अहमदाबाद: नीट परीक्षा रद्द होने पर 23 लाख छात्रों में रोष, एनटीए पर उठे गंभीर सवाल

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अहमदाबाद: नीट परीक्षा रद्द होने पर 23 लाख छात्रों में रोष, एनटीए पर उठे गंभीर सवाल

सारांश

अहमदाबाद में नीट परीक्षा रद्द होने से 23 लाख छात्रों और उनके परिवारों में गहरा आक्रोश है। दो साल की मेहनत पर पानी फिरने और NTA की कथित लापरवाही पर कोचिंग संचालकों व छात्राओं ने कड़े सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

नीट परीक्षा रद्द होने से अहमदाबाद सहित देशभर के 23 लाख छात्र प्रभावित।
कोचिंग निदेशक विशाल पटेल ने पेपर लीक को परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल बताया।
कोचिंग निदेशक हरमीत शाह के संस्थान के 50 छात्रों ने दो वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा दी थी।
छात्राओं नर्सी और दीया ने मानसिक तनाव और दोबारा तैयारी की चुनौती पर चिंता जताई।
NTA की लापरवाही पर छात्रों ने सरकार से पेपर लीक रोकने की माँग की।

अहमदाबाद में नीट परीक्षा रद्द होने की खबर ने 23 लाख से अधिक छात्रों, उनके अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों के संचालकों में गहरा आक्रोश भर दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर अविश्वास और भविष्य को लेकर गहरी चिंता के बीच, 12 मई को अहमदाबाद के कोचिंग निदेशकों और छात्राओं ने खुलकर अपनी पीड़ा साझा की। पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द हुई यह परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।

कोचिंग संचालकों की तीखी प्रतिक्रिया

कोचिंग संस्थान के निदेशक विशाल पटेल ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत विफलता की ओर इशारा करती हैं। 23 लाख छात्रों की दो साल की मेहनत और उनके परिवारों के त्याग को दाँव पर लगाने वाली किसी भी व्यवस्था को केवल पुनर्परीक्षा की तारीख देकर नहीं बचाया जा सकता। असली सवाल यह है कि पेपर लीक की जवाबदेही तय करने और परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या ठोस संरचनात्मक सुधार करेगी — क्योंकि हर बार माफ़ी और री-एग्ज़ाम से छात्रों का भरोसा और टूटता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट परीक्षा 2026 क्यों रद्द की गई?
नीट परीक्षा 2026 को पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द किया गया। इससे देशभर के 23 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं और NTA पर गंभीर सवाल उठे हैं।
नीट परीक्षा रद्द होने से कितने छात्र प्रभावित हुए?
इस परीक्षा में 23 लाख छात्रों ने भाग लिया था, जो सभी प्रभावित हुए हैं। इन छात्रों ने दो वर्षों की कड़ी मेहनत और अपने परिवारों के त्याग के बाद यह परीक्षा दी थी।
अहमदाबाद के कोचिंग संचालकों ने NTA पर क्या आरोप लगाए?
कोचिंग निदेशक विशाल पटेल ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होना व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है। वहीं हरमीत शाह ने कहा कि उनके संस्थान के 50 छात्रों की दो साल की मेहनत व्यर्थ हो गई।
नीट परीक्षा दोबारा कब होगी?
अभी तक दोबारा परीक्षा की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। छात्रों और कोचिंग संचालकों ने NTA से जल्द स्पष्टता की माँग की है।
NTA की लापरवाही से छात्रों पर क्या असर पड़ा?
छात्राओं नर्सी और दीया सहित कई परीक्षार्थियों ने बताया कि दो साल की तैयारी के बाद परीक्षा रद्द होने से वे मानसिक रूप से टूट गई हैं। दोबारा उसी स्तर की तैयारी करना उनके लिए बड़ी चुनौती है।
राष्ट्र प्रेस