अमृतसर में लव-कुश और माता जानकी का भव्य मंदिर बनेगा, केजरीवाल ने की बड़ी घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 28 जून 2026 को अमृतसर में लव-कुश और माता जानकी को समर्पित एक भव्य मंदिर के निर्माण की घोषणा की। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि यह निर्णय न केवल पंजाब और भारत, बल्कि पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आनंद का विषय बनेगा।
अमृतसर की धार्मिक विरासत और मंदिर की अहमियत
केजरीवाल ने अमृतसर को दुनिया के सबसे पवित्र शहरों में से एक बताया, जहाँ सभी धर्मों और समुदायों के लोग सौहार्द के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) वैश्विक श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा दुर्गियाना मंदिर और भगवान वाल्मीकि तीर्थस्थल जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी इस शहर को विभिन्न परंपराओं का संगम बनाते हैं।
पौराणिक मान्यता और वाल्मीकि आश्रम का संबंध
केजरीवाल ने कहा कि मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि ने इसी भूमि पर रामायण की रचना की थी। माता सीता ने वाल्मीकि आश्रम में निवास किया था और यहीं लव-कुश का जन्म व पालन-पोषण हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अश्वमेध यज्ञ के दौरान भगवान राम द्वारा छोड़े गए घोड़े को लव-कुश ने इसी स्थान पर रोककर पेड़ से बाँध दिया था। इस ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के कारण यह भूमि वाल्मीकि समाज सहित समस्त हिंदू धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत पूजनीय है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
केजरीवाल ने विश्वास जताया कि प्रस्तावित मंदिर के निर्माण से अमृतसर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और शहर की आध्यात्मिक पहचान और सुदृढ़ होगी। गौरतलब है कि अमृतसर पहले से ही स्वर्ण मंदिर के कारण देश के सर्वाधिक धार्मिक पर्यटन स्थलों में शुमार है, और यह नया मंदिर उस आकर्षण में एक और आयाम जोड़ेगा।
अकाल तख्त साहिब का बुलावा और AAP का रुख
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा AAP के विधायकों और मंत्रियों को तलब किए जाने के मुद्दे पर भी स्पष्टता दी। उन्होंने कहा कि पार्टी श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का पूरा सम्मान करती है। बुलाए गए सभी विधायक और मंत्री सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे, और जिन्हें लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं, वे उसी के अनुसार जवाब देंगे।
मान ने यह भी बताया कि वे स्वयं पूर्व में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को छोड़कर अकाल तख्त साहिब के बुलावे पर उपस्थित हुए थे। सोमवार की सुनवाई के बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के साथ साझा की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब AAP और धार्मिक संस्थाओं के बीच संबंध राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।