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अखिलेश यादव 'इंडिया' ब्लॉक बैठक से अनुपस्थित, कांग्रेस TMC ने कहा — रामगोपाल का नामांकन था प्राथमिकता

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अखिलेश यादव 'इंडिया' ब्लॉक बैठक से अनुपस्थित, कांग्रेस TMC ने कहा — रामगोपाल का नामांकन था प्राथमिकता

सारांश

अखिलेश यादव की 'इंडिया' ब्लॉक बैठक से गैरहाजिरी ने विपक्षी एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। TMC और कांग्रेस ने इसे सामान्य बताया, लेकिन 2027 के यूपी चुनावों के लिए सपा कांग्रेस सीट बँटवारे पर अभी तक कोई समझौता नहीं — यही असली तस्वीर है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव 30 सितंबर 2026 को दिल्ली में हुई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुए।
TMC सांसद सौगत रॉय के अनुसार, अखिलेश लखनऊ में रामगोपाल यादव का नामांकन दाखिल करने के लिए रुके थे।
कांग्रेस प्रभारी राजेंद्रपाल गौतम ने कहा — बैठक में शामिल होना या न होना अखिलेश का अधिकार है।
बैठक का एजेंडा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और चुनाव आयोग पर विपक्ष की चिंताएँ थीं।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए सपा कांग्रेस के बीच सीट बँटवारे पर अभी कोई समझौता नहीं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव 30 सितंबर 2026 को दिल्ली में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की अहम बैठक में शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति ऐसे समय में दर्ज हुई जब विपक्षी एकजुटता और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए सीट बँटवारे को लेकर सवाल पहले से ही चर्चा में हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस दोनों ने इस गैरहाजिरी को सामान्य करार दिया।

बैठक से क्यों दूर रहे अखिलेश

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव ने गठबंधन को पहले ही सूचित कर दिया था। उन्होंने कहा, "हाँ, हमें यह पता है। अखिलेश यादव ने हमें पहले ही बता दिया था कि वे आज लखनऊ में रामगोपाल यादव का नॉमिनेशन फाइल करने के लिए मौजूद रहेंगे।"

रॉय ने इस बैठक को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा, "यह कम समय में 'इंडिया' गठबंधन की बैठक आयोजित करने की कोशिश है, जो एक अच्छी बात है।" उनके अनुसार, गैरहाजिरी गठबंधन में किसी亀दरार का संकेत नहीं है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्रपाल गौतम ने कहा कि बैठक में उपस्थित होना या प्रतिनिधि भेजना अखिलेश यादव का अधिकार है। उन्होंने कहा, "यह अखिलेश यादव को तय करना है कि 'इंडिया' गठबंधन का क्या महत्व है और इसे कितना महत्व देना है। वे खुद शामिल हों या अपने प्रतिनिधि को भेजें, यह उनका अधिकार है।"

गौतम ने जोर देकर कहा, "हमारा मकसद यह है कि 'इंडिया' गठबंधन मजबूत बना रहे, देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा हो और गठबंधन में शामिल सभी पार्टियों का सम्मान किया जाए, जो हम कर रहे हैं।"

बैठक का एजेंडा

दिल्ली में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों की चिंताओं पर चर्चा करना था। गठबंधन के कई सहयोगी दलों के नेता बैठक में उपस्थित रहे और इस मुद्दे पर एक समन्वित राजनीतिक रणनीति बनाने पर विचार विमर्श किया।

सपा कांग्रेस रिश्तों पर असर

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 'इंडिया' ब्लॉक के तहत मिलकर चुनाव लड़ा था और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को संयुक्त चुनौती दी थी। अब 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है, जिससे राज्य में उनके चुनावी तालमेल के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडिया' गठबंधन के भीतर समन्वय और नेतृत्व को लेकर विभिन्न घटक दलों के बीच अनौपचारिक तनाव की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़े राज्यों में सीट बँटवारे पर सहमति के बिना गठबंधन की एकजुटता महज औपचारिकता बनकर रह सकती है।

आगे क्या

विपक्षी गठबंधन की नज़रें अब उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग वार्ता पर टिकी हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ, गठबंधन के भीतर तालमेल की कमी भाजपा के लिए राजनीतिक अवसर बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग की कोई ठोस रूपरेखा क्यों नहीं बनी। 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली साझा सफलता के बावजूद दोनों दल राज्य स्तर पर अभी तक एकमत नहीं हैं — यह गठबंधन की संरचनात्मक कमज़ोरी को उजागर करता है। 'इंडिया' ब्लॉक के लिए खतरा यह नहीं कि एक बैठक में कोई नेता नहीं आया, बल्कि यह है कि बड़े राज्यों में सीट बँटवारे की देरी भाजपा को बिना मेहनत के राजनीतिक लाभ दे सकती है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक में क्यों नहीं आए?
TMC सांसद सौगत रॉय के अनुसार, अखिलेश यादव ने गठबंधन को पहले ही सूचित कर दिया था कि वे 30 सितंबर को लखनऊ में रामगोपाल यादव का नामांकन दाखिल करने के लिए उपस्थित रहेंगे। उनकी गैरहाजिरी को TMC और कांग्रेस दोनों ने पूर्व निर्धारित प्रतिबद्धता बताया।
'इंडिया' गठबंधन की 30 सितंबर की बैठक किस मुद्दे पर थी?
यह बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों की चिंताओं पर एक समन्वित राजनीतिक रणनीति बनाने के लिए आयोजित की गई थी। गठबंधन के कई सहयोगी दलों के नेता इसमें शामिल हुए।
सपा और कांग्रेस के बीच 2027 यूपी चुनावों के लिए सीट शेयरिंग की क्या स्थिति है?
अभी तक दोनों पार्टियों के बीच 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कोई ठोस सीट बँटवारा समझौता नहीं हो पाया है। इससे राज्य में उनके चुनावी तालमेल के भविष्य को लेकर अटकलें बनी हुई हैं।
कांग्रेस ने अखिलेश की गैरहाजिरी पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्रपाल गौतम ने कहा कि बैठक में शामिल होना या प्रतिनिधि भेजना अखिलेश यादव का अपना अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या अखिलेश की अनुपस्थिति से 'इंडिया' गठबंधन में दरार का संकेत मिलता है?
TMC और कांग्रेस दोनों ने इसे सामान्य बताया है और गठबंधन में किसी亀दरार से इनकार किया है। हालाँकि, 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए सीट शेयरिंग पर सहमति न बन पाने से गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल बने हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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