8 अक्टूबर 2026
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अखिलेश यादव इंडिया ब्लॉक लंच में नहीं पहुंचे: सपा नेता राजकुमार भाटी बोले — 'यूपी चुनाव प्राथमिकता'

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अखिलेश यादव इंडिया ब्लॉक लंच में नहीं पहुंचे: सपा नेता राजकुमार भाटी बोले — 'यूपी चुनाव प्राथमिकता'

सारांश

अखिलेश यादव के इंडिया ब्लॉक लंच से गैरहाज़िर रहने पर सपा नेता राजकुमार भाटी ने सफाई दी — 'यूपी चुनाव सर्वोपरि है।' साथ ही सपा और कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर देशभर में विरोध तेज़ किया। 13.5 करोड़ वोट काटने का आरोप भी उठा।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव 8 अक्टूबर 2026 को इंडिया ब्लॉक के लंच में शामिल नहीं हुए; अयोध्या में भागवत कथा में भाग लिया।
सपा नेता राजकुमार भाटी ने कहा — यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी अध्यक्ष की प्राथमिकता है।
रामजी लाल सुमन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर और जेल भेजने की माँग की।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने दावा किया कि 13.5 करोड़ लोगों के वोट काटे गए।
कांग्रेस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में काला दिवस मनाया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार 8 अक्टूबर 2026 को इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित लंच में शामिल नहीं हो सके, जिससे विपक्षी गठबंधन में एकजुटता को लेकर सियासी अटकलें तेज़ हो गईं। सपा नेता राजकुमार भाटी ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में पूरी तरह व्यस्त हैं और यह अनुपस्थिति कोई बड़ी बात नहीं है।

राजकुमार भाटी का स्पष्टीकरण

सपा नेता राजकुमार भाटी ने कहा, 'लंच में न जाना इतना महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे अध्यक्ष यूपी चुनाव में व्यस्त हैं और अगर यहाँ हम भाजपा को नहीं हरा पाए तो विपक्ष के लिए हताशा होगी।' भाटी ने यह भी कहा कि पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को परास्त करने पर केंद्रित है।

इसी के साथ भाटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए माँग की कि उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की यह माँग सपा को पूरी तरह मंज़ूर है।

अखिलेश यादव अयोध्या में भागवत कथा में शामिल हुए

लंच से अनुपस्थित रहने के बजाय अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या पहुँचे और वहाँ आयोजित भागवत कथा में हिस्सा लिया। यह दौरा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा की राज्य-केंद्रित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। गौरतलब है कि अयोध्या, जो धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील सीट है, 2027 में सपा के लिए एक बड़ा लक्ष्य होगी।

सपा के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन की तीखी प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को बाधित करने के प्रयासों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में विरोध करने के मौलिक अधिकार पर भी रोक लगाई जा रही है। प्रदर्शनों को नाकाम करने के लिए हरसंभव हथकंडा अपनाया गया।'

सुमन ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आरोप कांग्रेस या सपा ने नहीं, बल्कि चुनाव आयोग में उनके अपने सहयोगियों ने ही लगाए हैं। उन्होंने माँग की कि ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए।

कांग्रेस ने मनाया काला दिवस

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि पिछले दो दिनों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया ब्लॉक के कई सांसदों के साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर की गई बर्बरता के विरोध में कांग्रेस ने काला दिवस मनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की सरकार 'लोकतंत्र और संविधान की हत्या' कर रही है।

आराधना मिश्रा ने यह भी दावा किया कि 13.5 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं और इसके खिलाफ आवाज़ उठाना विपक्ष की 'नैतिक जिम्मेदारी' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 2027 के चुनाव नज़दीक आ रहे हैं। सपा की प्राथमिकता साफ़ तौर पर राज्य-स्तरीय राजनीति पर केंद्रित है, जबकि राष्ट्रीय गठबंधन की बैठकों में उसकी भागीदारी को लेकर सहयोगी दलों में बेचैनी बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में इंडिया ब्लॉक की रणनीति और सपा की भूमिका पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 2027 के यूपी चुनाव की दौड़ में राष्ट्रीय गठबंधन की प्रासंगिकता सपा के लिए घटती जा रही है। इंडिया ब्लॉक की ताकत तभी सार्थक है जब उसके बड़े घटक दल राष्ट्रीय मंचों पर एकजुट दिखें — लेकिन सपा की यूपी-केंद्रित रणनीति और बार-बार की अनुपस्थिति यह संकेत देती है कि गठबंधन का केंद्रत्व कमज़ोर पड़ रहा है। ज्ञानेश कुमार पर आरोपों के मामले में विपक्ष का रुख कथित तौर पर आक्रामक है, पर 13.5 करोड़ वोट काटने के दावे के लिए अभी तक कोई स्वतंत्र सत्यापन सामने नहीं आया है — जो विपक्ष की विश्वसनीयता के लिए भी ज़रूरी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव इंडिया ब्लॉक के लंच में क्यों नहीं गए?
सपा नेता राजकुमार भाटी के अनुसार, अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में व्यस्त थे। वे उसी दिन अयोध्या में आयोजित भागवत कथा में शामिल हुए।
इंडिया ब्लॉक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
इंडिया ब्लॉक के दलों — सपा और कांग्रेस — का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज में पक्षपात है। सपा के रामजी लाल सुमन के अनुसार, ज्ञानेश कुमार पर आरोप उनके अपने चुनाव आयोग के सहयोगियों ने लगाए हैं।
13.5 करोड़ वोट काटने का दावा किसने किया?
यूपी कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने दावा किया कि 13.5 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं। उन्होंने इसे 'मत की चोरी' बताया और कहा कि इसके खिलाफ आवाज़ उठाना विपक्ष की नैतिक जिम्मेदारी है।
काला दिवस क्यों मनाया गया?
कांग्रेस ने पिछले दो दिनों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ पुलिस द्वारा कथित बर्बरता के विरोध में काला दिवस मनाया। आराधना मिश्रा के अनुसार पूरे उत्तर प्रदेश में हर जिला और ब्लॉक मुख्यालय पर यह विरोध जारी रहा।
सपा की यूपी चुनाव 2027 को लेकर क्या रणनीति है?
सपा ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राजकुमार भाटी ने कहा कि यूपी में भाजपा को हराना पार्टी का मुख्य लक्ष्य है और यही कारण है कि अखिलेश यादव राष्ट्रीय गठबंधन की बजाय राज्य-स्तरीय अभियानों पर ध्यान दे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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