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साबरमती रिवरफ्रंट और GTU परिसर का CM भूपेंद्र पटेल ने किया निरीक्षण, 2027 तक पूरा होगा काम

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साबरमती रिवरफ्रंट और GTU परिसर का CM भूपेंद्र पटेल ने किया निरीक्षण, 2027 तक पूरा होगा काम

सारांश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 6 जून को साबरमती रिवरफ्रंट के 37.60 किमी विस्तार और GTU के 100 एकड़ नए परिसर का जमीनी निरीक्षण किया। दोनों परियोजनाएँ गांधीनगर-गिफ्ट सिटी क्षेत्र की कनेक्टिविटी और शिक्षा अवसंरचना को नई दिशा देंगी।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 6 जून 2025 को साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना के तीनों चरणों का स्थलीय निरीक्षण किया।
परियोजना का दायरा अहमदाबाद से गांधीनगर तक 37.60 किलोमीटर ; पूर्णता की समयसीमा 2027 के अंत तक।
जल संसाधन विभाग द्वारा कराई से चिलोडा पुल तक 17.20 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य जारी।
GTU का नया परिसर लेकावाड़ा में 100 एकड़ पर विकसित; अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद।
गांधीनगर महानगर क्षेत्र और गिफ्ट सिटी के निवासियों को बेहतर संपर्क और सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 6 जून 2025 को अहमदाबाद से गांधीनगर तक विकसित की जा रही साबरमती रिवरफ्रंट विकास परियोजना और गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GTU) के नए परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। यह दौरा राज्य सरकार की प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया।

साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना का दायरा और स्थिति

मुख्यमंत्री ने साबरमती रिवरफ्रंट विकास परियोजना के तीनों चरणों का विस्तृत स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत अहमदाबाद से गांधीनगर तक लगभग 37.60 किलोमीटर लंबे क्षेत्र का समग्र विकास किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ मिलेंगी और यह स्थान एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि नर्मदा नहर के कराई क्षेत्र से PDEU, PDEU से शाहपुर पुल और शाहपुर पुल से चिलोडा पुल तक लगभग 17.20 किलोमीटर के क्षेत्र में विकास कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इस हिस्से में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और आसपास के इलाकों की संपर्क व्यवस्था को उन्नत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गांधीनगर और गिफ्ट सिटी क्षेत्र को विशेष लाभ

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गांधीनगर महानगर क्षेत्र और गिफ्ट सिटी के आसपास रहने वाले निवासियों को इस परियोजना से विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि गिफ्ट सिटी देश का पहला परिचालन स्मार्ट सिटी और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है, और इस परियोजना का उसकी कनेक्टिविटी पर सीधा असर पड़ेगा।

GTU के नए परिसर की समीक्षा

इसी दौरे में मुख्यमंत्री ने गांधीनगर के निकट लेकावाड़ा में निर्माणाधीन गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GTU) के नए परिसर का भी निरीक्षण किया। लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे इस परिसर की निर्माण प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि GTU का नया परिसर अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

परियोजनाओं की समयसीमा

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना के तीनों चरणों का कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरा होने की संभावना है। इस प्रकार दोनों प्रमुख परियोजनाएँ अगले दो वर्षों में क्रमशः पूर्ण होंगी, जो क्षेत्र के शहरी और शैक्षणिक परिदृश्य को नया रूप देंगी।

निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर जल संसाधन राज्य मंत्री ईश्वर सिंह पटेल, मुख्यमंत्री के सलाहकार एस.एस. राठौर तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने परियोजनाओं की विस्तृत स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। यह निरीक्षण दर्शाता है कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष स्तर पर निगरानी की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — गुजरात में बड़े शहरी प्रोजेक्ट अक्सर समयसीमा से आगे खिसकते रहे हैं। गिफ्ट सिटी और गांधीनगर महानगर क्षेत्र की तेज़ वृद्धि के मद्देनज़र यह कनेक्टिविटी निवेश तार्किक है, परंतु 2027 की समयसीमा तभी विश्वसनीय होगी जब जल संसाधन विभाग और अन्य एजेंसियाँ समन्वित तरीके से काम करें। मुख्यमंत्री स्तर का सीधा निरीक्षण जवाबदेही का संकेत है, पर नागरिकों को ठोस मील के पत्थर और पारदर्शी प्रगति रिपोर्ट की दरकार है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साबरमती रिवरफ्रंट विकास परियोजना का विस्तार कितना है और यह कब पूरी होगी?
यह परियोजना अहमदाबाद से गांधीनगर तक लगभग 37.60 किलोमीटर क्षेत्र में फैली है और तीन चरणों में विकसित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों चरणों का कार्य 2027 के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
GTU का नया परिसर कहाँ बन रहा है और इसकी समयसीमा क्या है?
गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का नया परिसर गांधीनगर के निकट लेकावाड़ा में लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसका निर्माण अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
रिवरफ्रंट परियोजना से किन इलाकों को सबसे ज़्यादा फायदा होगा?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अनुसार, गांधीनगर महानगर क्षेत्र और गिफ्ट सिटी के आसपास रहने वाले निवासियों को इस परियोजना से विशेष लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
रिवरफ्रंट परियोजना में जल संसाधन विभाग की क्या भूमिका है?
जल संसाधन विभाग नर्मदा नहर के कराई क्षेत्र से PDEU, PDEU से शाहपुर पुल और शाहपुर पुल से चिलोडा पुल तक लगभग 17.20 किलोमीटर क्षेत्र में विकास कार्य कर रहा है। इस हिस्से में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना और क्षेत्रीय संपर्क सुधारना मुख्य उद्देश्य है।
6 जून के निरीक्षण दौरे में कौन-कौन से अधिकारी उपस्थित थे?
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन राज्य मंत्री ईश्वर सिंह पटेल, मुख्यमंत्री के सलाहकार एस.एस. राठौर तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
राष्ट्र प्रेस
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