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अमृतसर में सीता मंदिर के ऐलान पर केजरीवाल घिरे, एनडीए नेताओं ने लगाया चुनावी राजनीति का आरोप

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अमृतसर में सीता मंदिर के ऐलान पर केजरीवाल घिरे, एनडीए नेताओं ने लगाया चुनावी राजनीति का आरोप

सारांश

केजरीवाल का अमृतसर में सीता मंदिर का ऐलान NDA के लिए निशाना बनने का मौका बन गया। BJP, जेडी-यू और शिवसेना ने एकसाथ 'चुनावी राजनीति' का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने AAP को भाजपा का 'वोट-स्प्लिटर' बताया।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में माता सीता और लव-कुश को समर्पित भव्य मंदिर बनाने की घोषणा 28 जून को की।
यह ऐलान 'एक शाम भगवान शिव के नाम' कार्यक्रम में हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद थे।
BJP सांसद मनन कुमार मिश्रा ने इसे 'मुश्किल में फंसने पर धर्म याद आना' करार दिया।
जेडी-यू नेता नीरज कुमार ने कहा केजरीवाल ने घोषणा में 'बहुत देर' की; नीतीश कुमार सरकार पहले ही सीता मंदिर निर्माण शुरू कर चुकी है।
शिवसेना के राजू वाघमारे और कांग्रेस के राजेंद्र पाल गौतम ने भी केजरीवाल पर अलग-अलग कोणों से निशाना साधा।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा अमृतसर में माता सीता और लव-कुश को समर्पित भव्य मंदिर निर्माण की घोषणा के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने रविवार, 28 जून को तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी नेताओं ने इस घोषणा को पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले की 'चुनावी राजनीति' करार दिया। केजरीवाल ने यह ऐलान शनिवार को 'एक शाम भगवान शिव के नाम' कार्यक्रम के दौरान किया, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उपस्थित थे।

मुख्य घटनाक्रम

केजरीवाल ने शनिवार को पंजाब में कई धार्मिक और सांस्कृतिक पहलों का एकसाथ ऐलान किया, जिनमें अमृतसर में सीता-लव-कुश मंदिर का निर्माण प्रमुख है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब AAP दिल्ली विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केजरीवाल ने धार्मिक आयोजनों के ज़रिये मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश की हो।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, 'जब अरविंद केजरीवाल मुश्किल में फंसते हैं, तो उन्हें अचानक भगवान, माता सीता और बाकी सब याद आते हैं। जब सत्ता में थे, तब उन्हें राम मंदिर पसंद नहीं था। वे दिल्ली में पहले ही हार चुके हैं और जल्द ही पंजाब में भी हार जाएंगे।' हालांकि, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, 'जो लोग कल तक राम मंदिर पर सवाल उठा रहे थे, वे अब मंदिर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।'

जेडी-यू और शिवसेना का रुख

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीरज कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने यह घोषणा करने में 'बहुत देर' कर दी है। उन्होंने कहा, 'माता सीता जगत जननी हैं, लव-कुश भी बिहार की विरासत हैं। नीतीश कुमार की सरकार ने अपने वित्तीय संसाधनों से माता सीता को समर्पित मंदिर का निर्माण पहले ही शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार ने भी राम जानकी पथ परियोजना को मंज़ूरी दे दी है।' नीरज कुमार ने केजरीवाल पर यह भी कहा कि 'आपकी राजनीतिक छवि पहले ही खराब हो चुकी है, क्योंकि आप भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जेल जा चुके हैं।' शिवसेना नेता राजू वाघमारे ने भी केजरीवाल पर 'चुनावी राजनीति' का आरोप लगाते हुए कहा, 'पंजाब में माहौल उनके पक्ष में नहीं है, इसलिए अब वे ये सब करके चुनावी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।'

कांग्रेस का अलग निशाना

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने केजरीवाल पर 'भाजपा के लिए काम करने' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे उतना ही बोलेंगे जितना भाजपा उनसे बुलवाना चाहेगी। भाजपा अब AAP को खत्म नहीं करेगी — वह चाहती है कि ऐसी छोटी पार्टियाँ बनी रहें और वोट बांटती रहें, क्योंकि पूरा देश कांग्रेस की ओर देख रहा है।'

आगे क्या

केजरीवाल की इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में धार्मिक मुद्दों की केंद्रीयता और बढ़ने के संकेत हैं। आलोचकों का कहना है कि चुनाव नज़दीक आते ही इस तरह की घोषणाओं की परीक्षा उनके क्रियान्वयन से होगी, न कि केवल ऐलान से।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि दूसरे वर्ग ने हमला बोला — यह विरोधाभास बताता है कि मंदिर-राजनीति अब किसी एक दल की बपौती नहीं रही। असली सवाल यह है कि क्या AAP इस घोषणा को ज़मीन पर उतार पाएगी, या यह भी उन वादों की सूची में जुड़ेगी जो चुनाव बाद भुला दिए जाते हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल ने अमृतसर में किस मंदिर के निर्माण की घोषणा की?
अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में माता सीता और लव-कुश को समर्पित एक भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की। यह ऐलान 'एक शाम भगवान शिव के नाम' कार्यक्रम के दौरान किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उपस्थित थे।
NDA नेताओं ने केजरीवाल की घोषणा पर क्या कहा?
NDA नेताओं ने इसे पंजाब चुनाव से पहले 'चुनावी राजनीति' करार दिया। BJP सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल को 'मुश्किल में फंसने पर ही भगवान याद आते हैं', जबकि शिवसेना के राजू वाघमारे ने कहा कि पंजाब में माहौल केजरीवाल के पक्ष में नहीं है इसलिए वे ऐसी घोषणाएँ कर रहे हैं।
जेडी-यू ने केजरीवाल की घोषणा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जेडी-यू नेता नीरज कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने यह घोषणा करने में 'बहुत देर' कर दी है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार सरकार पहले ही अपने संसाधनों से सीता मंदिर निर्माण शुरू कर चुकी है और केंद्र सरकार ने राम जानकी पथ परियोजना को भी मंज़ूरी दे दी है।
कांग्रेस ने केजरीवाल की इस घोषणा पर क्या रुख अपनाया?
कांग्रेस ने अलग कोण से निशाना साधा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने AAP पर 'भाजपा के लिए काम करने' का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा ऐसी छोटी पार्टियों को वोट बांटने के लिए जिंदा रखना चाहती है।
क्या BJP ने केजरीवाल की मंदिर घोषणा का स्वागत भी किया?
हाँ, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने घोषणा का स्वागत किया और कहा कि 'जो लोग कल तक राम मंदिर पर सवाल उठा रहे थे, वे अब मंदिर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।' यह BJP के भीतर दो अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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