6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, ओडिशा के चांदीपुर से भारत की सामरिक शक्ति का प्रदर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, ओडिशा के चांदीपुर से भारत की सामरिक शक्ति का प्रदर्शन

सारांश

भारत ने 6 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर से मध्यम दूरी की स्वदेशी मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण अग्नि-1 और 'कुश' मिसाइल के बाद हालिया महीनों में भारत की तीसरी बड़ी सामरिक उपलब्धि है, जो देश की प्रतिरोधक क्षमता को नई धार दे रही है।

मुख्य बातें

भारत ने 6 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया।
परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (SFC) की निगरानी में संपन्न हुआ; सभी परिचालन और तकनीकी मानक पूरे हुए।
रक्षा मंत्रालय ने परीक्षण को पूर्णतः सफल घोषित किया।
22 मई को अग्नि-1 और जुलाई में 'कुश' मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद यह भारत का हालिया महीनों में तीसरा बड़ा मिसाइल परीक्षण है।
DRDO द्वारा विकसित 'कुश' मिसाइल का पहला सफल उड़ान परीक्षण डॉ.
एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था।

भारत ने 6 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से मध्यम दूरी की स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (SFC) की निगरानी में संपन्न इस परीक्षण में मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की पुष्टि हुई। रक्षा मंत्रालय ने इसे पूरी तरह सफल घोषित किया।

परीक्षण का विवरण

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल ने निर्धारित उड़ान मार्ग का पूर्णतः पालन करते हुए सभी मिशन उद्देश्यों को हासिल किया। परीक्षण के दौरान अग्नि-4 ने अपनी परिचालन विश्वसनीयता को एक बार फिर साबित किया। यह मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित है और भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता की रीढ़ मानी जाती है।

सामरिक महत्व

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमित उपयोगकर्ता परीक्षणों से मिसाइल प्रणाली की युद्धक तैयारी और दीर्घकालिक विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है। अग्नि-4 देश की विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध नीति को व्यावहारिक रूप देने में अहम भूमिका निभाती है। यह परीक्षण भारत के सामरिक मिसाइल कार्यक्रम की निरंतर प्रगति का संकेत है।

हालिया परीक्षणों की श्रृंखला

गौरतलब है कि 22 मई को भी भारत ने इसी चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया था, जो कम दूरी पर सटीक मार करने में सक्षम है। इसके अलावा, बीते जुलाई माह में भारत ने लंबी दूरी की सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल 'कुश' का पहला सफल उड़ान परीक्षण ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया था। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित 'कुश' मिसाइल प्रणाली लंबी दूरी तक हवाई खतरों को बेअसर करने की क्षमता रखती है।

भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता

अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें DRDO और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के सहयोग से विकसित की गई हैं। यह ताजा परीक्षण ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समग्र रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत है। आने वाले महीनों में अग्नि श्रृंखला के अन्य संस्करणों के परीक्षण भी अपेक्षित बताए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध' नीति का व्यावहारिक संदेश है — खासकर तब, जब पड़ोसी देशों के साथ सामरिक तनाव के बीच भारत अपनी मिसाइल श्रृंखला को व्यापक बना रहा है। अग्नि-1, अग्नि-4 और 'कुश' — तीन अलग-अलग रेंज की मिसाइलों के हालिया परीक्षण यह संकेत देते हैं कि भारत अपनी पूरी सामरिक परत को एक साथ परिपक्व कर रहा है। सवाल यह है कि क्या यह तेज़ी महज परिचालन रखरखाव है या किसी बड़े सामरिक पुनर्संरेखण की तैयारी — जिसका जवाब रक्षा मंत्रालय अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं दे रहा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्नि-4 मिसाइल क्या है और यह कितनी दूरी तक मार कर सकती है?
अग्नि-4 भारत की स्वदेशी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे DRDO ने विकसित किया है। यह देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाती है और अग्नि मिसाइल श्रृंखला का एक प्रमुख हिस्सा है।
6 अगस्त का अग्नि-4 परीक्षण कहाँ और किसकी निगरानी में हुआ?
यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से किया गया। स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (SFC) की देखरेख में संपन्न इस परीक्षण में मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की सफलतापूर्वक पुष्टि हुई।
हाल के महीनों में भारत ने और कौन-कौन सी मिसाइलों का परीक्षण किया है?
22 मई को चांदीपुर से ही शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण हुआ था। जुलाई में DRDO द्वारा विकसित लंबी दूरी की सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल 'कुश' का पहला सफल उड़ान परीक्षण डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।
नियमित मिसाइल परीक्षण भारत की सुरक्षा के लिए क्यों ज़रूरी हैं?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित उपयोगकर्ता परीक्षण मिसाइल प्रणाली की युद्धक तैयारी और दीर्घकालिक विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हैं। इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि सेना के पास हर समय क्रियाशील और भरोसेमंद सामरिक हथियार उपलब्ध हों।
'कुश' मिसाइल प्रणाली क्या है?
'कुश' DRDO द्वारा विकसित एक लंबी दूरी की सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है। यह लंबी दूरी तक हवाई खतरों को बेअसर करने में सक्षम है और इसका पहला सफल उड़ान परीक्षण जुलाई में ओडिशा तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले