अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू के पुरानी मंडी स्थित श्री राम मंदिर से तीसरा जत्था रवाना, केंद्रीय बलों की चाक-चौबंद तैनाती
सारांश
मुख्य बातें
श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के तहत शनिवार, 5 जुलाई को संत समाज का तीसरा जत्था जम्मू की पुरानी मंडी स्थित श्री राम मंदिर से विधिवत रवाना हुआ। यात्रा की आधिकारिक शुरुआत 4 जुलाई को हो चुकी थी और इस पवित्र तीर्थयात्रा के लिए पूरे मार्ग पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सराहना हो रही है।
जत्थे का प्रस्थान और सुरक्षा व्यवस्था
संत समाज के तीसरे जत्थे ने जम्मू के पुरानी मंडी इलाके में स्थित श्री राम मंदिर से अमरनाथ धाम की ओर प्रयाण किया। मार्ग पर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती इस कदर की गई है कि हर चौक और मोड़ पर सुरक्षाकर्मी मुस्तैद हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि सुरक्षा इंतजाम इतने कड़े हैं कि पूरे मार्ग पर निगरानी निरंतर बनी हुई है।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
पहली बार यात्रा पर निकले एक श्रद्धालु ने कहा, 'यह मेरा पहला अनुभव है। यात्रा के लिए उत्साह इतना है कि शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बाबा का बुलावा आया है तो हम लोग चल पड़े हैं।' उन्होंने प्रशासन की व्यवस्था की भी सराहना की।
एक महिला श्रद्धालु ने कहा, 'बाबा का बुलावा आया है, तो जाना ही पड़ेगा। हम काफी खुश हैं और हमें कोई भी परेशानी नहीं है।' एक अन्य महिला श्रद्धालु ने कामना की कि बाबा बर्फानी सभी यात्रियों को सुरक्षित और सफल तीर्थयात्रा का आशीर्वाद दें।
तीसरे जत्थे में शामिल एक श्रद्धालु ने बताया, 'मेरी कोशिश थी कि पहले दिन ही जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। हमारा सौभाग्य है कि तीसरे जत्थे में जाने का मौका मिला।'
अनुच्छेद 370 हटने के बाद बदले हालात
कई श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में हालात पहले से काफी बेहतर हुए हैं। एक श्रद्धालु के अनुसार, 'पत्थरबाजी कम हो गई है और आतंकी घटनाओं को लेकर डर भी घटा है। इसी वजह से श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ गई है।' गौरतलब है कि बेहतर सुरक्षा माहौल के चलते इस वर्ष यात्रा में भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
प्रशासन और सेना की तैयारी
भारतीय सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। श्रद्धालुओं ने एकमत से कहा कि प्रशासन की व्यवस्था शानदार है और यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो रही। जत्थे सुरक्षित रूप से बाबा बर्फानी के दर्शन कर वापस भी लौट रहे हैं।
आगे क्या
श्री अमरनाथ यात्रा 2026 आने वाले हफ्तों तक जारी रहेगी और प्रत्येक दिन नए जत्थे रवाना होते रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे यात्रा काल में हाई अलर्ट पर बनी रहेंगी। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।