एबीवीपी की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक एर्नाकुलम में संपन्न, पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन और 'वंदे मातरम' अभियान पर बड़े फैसले
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक 3 अगस्त 2026 को केरल के एर्नाकुलम में संपन्न हुई, जिसमें संगठनात्मक समीक्षा, समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों और आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में झारखंड, बिहार, कर्नाटक और पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के विरुद्ध छात्र आंदोलनों को संगठन का पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में जेपीएससी, बीपीएससी, केपीएससी एवं पंजाब की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध चल रहे विद्यार्थी संघर्ष को एबीवीपी ने अपना समर्थन दोहराया। संगठन ने समाज के विभिन्न वर्गों और नागरिक संगठनों से भी इस आंदोलन में सहभागिता का आह्वान किया। गौरतलब है कि झारखंड में पेपर लीक की खबर सामने आते ही एबीवीपी ने सबसे पहले राज्यपाल को विस्तृत ज्ञापन सौंपा था।
परीक्षा सुधार पर एबीवीपी का रुख
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, 'झारखंड, बिहार, कर्नाटक एवं पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि एबीवीपी नीट परीक्षा में अनियमितताओं के बाद भारत सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष परीक्षा प्रणाली में संस्थागत सुधारों के लिए अपने विस्तृत सुझाव एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। संगठन का मानना है कि प्रत्येक विद्यार्थी को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली मिलना उसका मौलिक अधिकार है।
राष्ट्रीय अभियानों की कार्ययोजना
बैठक में 'वंदे मातरम' को देशभर के शैक्षणिक परिसरों तक व्यापक रूप से पहुँचाने का निर्णय लिया गया। 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा रैली, 'एक गांव-एक तिरंगा' अभियान और सामूहिक वंदे मातरम् गायन के आयोजन की रूपरेखा निर्धारित की गई। इसके अलावा केरल के शैक्षणिक परिसरों में 'कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्' और 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' अभियान को विशेष रूप से संचालित करने की योजना बनाई गई।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
डॉ. सोलंकी ने कहा, 'आगामी समय में केरल के शैक्षणिक परिसरों में इन अभियानों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सकारात्मक परिसर संस्कृति, नेतृत्व क्षमता एवं सक्रिय जनभागीदारी को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय कार्यसमिति में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप एबीवीपी का प्रत्येक कार्यकर्ता छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति के रूप में संगठित करने के संकल्प को सशक्त करेगा।
क्या होगा आगे
एबीवीपी अब नीट अनियमितताओं पर गठित सरकारी उच्चस्तरीय समिति को अपनी अनुशंसाएं सौंपने की तैयारी में है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक के मुद्दे पर छात्र समुदाय में व्यापक आक्रोश है और परीक्षा सुधार की माँग जोर पकड़ रही है।