शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार का बड़ा आरोप: ‘BJP कार्यकर्ता जिले में शिवसेना को खत्म करने में जुटे’
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में दरार के संकेत देते हुए शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसके निचले स्तर के कार्यकर्ता जिलों में शिवसेना को ‘धीमे जहर’ की तरह कमज़ोर करने में लगे हैं। मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सत्तार ने दावा किया कि गठबंधन की बड़ी पार्टी सहयोगी का दर्जा देने के बजाय शिवसेना को दरकिनार कर अपने लिए सत्ता मज़बूत कर रही है।
मुख्य आरोप
सत्तार ने कहा कि भले ही आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस BJP से हैं और दोनों दल गठबंधन सहयोगी हैं, लेकिन ज़िला स्तर पर BJP के कार्यकर्ता शिवसेना के विस्तार में अड़ंगा डाल रहे हैं। उन्होंने इसे ‘धीमा जहर’ बताते हुए कहा कि यह गठबंधन को अंदर से खोखला कर रहा है।
उन्होंने जोड़ा, “हम उनके गठबंधन सहयोगी हैं, उनके विरोधी नहीं। साथ मिलकर काम करने के बजाय वे शिवसेना को दरकिनार कर रहे हैं और अपने लिए सत्ता मज़बूत कर रहे हैं।”
स्थानीय निकायों पर BJP का बढ़ता दबदबा
विधायक ने आरोप लगाया कि महानगरपालिका, जिला परिषद और नगर पालिकाओं सहित अन्य स्थानीय निकायों में, जहाँ पहले शिवसेना का दबदबा था, अब BJP ने अपना कब्ज़ा जमा लिया है। उनके अनुसार, सत्ता में आने के बाद शक्ति का सही उपयोग होना चाहिए — दुरुपयोग नहीं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर महायुति के भीतर सीट बँटवारे की रस्साकशी पहले से ही चर्चा में है, और सत्तार का यह बयान ऐसे ही समय में आया है।
‘पिछले 18 महीनों में समझ आया’
सत्तार ने स्वीकार किया कि जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें इन बातों का अहसास नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, “शुरुआती ढाई वर्षों में मैं इसे ठीक से समझ भी नहीं पाया था। लेकिन पिछले 18 महीनों में जो रवैया और काम करने का तरीका देख रहा हूँ, वह सही नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव के लिए नामांकन फ़ॉर्म वापस लेने का आदेश आया है, जिसे वे मानेंगे।
फडणवीस और शिंदे से अपील
सत्तार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से अपील की कि वे मामले को गंभीरता से लें और शिवसेना को न्याय दिलाएँ। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि गठबंधन की मज़बूती बनी रहे।
उन्होंने शिंदे के एक संक्षिप्त बयान का ज़िक्र करते हुए कहा, “हमारे नेता ने बस कुछ ही शब्दों में अपनी बात कह दी थी। यह दो शब्दों से कहीं ज़्यादा है — क्योंकि जब एकनाथ शिंदे कोई फ़ैसला लेंगे तो तूफ़ान आएगा।”
‘शिंदे फिर बनेंगे CM’ का दावा
सत्तार ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि एकनाथ शिंदे एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे — संभवतः ढाई साल बाद। उन्होंने तुलना करते हुए कहा, “मातोश्री का रिमोट उद्धव बालासाहेब ठाकरे के हाथ में है, और हमारी पार्टी का रिमोट एकनाथ शिंदे के हाथ में है। दोनों के भविष्य के बारे में आज कुछ नहीं कहा जा सकता — क्या कल किसी ने कहा था कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आ सकते हैं?”
उनके इस बयान को महायुति के भीतर भीतर ही भीतर बढ़ते तनाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, और आगामी हफ़्तों में शिवसेना तथा BJP के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र रहेगी।