3 नवंबर 2026 का पंचांग: उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित, सुबह 9:53 बजे तक शुक्ल योग
सारांश
मुख्य बातें
हिंदू पंचांग के अनुसार 3 नवंबर 2026 (मंगलवार) को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो दोपहर 11:54 बजे तक रहेगी। इस दिन सुबह 9:53 बजे तक शुक्ल योग का शुभ प्रभाव रहेगा और दिशाशूल उत्तर दिशा में होने के कारण उस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
तिथि, सूर्योदय और चंद्रोदय
कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सोमवार को दोपहर 1:10 बजे से आरंभ होकर मंगलवार को दोपहर 11:54 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी, जो 4 नवंबर को सुबह 11:03 बजे तक रहेगी।
मंगलवार को सूर्योदय सुबह 6:37 बजे और सूर्यास्त शाम 5:43 बजे होगा। चंद्रोदय रात 12:54 बजे होगा और चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 2:03 बजे।
नक्षत्र और ग्रह स्थिति
इस दिन सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। पंचांग-ज्ञाताओं के अनुसार स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव (वायु) हैं और इसके स्वामी राहु हैं। इस नक्षत्र में सूर्य की स्थिति से व्यक्ति में पुराने बंधनों से मुक्त होकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने की प्रवृत्ति बढ़ती है।
मंगलवार को सूर्य तुला राशि में और चंद्र देव सिंह राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुला राशि में सूर्य की स्थिति को नीचस्थ माना जाता है, जिससे आत्मबल कुछ कमज़ोर अनुभव हो सकता है और निर्णय लेने में कठिनाई आ सकती है। वहीं चंद्र के सिंह राशि में रहने से आत्मविश्वास ऊँचा रहता है, परंतु अहंकार से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
शुभ मुहूर्त और योग
मंगलवार को सुबह 9:53 बजे तक शुक्ल योग रहेगा, जो 27 नित्य योगों में से 24वाँ योग है। संस्कृत में 'शुक्ल' का अर्थ उज्ज्वल, शुद्ध और चमकदार होता है। इसके बाद ब्रह्म योग प्रारंभ होगा। इस योग की अधिष्ठात्री देवी पार्वती (कुछ मान्यताओं के अनुसार सिद्धि देवी) हैं।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा — यह लगभग 48 मिनट का दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से अशुभ प्रभाव और दोष स्वतः समाप्त हो जाते हैं। अमृतकाल रात 1:03 बजे से 2:38 बजे तक रहेगा, जो नए व्यापार, निवेश, पूजा और यात्रा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
अशुभ काल और दिशाशूल
राहुकाल दोपहर 2:57 बजे से 4:20 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया या शुभ कार्य आरंभ न करें। यमगंड काल सुबह 9:23 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा — इस समय यात्रा, नए कार्य और आर्थिक लेन-देन से बचना उचित माना जाता है।
गुलिक काल दोपहर 12:10 बजे से 1:33 बजे तक रहेगा। इसे 'विषैला समय' भी कहा जाता है। इस दौरान नया कार्य आरंभ करने से बचें; हालाँकि बैंक में जमा, दान और दोहराने वाले नियमित कार्य किए जा सकते हैं।
इस दिन दिशाशूल उत्तर दिशा में है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार को उत्तर दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है, इसलिए यात्रा योजना बनाते समय दिशा का ध्यान रखें।
दिनभर की समय सारणी एक नज़र में
शुभ और अशुभ कालों की जानकारी होने से दिन की योजना सटीक बनाई जा सकती है। गौरतलब है कि पंचांग की गणना स्थान के अनुसार बदलती है; यहाँ दिए गए समय मुख्यतः नई दिल्ली के लिए हैं। अपने नगर या क्षेत्र के अनुसार स्थानीय पंचांग का संदर्भ लेना अधिक सटीक रहेगा।