UP गठबंधन पर कांग्रेस की दो-टूक: 'बराबर का सम्मान और हिस्सेदारी चाहिए' — राजेंद्र पाल गौतम
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन पर अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 28 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि किसी भी गठबंधन में पार्टी को 'बराबर का सम्मान और हिस्सेदारी' मिलनी चाहिए। उनके इस बयान ने यूपी की राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
गठबंधन पर कांग्रेस की शर्तें
गौतम ने स्पष्ट किया कि गठबंधन का अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा, लेकिन शर्तें तय हैं। उन्होंने कहा, 'चुनाव की तैयारी पूरे उत्तर प्रदेश में चल रही है। गठबंधन की बात पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। अगर गठबंधन होता है तो वह सम्मानजनक होगा। हमें बराबर का सम्मान और हिस्सेदारी चाहिए।' यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जब विपक्षी खेमे में सीट-बँटवारे को लेकर बातचीत जारी बताई जा रही है।
केजरीवाल की मंदिर घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पंजाब के अमृतसर में माता जानकी और लव-कुश का भव्य मंदिर बनवाने की घोषणा की थी। इस पर गौतम ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'केजरीवाल मेरे पुराने साथी हैं और मैं उनकी असलियत अच्छी तरह जानता हूं। वह भाजपा के लिए काम करेंगे और भाजपा जितना चाहेगी, उतना ही बोलेंगे।'
गौतम ने आगे आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जानबूझकर छोटी पार्टियों को जीवित रखना चाहती है ताकि विपक्षी वोट बँटते रहें। उन्होंने कहा, 'भाजपा अब आम आदमी पार्टी को खत्म नहीं करेगी। वह चाहती है कि ऐसी छोटी-छोटी पार्टियां बनी रहें और वोट काटती रहें, क्योंकि पूरा देश कांग्रेस की ओर देख रहा है।'
राम मंदिर चढ़ावे पर गंभीर आरोप
गौतम ने राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि राम मंदिर के चढ़ावे में से 70 बार चोरी की गई। उन्होंने कहा, 'यह (भाजपा) सिर्फ विधायक और सांसदों की चोरी नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश के लोगों की आस्था को भी चुराने का काम किया जा रहा है। देश की जनता जरूर इसका जवाब देगी।' गौरतलब है कि ये आरोप राजनीतिक प्रकृति के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और विपक्षी दलों के बीच सीट-बँटवारे की रणनीति पर मंथन जारी है। कांग्रेस का यह स्पष्ट रुख संकेत देता है कि पार्टी किसी भी गठबंधन में 'जूनियर पार्टनर' की भूमिका स्वीकार करने के मूड में नहीं है। आने वाले हफ्तों में शीर्ष नेतृत्व स्तर पर बातचीत के नतीजे तय करेंगे कि यूपी में विपक्ष एकजुट होकर लड़ेगा या अलग-अलग।