साबरमती रिवरफ्रंट और GTU परिसर का CM भूपेंद्र पटेल ने किया निरीक्षण, 2027 तक पूरा होगा काम
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 6 जून 2025 को अहमदाबाद से गांधीनगर तक विकसित की जा रही साबरमती रिवरफ्रंट विकास परियोजना और गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GTU) के नए परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। यह दौरा राज्य सरकार की प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया।
साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना का दायरा और स्थिति
मुख्यमंत्री ने साबरमती रिवरफ्रंट विकास परियोजना के तीनों चरणों का विस्तृत स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत अहमदाबाद से गांधीनगर तक लगभग 37.60 किलोमीटर लंबे क्षेत्र का समग्र विकास किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ मिलेंगी और यह स्थान एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि नर्मदा नहर के कराई क्षेत्र से PDEU, PDEU से शाहपुर पुल और शाहपुर पुल से चिलोडा पुल तक लगभग 17.20 किलोमीटर के क्षेत्र में विकास कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इस हिस्से में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और आसपास के इलाकों की संपर्क व्यवस्था को उन्नत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गांधीनगर और गिफ्ट सिटी क्षेत्र को विशेष लाभ
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गांधीनगर महानगर क्षेत्र और गिफ्ट सिटी के आसपास रहने वाले निवासियों को इस परियोजना से विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि गिफ्ट सिटी देश का पहला परिचालन स्मार्ट सिटी और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है, और इस परियोजना का उसकी कनेक्टिविटी पर सीधा असर पड़ेगा।
GTU के नए परिसर की समीक्षा
इसी दौरे में मुख्यमंत्री ने गांधीनगर के निकट लेकावाड़ा में निर्माणाधीन गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GTU) के नए परिसर का भी निरीक्षण किया। लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे इस परिसर की निर्माण प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि GTU का नया परिसर अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
परियोजनाओं की समयसीमा
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना के तीनों चरणों का कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरा होने की संभावना है। इस प्रकार दोनों प्रमुख परियोजनाएँ अगले दो वर्षों में क्रमशः पूर्ण होंगी, जो क्षेत्र के शहरी और शैक्षणिक परिदृश्य को नया रूप देंगी।
निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर जल संसाधन राज्य मंत्री ईश्वर सिंह पटेल, मुख्यमंत्री के सलाहकार एस.एस. राठौर तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने परियोजनाओं की विस्तृत स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। यह निरीक्षण दर्शाता है कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष स्तर पर निगरानी की जा रही है।