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₹60 लाख की धोखाधड़ी: दिल्ली पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया 24 वर्षीय आरोपी, सोना-हीरे बरामद

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₹60 लाख की धोखाधड़ी: दिल्ली पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया 24 वर्षीय आरोपी, सोना-हीरे बरामद

सारांश

सोशल मीडिया पर इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बनकर ₹60 लाख की ज्वेलरी और नकदी ठगने वाला 24 वर्षीय यश बुलचंदानी गुजरात से गिरफ्तार। पुलिस ने उसके पास से 96 ग्राम पिघला सोना बरामद किया — जो सबूत मिटाने की कोशिश का संकेत देता है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की सफदरजंग एन्क्लेव टीम ने ₹60 लाख की धोखाधड़ी का मामला सुलझाया।
आरोपी यश कैलाश बुलचंदानी , उम्र 24 वर्ष , को गुजरात के मेहसाणा से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने सोशल मीडिया पर इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बनकर पीड़िता का विश्वास जीता और 9 अगस्त को ज्वेलरी, फोन व ₹14 लाख नकद लेकर फरार हुआ।
बरामदगी में 96 ग्राम पिघला हुआ सोना , दो सोने के सिक्के, एक सोने की चेन, एक हीरे का सेट और एक मोबाइल फोन शामिल।
जांच इंस्पेक्टर रजनीश कुमार के नेतृत्व में सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी जांच के ज़रिए पूरी की गई।

दिल्ली पुलिस की साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की सफदरजंग एन्क्लेव थाना टीम ने ₹60 लाख की ज्वेलरी और नकदी की धोखाधड़ी के मामले में गुजरात के खेड़ा निवासी 24 वर्षीय यश कैलाश बुलचंदानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 96 ग्राम पिघला हुआ सोना, सोने के दो सिक्के, एक सोने की चेन, एक हीरे का सेट और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह वारदात करीब एक महीने पहले अंजाम दी गई थी।

मामले का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, सफदरजंग एन्क्लेव थाने में ₹60 लाख की ज्वेलरी और नकदी की धोखाधड़ी के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आई थी। आरोपी ने खुद को इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बताकर पीड़िता का विश्वास जीता और उसे निवेश के नाम पर पैसे और जेवरात देने के लिए राजी किया।

9 अगस्त को आरोपी दिल्ली में शिकायतकर्ता से मिला और कथित तौर पर उसका मोबाइल फोन, ज्वेलरी और एक बैग — जिसमें ₹14 लाख नकद और एक क्रेडिट कार्ड था — लेकर फरार हो गया।

पुलिस की जांच प्रक्रिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर रजनीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल गठित किया गया। टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, उपलब्ध अभिलेखों की पुष्टि और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय के ज़रिए आरोपी की पहचान की।

गौरतलब है कि इस प्रकार के 'सोशल मीडिया इन्वेस्टमेंट स्कैम' के मामले देशभर में बढ़ रहे हैं, जहाँ ठग खुद को वित्तीय विशेषज्ञ बताकर भरोसेमंद लोगों को निशाना बनाते हैं।

गुजरात से हुई गिरफ्तारी

जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने गुजरात के मेहसाणा में छापेमारी की और आरोपी यश कैलाश बुलचंदानी को धर-दबोचा। उसके कब्जे से बरामद 96 ग्राम पिघला हुआ सोना यह संकेत देता है कि आरोपी ने ज्वेलरी को पिघलाकर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की थी।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत दिल्ली लाया जाएगा और अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस प्रकार की अन्य धोखाधड़ियों में भी इस आरोपी की संलिप्तता है। इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के साथ वित्तीय लेन-देन के खतरों को उजागर किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि ऐसे अपराधी अब अधिक सुनियोजित तरीके से काम करते हैं। पुलिस की अंतर-राज्यीय त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे सोशल मीडिया घोटालों को रोकने के लिए डिजिटल साक्षरता और पूर्व-चेतावनी तंत्र कब मज़बूत होंगे।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में ₹60 लाख की धोखाधड़ी का मामला क्या है?
यह मामला सफदरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली से जुड़ा है जहाँ एक महिला शिकायतकर्ता के साथ ₹60 लाख की ज्वेलरी और नकदी की ठगी हुई। आरोपी ने सोशल मीडिया पर इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बनकर विश्वास जीता और 9 अगस्त को सामान लेकर फरार हो गया।
गिरफ्तार आरोपी यश बुलचंदानी कौन है?
यश कैलाश बुलचंदानी गुजरात के खेड़ा जिले का 24 वर्षीय निवासी है। उसने खुद को इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बताकर पीड़िता का विश्वास हासिल किया और ज्वेलरी व नकदी लेकर दिल्ली से फरार हो गया था।
आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग 96 ग्राम पिघला हुआ सोना, दो सोने के सिक्के, एक सोने की चेन, एक हीरे का सेट और एक मोबाइल फोन बरामद किया। पिघले हुए सोने से संकेत मिलता है कि आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
इंस्पेक्टर रजनीश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और एजेंसियों के साथ समन्वय कर आरोपी का पता लगाया। इसके बाद गुजरात के मेहसाणा में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया।
इस मामले से क्या सबक मिलता है?
यह मामला दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर खुद को वित्तीय विशेषज्ञ बताने वाले अनजान व्यक्तियों पर आँख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी निवेश प्रस्ताव से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान सत्यापित करना और सेबी (SEBI) पंजीकृत सलाहकारों से ही संपर्क करना उचित है।
राष्ट्र प्रेस
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