अदाणी एंटरप्राइजेज QIP को ₹38,000 करोड़ की मांग, वैश्विक-घरेलू निवेशकों ने दिखाया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) का ₹15,000 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) इस सप्ताह 3.8 गुना अभिदान के साथ बंद हुआ — कुल बोलियाँ लगभग ₹38,000 करोड़ तक पहुँचीं। यह मांग कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड सहित दर्जनों वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशकों की जोरदार भागीदारी से आई, जो अदाणी ग्रुप के प्रति निवेशकों के बदलते रुख का स्पष्ट संकेत है।
QIP का विवरण और मांग
AEL ने शुरुआत में ₹10,000 करोड़ के बेस साइज के साथ QIP लॉन्च किया था। इश्यू के औपचारिक रूप से खुलने से पहले ही ऑर्डर बुक भर गई, जिसके बाद कंपनी ने इसका आकार बढ़ाकर ₹15,000 करोड़ कर दिया। इस प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों के अनुसार, निवेशक शेयर आवंटन के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।
यह QIP, ₹25,000 करोड़ के राइट्स इश्यू के एक वर्ष से भी कम समय बाद आया है। इस तरह पिछले एक साल में AEL की कुल इक्विटी पूँजी जुटाने की राशि लगभग ₹40,000 करोड़ हो गई है।
किन निवेशकों ने लगाई बोली
वैश्विक स्तर पर कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा ने इस QIP में हिस्सा लिया। घरेलू स्तर पर एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड ने भागीदारी की।
गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी ग्रीन एनर्जी में भी फंड जुटाने और सेकेंडरी ट्रांजैक्शन में दुनिया के शीर्ष एसेट मैनेजरों की भागीदारी रही है।
कानूनी पृष्ठभूमि और निवेशकों का रुख
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के एक फेडरल जज ने अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से हटाने पर रोक लगा दी है और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को अपने फैसले का औचित्य साबित करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी यह दर्शाती है कि बाज़ार प्रतिभागी ग्रुप के परिचालन व्यवसाय, पूँजी आवंटन और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
विस्तार योजनाएँ और बड़ा FDI
AEL एयरपोर्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व डेटा सेंटर, सोलर व विंड उपकरण निर्माण, सड़क, PVC, धातु और खनन क्षेत्रों में अपना कारोबार विस्तारित कर रही है। QIP से एक दिन पहले, कंपनी ने IHC के साथ मिलकर भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम निर्माण परियोजना शुरू करने के लिए $11.5 अरब (लगभग ₹95,000 करोड़) के निवेश की घोषणा की — जो भारत के धातु और खनन क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा घोषित विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) बताया जा रहा है।
आने वाले महीनों में AEL की विस्तार परियोजनाओं की प्रगति और कानूनी प्रक्रियाओं का घटनाक्रम निवेशकों की नज़र में अदाणी ग्रुप की साख को और परिभाषित करेगा।