19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार का बड़ा आरोप: ‘BJP कार्यकर्ता जिले में शिवसेना को खत्म करने में जुटे’

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार का बड़ा आरोप: ‘BJP कार्यकर्ता जिले में शिवसेना को खत्म करने में जुटे’

सारांश

महायुति के भीतर पहली बार किसी विधायक ने खुलकर BJP पर शिवसेना को ‘खत्म करने’ का आरोप लगाया है। अब्दुल सत्तार का यह बयान सीट बँटवारे और स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले गठबंधन में बढ़ते तनाव का स्पष्ट संकेत है — और एकनाथ शिंदे की दोबारा CM बनने की संभावना को भी हवा देता है।

मुख्य बातें

शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने BJP पर ज़िलों में शिवसेना को कमज़ोर करने का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने इसे ‘धीमा जहर’ बताया, जो महायुति गठबंधन को अंदर से खोखला कर रहा है।
आरोप — महानगरपालिका , जिला परिषद और स्थानीय निकायों में जहाँ पहले शिवसेना का दबदबा था, अब BJP ने कब्ज़ा जमाया।
सत्तार के अनुसार पिछले 18 महीनों में BJP का रवैया बदला है; CM देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे से हस्तक्षेप की अपील।
दावा — शिंदे ढाई साल बाद फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में दरार के संकेत देते हुए शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसके निचले स्तर के कार्यकर्ता जिलों में शिवसेना को ‘धीमे जहर’ की तरह कमज़ोर करने में लगे हैं। मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सत्तार ने दावा किया कि गठबंधन की बड़ी पार्टी सहयोगी का दर्जा देने के बजाय शिवसेना को दरकिनार कर अपने लिए सत्ता मज़बूत कर रही है।

मुख्य आरोप

सत्तार ने कहा कि भले ही आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस BJP से हैं और दोनों दल गठबंधन सहयोगी हैं, लेकिन ज़िला स्तर पर BJP के कार्यकर्ता शिवसेना के विस्तार में अड़ंगा डाल रहे हैं। उन्होंने इसे ‘धीमा जहर’ बताते हुए कहा कि यह गठबंधन को अंदर से खोखला कर रहा है।

उन्होंने जोड़ा, “हम उनके गठबंधन सहयोगी हैं, उनके विरोधी नहीं। साथ मिलकर काम करने के बजाय वे शिवसेना को दरकिनार कर रहे हैं और अपने लिए सत्ता मज़बूत कर रहे हैं।”

स्थानीय निकायों पर BJP का बढ़ता दबदबा

विधायक ने आरोप लगाया कि महानगरपालिका, जिला परिषद और नगर पालिकाओं सहित अन्य स्थानीय निकायों में, जहाँ पहले शिवसेना का दबदबा था, अब BJP ने अपना कब्ज़ा जमा लिया है। उनके अनुसार, सत्ता में आने के बाद शक्ति का सही उपयोग होना चाहिए — दुरुपयोग नहीं।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर महायुति के भीतर सीट बँटवारे की रस्साकशी पहले से ही चर्चा में है, और सत्तार का यह बयान ऐसे ही समय में आया है।

‘पिछले 18 महीनों में समझ आया’

सत्तार ने स्वीकार किया कि जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें इन बातों का अहसास नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, “शुरुआती ढाई वर्षों में मैं इसे ठीक से समझ भी नहीं पाया था। लेकिन पिछले 18 महीनों में जो रवैया और काम करने का तरीका देख रहा हूँ, वह सही नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव के लिए नामांकन फ़ॉर्म वापस लेने का आदेश आया है, जिसे वे मानेंगे।

फडणवीस और शिंदे से अपील

सत्तार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से अपील की कि वे मामले को गंभीरता से लें और शिवसेना को न्याय दिलाएँ। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि गठबंधन की मज़बूती बनी रहे।

उन्होंने शिंदे के एक संक्षिप्त बयान का ज़िक्र करते हुए कहा, “हमारे नेता ने बस कुछ ही शब्दों में अपनी बात कह दी थी। यह दो शब्दों से कहीं ज़्यादा है — क्योंकि जब एकनाथ शिंदे कोई फ़ैसला लेंगे तो तूफ़ान आएगा।”

‘शिंदे फिर बनेंगे CM’ का दावा

सत्तार ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि एकनाथ शिंदे एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे — संभवतः ढाई साल बाद। उन्होंने तुलना करते हुए कहा, “मातोश्री का रिमोट उद्धव बालासाहेब ठाकरे के हाथ में है, और हमारी पार्टी का रिमोट एकनाथ शिंदे के हाथ में है। दोनों के भविष्य के बारे में आज कुछ नहीं कहा जा सकता — क्या कल किसी ने कहा था कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आ सकते हैं?”

उनके इस बयान को महायुति के भीतर भीतर ही भीतर बढ़ते तनाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, और आगामी हफ़्तों में शिवसेना तथा BJP के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ज़िला परिषदों और नगर पालिकाओं की वो ज़मीनी लड़ाई है जहाँ शिवसेना (शिंदे गुट) को अपनी पुरानी पकड़ खोने का डर सता रहा है। फडणवीस के CM बनने के बाद से शक्ति-संतुलन साफ़ तौर पर BJP की ओर झुका है, और स्थानीय निकाय चुनाव इस तनाव की पहली बड़ी परीक्षा होंगे। शिंदे के ‘दोबारा CM’ वाले दावे को राजनीतिक बयानबाज़ी से ज़्यादा, गठबंधन के भीतर सौदेबाज़ी की चाल के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अब्दुल सत्तार ने BJP पर क्या आरोप लगाया है?
शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने आरोप लगाया है कि BJP के निचले स्तर के कार्यकर्ता ज़िलों में शिवसेना को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं और गठबंधन सहयोगी होने के बावजूद उसे दरकिनार कर अपने लिए सत्ता मज़बूत कर रहे हैं। उन्होंने इसे ‘धीमा जहर’ बताया है, जो महायुति को अंदर से खोखला कर रहा है।
अब्दुल सत्तार कौन हैं?
अब्दुल सत्तार महाराष्ट्र की शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के विधायक हैं और पार्टी के मुखर चेहरों में गिने जाते हैं। उन्होंने पहले शिंदे सरकार में मंत्री पद भी संभाला है।
क्या यह बयान महायुति गठबंधन के लिए ख़तरा है?
विश्लेषकों के अनुसार यह बयान महायुति के भीतर बढ़ते तनाव का स्पष्ट संकेत है, ख़ासकर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के संदर्भ में। हालाँकि गठबंधन तत्काल टूटने की संभावना नहीं है, लेकिन सीट बँटवारे की रस्साकशी और तीखी हो सकती है।
क्या एकनाथ शिंदे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे?
अब्दुल सत्तार ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे संभवतः ढाई साल बाद फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालाँकि यह केवल उनका व्यक्तिगत दावा है; BJP या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से ऐसी किसी व्यवस्था की पुष्टि नहीं हुई है।
सत्तार ने फडणवीस और शिंदे से क्या अपील की है?
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे दोनों से अपील की है कि वे ज़िलों में शिवसेना के साथ हो रहे कथित अन्याय को गंभीरता से लें और इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करवाएँ, ताकि गठबंधन की मज़बूती बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले