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अकाली दल को बड़ा झटका: राजमोहिंदर सिंह मजीठा समेत तीन नेता AAP में शामिल

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अकाली दल को बड़ा झटका: राजमोहिंदर सिंह मजीठा समेत तीन नेता AAP में शामिल

सारांश

माझा क्षेत्र के वरिष्ठ अकाली नेता और चीफ खालसा दीवान प्रमुख राजमोहिंदर सिंह मजीठा समेत तीन प्रतिष्ठित हस्तियों का AAP में शामिल होना शिरोमणि अकाली दल (बादल) के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है और पंजाब में सत्तारूढ़ दल की पकड़ को और मज़बूत करता है।

मुख्य बातें

पूर्व राज्यसभा सदस्य और चीफ खालसा दीवान प्रमुख राजमोहिंदर सिंह मजीठा ने 25 मई 2025 को आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली।
पूर्व आरटीआई आयुक्त हेमिंदर सिंह मजीठा और चीफ खालसा दीवान सदस्य सुखदीप सिंह मजीठा भी AAP में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट कर तीनों नेताओं का हार्दिक स्वागत किया।
शिरोमणि अकाली दल (बादल) के पारंपरिक गढ़ माझा क्षेत्र में AAP की स्थिति और मज़बूत हुई।
मजीठा निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी तलबीर सिंह गिल भी शामिल होने के अवसर पर उपस्थित रहे।

पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (बादल) को 25 मई 2025 को बड़ा राजनीतिक धक्का लगा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सदस्य और चीफ खालसा दीवान के प्रमुख राजमोहिंदर सिंह मजीठा ने आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन थाम लिया। माझा क्षेत्र में अपनी पकड़ रखने वाले इस वरिष्ठ नेता के AAP में आने से पंजाब की राजनीतिक समीकरण में हलचल मच गई है।

कौन-कौन हुए शामिल

राजमोहिंदर सिंह मजीठा के साथ-साथ पूर्व आरटीआई आयुक्त हेमिंदर सिंह मजीठा और चीफ खालसा दीवान के वर्तमान सदस्य सुखदीप सिंह मजीठा भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। इस अवसर पर मजीठा निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी तलबीर सिंह गिल भी उपस्थित रहे। तीनों नेता धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में प्रतिष्ठित हस्तियाँ मानी जाती हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज आम आदमी पार्टी परिवार में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और अहम सदस्य जुड़ गया है।' मान ने कहा कि राज्य सरकार के विकास कार्यों और जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर समाज के विभिन्न वर्गों के लोग और नेता लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं।

माझा क्षेत्र में AAP की मजबूती

मजीठा क्षेत्र परंपरागत रूप से शिरोमणि अकाली दल का गढ़ माना जाता रहा है। राजमोहिंदर सिंह मजीठा जैसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता का AAP में जाना माझा क्षेत्र में पार्टी की जड़ें और गहरी करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अकाली दल अपनी आंतरिक चुनौतियों और घटते जनाधार से जूझ रहा है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इन अनुभवी नेताओं का समर्थन 'रंगला पंजाब' के निर्माण के सपने को और मजबूत करेगा। AAP सरकार ने स्पष्ट किया कि वह पंजाब की प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है। राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र अब इस बात पर है कि क्या अकाली दल से और नेता पाला बदलते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि ये नेता ज़मीनी समर्थन कितना खींच पाते हैं — क्योंकि पंजाब में दलबदल की राजनीति का इतिहास हमेशा वोटों में नहीं बदला।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजमोहिंदर सिंह मजीठा कौन हैं और वे क्यों चर्चा में हैं?
राजमोहिंदर सिंह मजीठा शिरोमणि अकाली दल (बादल) के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सदस्य और चीफ खालसा दीवान के प्रमुख हैं। 25 मई 2025 को उन्होंने अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई।
राजमोहिंदर सिंह मजीठा के साथ AAP में और कौन शामिल हुए?
राजमोहिंदर सिंह मजीठा के साथ पूर्व आरटीआई आयुक्त हेमिंदर सिंह मजीठा और चीफ खालसा दीवान के वर्तमान सदस्य सुखदीप सिंह मजीठा भी आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। तीनों पंजाब के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में प्रतिष्ठित माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'आज आम आदमी पार्टी परिवार में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और अहम सदस्य जुड़ गया है।' उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर समाज के विभिन्न वर्गों के नेता लगातार पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
इस घटनाक्रम का शिरोमणि अकाली दल पर क्या असर पड़ेगा?
माझा क्षेत्र अकाली दल का परंपरागत गढ़ रहा है और यहाँ से वरिष्ठ नेताओं का जाना पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। 2022 की विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद यह घटनाक्रम अकाली दल की पुनर्स्थापना की कोशिशों को और कठिन बना सकता है।
चीफ खालसा दीवान क्या है और इसका राजनीतिक महत्व क्यों है?
चीफ खालसा दीवान पंजाब की एक प्रतिष्ठित सिख सामाजिक-धार्मिक संस्था है जिसकी माझा क्षेत्र में गहरी पैठ है। इस संस्था के प्रमुख का AAP में शामिल होना पार्टी को धार्मिक और सामाजिक आधार पर भी मज़बूती देता है, जो आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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