5 नवंबर 2026
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अहमदाबाद STP हादसा: ठेकेदार देगा मृत मजदूरों के परिवारों को ₹30-30 लाख, बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी

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अहमदाबाद STP हादसा: ठेकेदार देगा मृत मजदूरों के परिवारों को ₹30-30 लाख, बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी

सारांश

अहमदाबाद के सोला STP में 26 अक्टूबर को हुए हादसे में दो मजदूरों की मौत के बाद ठेकेदार HNB Engineers ने प्रत्येक परिवार को ₹30 लाख मुआवजा और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने पर सहमति जताई है। AMC ने ठेकेदार पर ₹50 लाख का अलग जुर्माना भी लगाया है।

मुख्य बातें

26 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के सोला स्थित निर्माणाधीन STP में पंप हाउस के संप में गिरने से अभिषेक (28) और मनोज (40) की मौत हो गई।
ठेकेदार दोनों मृत मजदूरों के परिवारों को ₹30-30 लाख मुआवजा देगा और उनके बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगा।
AMC ने ठेकेदार HNB Engineers Private Limited को लापरवाही के लिए ₹50 लाख जुर्माने का नोटिस जारी किया।
बचाव दल थलतेज और बोदकदेव से पहुँचा और ऑक्सीजन ब्रीदिंग अपैरेटस से 30-45 मिनट में बचाव अभियान पूरा किया।
दो अन्य घायल श्रमिकों को सोला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालत स्थिर है।
हादसे की पुलिस जाँच जारी है; सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनके उपयोग की पड़ताल हो रही है।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के सोला स्थित निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) हादसे में जान गंवाने वाले दो मजदूरों के परिवारों को ठेकेदार ₹30-30 लाख का मुआवजा देगा। इसके साथ ही, मृतकों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च भी ठेकेदार उठाएगा। यह फैसला गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को AMC की साप्ताहिक समिति की बैठक के बाद समिति अध्यक्ष कमलेश पटेल ने सुनाया।

हादसे का घटनाक्रम

26 अक्टूबर 2026 को सोला स्थित 30 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) क्षमता वाले निर्माणाधीन STP में एक गंभीर हादसा हुआ। काम के दौरान एक वेल्डर पंप हाउस के संप (गड्ढे) में गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में तीन अन्य श्रमिक भी संप में उतर गए।

इस हादसे में अभिषेक (28 वर्ष) और मनोज (40 वर्ष) नाम के दो मजदूरों की मौत हो गई। शेष दो को बचाकर सोला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

बचाव अभियान

112 हेल्पलाइन पर आपातकालीन कॉल मिलने के बाद थलतेज और बोदकदेव से फायर एवं इमरजेंसी सर्विस के कर्मचारी मौके पर पहुँचे। दमकलकर्मियों ने ऑक्सीजन ब्रीदिंग अपैरेटस का उपयोग करते हुए बचाव अभियान चलाया, जिसमें लगभग 30 से 45 मिनट का समय लगा।

मुआवजा और जुर्माना

AMC की साप्ताहिक समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने बताया कि ठेकेदार दोनों परिवारों के छोटे बच्चों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी उठाने पर सहमत हुआ है। उन्होंने कहा, 'शुरुआती जाँच से पता चलता है कि काम पूरा होने तक इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की थी।'

AMC ने ठेकेदार कंपनी HNB Engineers Private Limited को एक अलग नोटिस जारी कर लापरवाही के लिए ₹50 लाख का जुर्माना भरने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि यह जुर्माना मुआवजे से अतिरिक्त है।

जाँच में उठे सवाल

हादसे की पुलिस जाँच जारी है। जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए थे या नहीं, और काम के दौरान उनका सही तरीके से उपयोग किया गया था या नहीं। हादसे के सटीक हालात और मौतों के कारणों की पुष्टि अभी बाकी है।

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब निर्माण स्थलों पर श्रमिक सुरक्षा को लेकर देशभर में चिंताएँ बढ़ रही हैं। कंफाइन्ड स्पेस में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की यह कोई अकेली घटना नहीं है।

आगे क्या होगा

पुलिस जाँच के निष्कर्ष तय करेंगे कि ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के तहत मुकदमा दर्ज होगा या नहीं। AMC द्वारा जारी ₹50 लाख के जुर्माना नोटिस की भी समीक्षा जाँच रिपोर्ट के बाद होने की संभावना है। मृतकों के परिवारों को मुआवजे की राशि और बच्चों की शिक्षा के लिए एक औपचारिक समझौता किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये मौतें रोकी जा सकती थीं। कंफाइन्ड स्पेस में काम के दौरान 'रेस्क्यू-बाय-एंट्री' की जो घातक प्रतिक्रिया हुई — जहाँ बचाने वाले खुद फंस गए — वह बुनियादी सुरक्षा प्रशिक्षण की अनुपस्थिति की ओर इशारा करती है। AMC का ₹50 लाख का जुर्माना नोटिस दंडात्मक से ज़्यादा प्रतीकात्मक लगता है, जब तक जाँच यह स्थापित नहीं कर देती कि किसने, कब और कैसे सुरक्षा नियमों की अनदेखी की। नगर निगम परियोजनाओं में उपठेकेदारी की जो परतें होती हैं, उनमें जवाबदेही अक्सर धुंधली हो जाती है — इस बार पुलिस जाँच को वह धुंध साफ करनी होगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद STP हादसा क्या था और कब हुआ?
यह हादसा 26 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के सोला स्थित 30 MLD क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में हुआ। एक वेल्डर पंप हाउस के संप में गिर गया और उसे बचाने उतरे तीन अन्य लोगों में से दो — अभिषेक (28) और मनोज (40) — की मौत हो गई।
मृत मजदूरों के परिवारों को कितना मुआवजा मिलेगा?
ठेकेदार दोनों मृत मजदूरों के परिवारों को ₹30-30 लाख का मुआवजा देगा। इसके अतिरिक्त, वह मृतकों के बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च भी उठाएगा। यह घोषणा AMC की साप्ताहिक समिति अध्यक्ष कमलेश पटेल ने 5 नवंबर को की।
AMC ने ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की है?
अहमदाबाद नगर निगम ने ठेकेदार HNB Engineers Private Limited को लापरवाही के लिए ₹50 लाख जुर्माना भरने का नोटिस अलग से जारी किया है। यह राशि मुआवजे के अतिरिक्त है।
हादसे में बचाव अभियान कैसे चला?
112 हेल्पलाइन पर कॉल के बाद थलतेज और बोदकदेव से फायर एवं इमरजेंसी सर्विस टीम मौके पर पहुँची। दमकलकर्मियों ने ऑक्सीजन ब्रीदिंग अपैरेटस का उपयोग कर 30 से 45 मिनट में बचाव अभियान पूरा किया और दो जीवित श्रमिकों को सोला सिविल अस्पताल पहुँचाया।
इस हादसे की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
पुलिस जाँच जारी है। जाँच में यह देखा जा रहा है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए थे या नहीं और उनका सही इस्तेमाल हुआ था या नहीं। हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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