भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल ACV H-562, समुद्री क्षमता को मिली नई मजबूती
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तटरक्षक बल ने 23 सितंबर 2026 को स्वदेश में डिज़ाइन और निर्मित एयर कुशन व्हीकल ACV H-562 को अपने परिचालन बेड़े में शामिल किया। तटरक्षक बल के अनुसार, यह भारत में स्वदेशी रूप से निर्मित दूसरा एयर कुशन व्हीकल है, जो समुद्री निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को नई ऊँचाई देगा। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के तहत देश की बढ़ती स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
ACV H-562 की खासियतें
ACV H-562 का संपूर्ण डिज़ाइन और निर्माण भारत में ही किया गया है। एयर कुशन तकनीक पर आधारित यह पोत उन दुर्गम तटीय और उथले जल क्षेत्रों में भी परिचालन में सक्षम है, जहाँ पारंपरिक पोतों की पहुँच बेहद चुनौतीपूर्ण या असंभव होती है। यह विशेषता इसे खोज-बचाव, तटीय गश्त और आपदा राहत अभियानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बनाती है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पोत का बेड़े में शामिल होना तटरक्षक बल की परिचालन पहुँच और त्वरित कार्रवाई क्षमता दोनों को एक साथ सुदृढ़ करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री उपस्थिति को लगातार सशक्त कर रहा है।
स्वदेशी जहाज निर्माण को बढ़ावा
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ACV H-562 जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म का तटरक्षक बेड़े में शामिल होना देश की घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता के लिए एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे न केवल विदेशी आयात पर निर्भरता कम होती है, बल्कि देश में समुद्री रक्षा तकनीक के विकास को भी प्रोत्साहन मिलता है। गौरतलब है कि यह दूसरा स्वदेशी ACV है, जो दर्शाता है कि भारत की जहाज निर्माण क्षमता अब जटिल तकनीकी प्लेटफॉर्म तैयार करने में सक्षम हो रही है।
कमांडर्स कॉन्फ्रेंस की पृष्ठभूमि
यह शामिल करने की प्रक्रिया हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित तटरक्षक कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के बाद आई है, जो भारतीय तटरक्षक बल का सर्वोच्च वार्षिक पेशेवर मंच है। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ कमांडरों ने भाग लिया। बैठक में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों, ऑपरेशनल तैयारियों, क्षमता विकास, बुनियादी ढाँचे, प्रशिक्षण और स्वदेशीकरण पर विशेष मंथन किया गया।
सम्मेलन में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, ताकि तटरक्षक बल अपनी परिचालन जरूरतें देश में विकसित क्षमताओं के ज़रिये पूरी कर सके। रणनीतिक, प्रशासनिक और ऑपरेशनल प्राथमिकताओं की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
समुद्री सुरक्षा पर व्यापक असर
भारतीय तटरक्षक बल पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी निगरानी और समुद्री सुरक्षा क्षमता का विस्तार कर रहा है। ACV H-562 का शामिल होना इस दिशा में एक और ठोस कदम है। विशेषज्ञों के अनुसार, एयर कुशन व्हीकल तकनीक तटीय सुरक्षा के परिदृश्य को बदलने में सहायक हो सकती है, खासकर सुंदरबन जैसे नदी-मुहाना क्षेत्रों और उथले तटों पर। आने वाले समय में और अधिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म के बेड़े में शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।