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सुंदरकांड पाठ राजनीतिक छल है — हर्ष मल्होत्रा का केजरीवाल पर सीधा हमला

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सुंदरकांड पाठ राजनीतिक छल है — हर्ष मल्होत्रा का केजरीवाल पर सीधा हमला

सारांश

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के रोहिणी सुंदरकांड पाठ को चुनावी अवसरवाद करार दिया। उन्होंने 2024 में AAP के 2,600 स्थानों पर पाठ के अधूरे वादे का हवाला देकर पूछा — धर्म की आड़ में राजनीति कब तक?

मुख्य बातें

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 12 जुलाई को केजरीवाल के रोहिणी सुंदरकांड पाठ को राजनीतिक छल बताया।
मल्होत्रा का आरोप — यह आयोजन पंजाब सहित अन्य राज्यों के चुनावों में हिंदू मतदाताओं को लुभाने की कोशिश है।
16 जनवरी 2024 को AAP ने दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में साप्ताहिक पाठ की घोषणा की थी, लेकिन केवल एक बार लगभग 50 क्षेत्रों में पाठ हुआ।
मार्च 2024 में 2,600 स्थानों पर पाठ की घोषणा की गई, मल्होत्रा के अनुसार 26 स्थानों पर भी आयोजन नहीं हुआ।
भाजपा ने केजरीवाल से पूछा — 2024 में घोषित पाठ श्रृंखला बीच में क्यों छोड़ी गई?

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 12 जुलाई को आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रोहिणी में आयोजित श्री सुंदरकांड पाठ एक राजनीतिक छल से अधिक कुछ नहीं है। मल्होत्रा के अनुसार, केजरीवाल धार्मिक आयोजनों की आड़ में अपनी राजनीतिक स्थिति सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य आरोप

मल्होत्रा ने कहा कि केजरीवाल का राम मंदिर पर बोलना और सुंदरकांड पाठ का आयोजन करना पंजाब सहित अन्य राज्यों के आगामी चुनावों में हिंदू मतदाताओं को लुभाने का सुनियोजित प्रयास है। उन्होंने केजरीवाल के एक पुराने भाषण का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर अपनी नानी की जुबानी कहा था कि वह उस मंदिर में नहीं जाना चाहतीं जो मस्जिद तोड़कर बनाया गया हो।

2024 के अधूरे वादों का जिक्र

जनवरी 2024 में अयोध्या के श्री राम मंदिर निर्माण के बाद तत्कालीन AAP सरकार ने दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में साप्ताहिक सुंदरकांड पाठ की घोषणा की थी। मल्होत्रा के अनुसार, 16 जनवरी 2024 को लगभग 50 विधानसभा क्षेत्रों में एक बार पाठ हुआ और फिर यह कार्यक्रम ठप हो गया।

इसके बाद मार्च 2024 में AAP सरकार ने एक साथ 2,600 स्थानों पर सुंदरकांड पाठ आयोजन की घोषणा की, लेकिन मल्होत्रा का आरोप है कि 26 स्थानों पर भी पाठ नहीं हो पाया।

केजरीवाल से सीधा सवाल

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल से पूछा कि उन्होंने 2024 में घोषित सुंदरकांड पाठ की श्रृंखला बीच में क्यों छोड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि हनुमान जी और सुंदरकांड पाठ के नाम पर इस तरह की 'बगुला भक्ति' हिंदू धर्म का अपमान है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब AAP आगामी चुनावी मौसम से पहले अपनी जमीन मजबूत करने में लगी है। गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP की हार के बाद पार्टी के लिए हिंदू मतदाताओं तक पहुँचना एक रणनीतिक प्राथमिकता बन गई है। भाजपा लगातार AAP के धार्मिक आयोजनों को चुनावी अवसरवाद बताती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

600 बनाम वास्तविक आयोजन) इस बार आरोप को अधिक ठोस बनाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या AAP धार्मिक आयोजनों को एक स्थायी सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में संस्थागत रूप दे सकती है, या यह महज चुनावी मौसम की रणनीति है। दिल्ली में हार के बाद पार्टी के लिए हिंदू मतदाताओं का विश्वास जीतना अस्तित्व की लड़ाई बन गई है — और भाजपा इस कमजोर नस को दबाना भली-भाँति जानती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के सुंदरकांड पाठ पर क्या आरोप लगाए?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि केजरीवाल का रोहिणी में सुंदरकांड पाठ आयोजन एक राजनीतिक छल है, जिसका उद्देश्य पंजाब और अन्य राज्यों के आगामी चुनावों में हिंदू मतदाताओं को लुभाना है।
2024 में AAP के सुंदरकांड पाठ की घोषणाएँ क्यों विवादास्पद हैं?
मल्होत्रा के अनुसार, AAP ने जनवरी 2024 में 70 विधानसभा क्षेत्रों में साप्ताहिक पाठ और मार्च 2024 में 2,600 स्थानों पर पाठ की घोषणा की, लेकिन दोनों बार आयोजन अधूरे रहे। यही अधूरे वादे अब भाजपा के लिए राजनीतिक हथियार बन गए हैं।
केजरीवाल के राम मंदिर संबंधी पुराने भाषण का क्या संदर्भ है?
मल्होत्रा ने केजरीवाल के एक पुराने भाषण का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर अपनी नानी की जुबानी कहा था कि वह उस मंदिर में नहीं जाना चाहतीं जो मस्जिद तोड़कर बनाया गया हो। भाजपा इस बयान को केजरीवाल के वर्तमान हिंदुत्व प्रदर्शन के विरुद्ध रखती है।
यह विवाद किस राजनीतिक संदर्भ में सामने आया है?
दिल्ली विधानसभा चुनावों में हार के बाद AAP आगामी चुनावी मौसम से पहले हिंदू मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। भाजपा इन धार्मिक आयोजनों को चुनावी अवसरवाद बताकर AAP की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।
भाजपा ने केजरीवाल से क्या सवाल पूछा है?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल से सीधे पूछा है कि उन्होंने 2024 में घोषित सुंदरकांड पाठ की श्रृंखला बीच में क्यों छोड़ी और हनुमान जी के नाम पर इस तरह की 'बगुला भक्ति' कब तक चलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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