नवंबर 2026 (बुधवार) को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 11:03 बजे से प्रारंभ होकर 6 नवंबर को सुबह 10:35 बजे तक रहेगी। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक है, जिसे दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना गया है। पंचांग में दिशाशूल दक्षिण दिशा में होने के कारण उस ओर की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

तिथि, सूर्योदय और चंद्रोदय का विवरण

इस दिन सूर्योदय सुबह 6:38 बजे और सूर्यास्त शाम 5:42 बजे होगा। चंद्रोदय रात 2:49 बजे और चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 3:11 बजे होगा। एकादशी तिथि के बाद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि गुरुवार सुबह 10:35 बजे से शुरू होकर 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे तक रहेगी।

नक्षत्र और ग्रह स्थिति

इस दिन सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में स्थित रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव (वायु) हैं और इसके स्वामी राहु हैं। मान्यता है कि इस नक्षत्र में सूर्य की उपस्थिति से व्यक्ति में पुरानी परिस्थितियों और बंधनों से मुक्त होकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने की प्रवृत्ति बलवती होती है।

सूर्य तुला राशि में स्थित रहेंगे, जिसे ज्योतिष में सूर्य का नीचस्थ होना कहा जाता है। तुला राशि वायु तत्व और शुक्र ग्रह के अधीन है, जो अग्नि तत्व के कारक सूर्य के विपरीत है। इस स्थिति में आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता पर हल्का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना बताई गई है। वहीं, चंद्र देव कन्या राशि में विराजमान रहेंगे, जिसके स्वामी बुध हैं। इस स्थिति में मन पर भावनाओं के स्थान पर बौद्धिक और तार्किक प्रभाव अधिक देखा जाता है।

शुभ मुहूर्त: अभिजीत और अमृतकाल

दिन का सर्वश्रेष्ठ समय अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक लगभग 48 मिनट का रहेगा। पंचांग शास्त्र के अनुसार यह दिनमान का आठवाँ मुहूर्त होता है और तब सूर्य ठीक सिर के ऊपर होता है। मान्यता है कि इस काल में किए गए कार्यों से समस्त अशुभ प्रभाव स्वतः समाप्त हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, अमृतकाल रात 8:35 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा — इसे नया व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

अशुभ काल: राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल

इस दिन राहुकाल दोपहर 1:33 बजे से 2:56 बजे तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार इस लगभग 90 मिनट के काल में कोई नया या शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए; पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं।

यमगंड काल सुबह 6:38 बजे से 8:01 बजे तक रहेगा। इसे मृत्यु के देवता यमराज से संबंधित माना जाता है और इस दौरान नया व्यापार, यात्रा तथा आर्थिक लेन-देन से परहेज की सलाह दी जाती है। गुलिक काल सुबह 9:24 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा, जिसे 'विषैला समय' भी कहते हैं। इस काल में नया कार्य आरंभ न करें; तथापि बैंक में धन जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में स्वीकार्य माना गया है।

योग और दिशाशूल

बुधवार को सुबह 6:26 बजे तक इंद्र योग रहेगा, इसके पश्चात वैधृति योग प्रारंभ होगा। ज्योतिष में वैधृति योग को 27वाँ नित्य योग माना जाता है और इसे सामान्यतः अशुभ या चुनौतीपूर्ण श्रेणी में रखा जाता है। इस योग में मानसिक उत्तेजना और निर्णय लेने में कठिनाई की संभावना बताई जाती है। दिशाशूल इस दिन दक्षिण दिशा में है, अतः उस दिशा की यात्रा अशुभ मानी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं ज्योतिष-आधारित मुहूर्त और दिशाशूल जैसी अवधारणाएँ लोगों को अपने कार्यों में एक अनुशासित समय-संरचना देती हैं। इस विरोधाभास को समझना ज़रूरी है कि ये मान्यताएँ श्रद्धा का विषय हैं, न कि परीक्षणयोग्य वैज्ञानिक दावे — पाठक इन्हें सांस्कृतिक परंपरा के रूप में ग्रहण करें।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 नवंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
5 नवंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक लगभग 48 मिनट का रहेगा। यह दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है, जिसमें किए गए कार्यों से अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं।
5 नवंबर को राहुकाल कब से कब तक है?
5 नवंबर 2026 (बुधवार) को राहुकाल दोपहर 1:33 बजे से 2:56 बजे तक रहेगा। इस लगभग 90 मिनट के काल में कोई नया या शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
5 नवंबर 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
5 नवंबर 2026 को दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा या प्रस्थान अशुभ माना जाता है।
5 नवंबर को कौन-सी तिथि और नक्षत्र है?
5 नवंबर 2026 को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 11:03 बजे से प्रारंभ होगी और सूर्य स्वाति नक्षत्र में रहेंगे। चंद्र देव कन्या राशि में और सूर्य तुला राशि में स्थित रहेंगे।
5 नवंबर 2026 को अमृतकाल कब है?
5 नवंबर 2026 को अमृतकाल रात 8:35 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा। यह समय नया व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले