फडणवीस संग दोस्ती पर शिंदे ने सुनाया शेर — 'पानी की तरह है दोस्ती, हम जुदा नहीं होंगे'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार, 10 जुलाई को विधान परिषद में अपने संबोधन के दौरान सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का जोरदार बचाव किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ कथित मतभेदों की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने विपक्ष पर मीडिया ट्रायल का आरोप लगाते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की उपलब्धियाँ गिनाईं।
शेर से दिया विपक्ष को जवाब
फडणवीस और अपने बीच दूरी बनाने की कोशिशों पर पलटवार करते हुए शिंदे ने सदन में एक उर्दू शेर सुनाया जो उन्होंने मुख्यमंत्री को समर्पित किया। शेर के बोल थे — 'हम वो नहीं जो दिल तोड़ देंगे, थाम कर हाथ फिर साथ छोड़ देंगे। पानी की तरह दोस्ती हमारी, कोई कितना भी चाहे, हम जुदा नहीं होंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच पूरा विश्वास कायम है और गठबंधन में दरार की खबरें निराधार हैं।
शरद पवार की मुलाकात पर सफाई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार के उनके कार्यालय पहुँचने को लेकर उठे सवालों पर शिंदे ने कहा कि यह महज शिष्टाचार था, कोई राजनीतिक रणनीति नहीं। उन्होंने बताया कि सीमा विवाद से जुड़ी एक बैठक के बाद पवार उनके दफ्तर में आए थे, जबकि वे स्वयं उस समय कैबिनेट बैठक में थे। शिंदे ने कहा, 'शरद पवार एक वरिष्ठ नेता हैं। जैसे ही मुझे पता चला कि वे मेरे कार्यालय में हैं, मैंने महाराष्ट्र की परंपरा के अनुसार उन्हें शॉल और श्रीफल देकर स्वागत किया।' उन्होंने इस पर हो रही आलोचना को ईर्ष्या और बेचैनी का परिणाम बताया।
उद्धव गुट पर कटाक्ष
शिंदे ने शिवसेना (UBT) के 'राम रक्षा' आंदोलन पर व्यंग्य करते हुए कहा कि 'कुछ लोगों को सत्ता में रहते समय केवल दाम की चिंता रहती है और सत्ता जाने के बाद राम याद आते हैं।' शिवसेना (UBT) के चुनाव चिन्ह 'मशाल' पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यदि चिन्ह सिगरेट लाइटर होता तो शायद दावा होता कि हनुमान जी ने लाइटर से लंका जलाई। गौरतलब है कि शिवसेना (UBT) के नेता और विधान परिषद सदस्य मिलिंद नार्वेकर की शिंदे ने सराहना की — उन्होंने कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट की सुरक्षा संबंधी तथ्यों पर सच बोलने का साहस दिखाने के लिए नार्वेकर प्रशंसा के पात्र हैं।
किसान और बारिश पर सरकार का रुख
शिंदे ने बताया कि 1 जुलाई के बाद मुंबई, पुणे, नासिक और पालघर में भारी बारिश हुई है, जबकि विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में अभी पर्याप्त वर्षा का इंतजार है। राज्य में 50 से 55 प्रतिशत बुआई पूरी हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और फसल नुकसान मुआवजे, घोंघों से फसल क्षति की भरपाई तथा ₹2 लाख तक की कर्जमाफी के लिए सरकार पहले ही हजारों करोड़ रुपए आवंटित कर चुकी है।
बुनियादी ढाँचा और यात्रा इंतजाम
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए शिंदे ने कहा कि सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है। परियोजना पूरी होने पर मुंबई और पुणे के बीच यात्रा समय 40 मिनट तक कम होगा और प्रतिदिन लगभग ₹1 करोड़ के ईंधन की बचत होगी। पंढरपुर और आलंदी की वार्षिक यात्रा के लिए सरकार ने टोल शुल्क में छूट, 5,500 राज्य परिवहन बसें, स्वास्थ्य सुविधाएँ, मोबाइल शौचालय और एयर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई है। अपने संबोधन के अंत में शिंदे ने विपक्ष को चेतावनी दी कि विकास परियोजनाओं पर निराधार आरोप महाराष्ट्र की प्रगतिशील छवि को नुकसान पहुँचाते हैं।