12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव का बड़ा दावा: यूपी में सपा सरकार बनी तो दिल्ली में मोदी सरकार गिर जाएगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव का बड़ा दावा: यूपी में सपा सरकार बनी तो दिल्ली में मोदी सरकार गिर जाएगी

सारांश

अखिलेश यादव ने लखनऊ में राहुल गांधी के 'मोदी सरकार गिरेगी' वाले बयान का समर्थन किया और दावा किया कि यूपी में सपा सत्ता में आई तो दिल्ली की सरकार अपने आप गिर जाएगी। साथ ही उन्होंने फर्जी एनकाउंटर, बुलडोजर राजनीति और महिला सुरक्षा पर भाजपा को घेरा।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 26 मई 2026 को लखनऊ में कहा कि यूपी में सपा सरकार बनी तो दिल्ली में मोदी सरकार गिर जाएगी।
उन्होंने राहुल गांधी के 'एक साल में केंद्र सरकार गिरेगी' वाले बयान का पूरा समर्थन किया।
NDA नेताओं ने राहुल गांधी के मूल बयान पर तीखी आलोचना की थी।
अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में कथित फर्जी एनकाउंटरों को संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया; 2020 हाथरस कांड से तुलना की।
BJP पर आरोप — जाति-धर्म देखकर एनकाउंटर और PDA वर्ग को डराने की साजिश।
सपा नेताओं ने मेधावी छात्रों को लैपटॉप वितरित कर सम्मानित किया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 26 मई 2026 को लखनऊ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान का पुरज़ोर समर्थन किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एक वर्ष के भीतर केंद्र में मोदी सरकार गिर जाएगी। अखिलेश ने एक कदम आगे जाते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तो दिल्ली की सत्ता अपने आप डोल जाएगी। इस बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

राहुल के बयान पर अखिलेश की मुहर

लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'राहुल गांधी ने जो कहा है, बिल्कुल ठीक कहा है। अगर यूपी में हमारी सरकार बनी तो दिल्ली में सरकार गिर जाएगी।' गौरतलब है कि राहुल गांधी के मूल बयान पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने तीखी आलोचना की थी और उसे राजनीतिक कल्पना करार दिया था। अखिलेश के इस समर्थन से विपक्षी एकजुटता का संकेत मिलता है, हालाँकि दोनों दलों के बीच यूपी में सीट-बँटवारे की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।

फर्जी एनकाउंटर पर सीधा हमला

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी निशाना साधा और कथित फर्जी मुठभेड़ों को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि फर्जी मुठभेड़ें संविधान में निहित कानून के शासन और सामाजिक न्याय को पूरी तरह नकारती हैं। उनके अनुसार, परिवार के सदस्यों के बयानों और आ रही रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि सरकार द्वारा फर्जी एनकाउंटर कराने की एक सुनियोजित साजिश जारी है — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

उन्होंने 2020 के हाथरस कांड का हवाला देते हुए कहा कि 2026 में भी वैसी ही स्थिति दिख रही है। उनका आरोप था कि राज्य सरकार अपने संसाधनों का उपयोग सच्चाई को दबाने में कर रही है और आँकड़ों से यह स्पष्ट है कि अपराध के वास्तविक आँकड़े छिपाए जा रहे हैं।

भाजपा पर बुलडोजर और भेदभाव के आरोप

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई का सहारा लेती है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ और बेटियाँ सबसे अधिक असुरक्षित भाजपा-शासित राज्यों में हैं। उनका यह भी आरोप था कि सरकार जाति और धर्म देखकर एनकाउंटर कराती है और इस तरह पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग को डराकर उनका हक छीनने की कोशिश की जा रही है।

टॉपर छात्रों को लैपटॉप वितरण

राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच अखिलेश यादव ने एक सामाजिक पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मेधावी छात्रों को लैपटॉप प्रदान किए और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा, 'भले ही हम सरकार में नहीं हैं, लेकिन हमारी पार्टी टॉपर्स को सम्मानित करना चाहती है और कर रही है।' यह पहल पार्टी की शिक्षा-समर्थक छवि को मज़बूत करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

आगे की राजनीतिक दिशा

अखिलेश के इस बयान को यूपी विधानसभा चुनाव की पूर्व-तैयारी के रूप में भी पढ़ा जा रहा है। विपक्षी गठबंधन की रणनीति स्पष्ट है — यूपी को केंद्र सरकार की 'कुंजी' के रूप में प्रस्तुत करना। आने वाले महीनों में यह देखना होगा कि कांग्रेस और सपा का यह सुर-मेल औपचारिक गठबंधन का रूप लेता है या केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि दोनों एक ही सुर में बोल रहे हैं। फर्जी एनकाउंटर के आरोप गंभीर हैं, परंतु इनकी स्वतंत्र न्यायिक जाँच की माँग किए बिना ये केवल राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि विपक्ष की यह 'एकता' असल में चुनावी गणित है — और जब तक यूपी में गठबंधन की औपचारिक रूपरेखा नहीं आती, यह सुर-मेल केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने मोदी सरकार गिरने का दावा क्यों किया?
अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन करते हुए यह दावा किया, जिसमें राहुल ने कहा था कि एक साल के भीतर केंद्र में मोदी सरकार गिर जाएगी। अखिलेश ने इसमें जोड़ा कि यदि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनी, तो दिल्ली की सत्ता भी बदल जाएगी।
अखिलेश यादव ने फर्जी एनकाउंटर पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने कथित फर्जी मुठभेड़ों को लोकतंत्र और संविधान के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारों के बयानों और रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि सरकार जाति-धर्म देखकर एनकाउंटर करा रही है, हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
NDA ने राहुल गांधी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
NDA नेताओं ने राहुल गांधी के 'मोदी सरकार एक साल में गिरेगी' वाले बयान पर तीखी आलोचना की थी और उसे राजनीतिक रूप से निराधार बताया था। अखिलेश के समर्थन के बाद यह विवाद और गहरा हो गया है।
अखिलेश यादव ने हाथरस का ज़िक्र क्यों किया?
अखिलेश ने 2020 के हाथरस कांड का हवाला देते हुए कहा कि 2026 में भी महिलाओं के साथ वैसे ही अत्याचार हो रहे हैं। उनका तर्क था कि भाजपा-शासित राज्यों में महिलाएँ सबसे अधिक असुरक्षित हैं और सरकार आँकड़े छिपा रही है।
सपा ने छात्रों को लैपटॉप क्यों बाँटे?
अखिलेश यादव ने बताया कि सपा नेताओं ने मेधावी टॉपर छात्रों को लैपटॉप देकर सम्मानित किया, भले ही पार्टी सत्ता में नहीं है। उन्होंने इसे पार्टी की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की नई पहल बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले