आणंद में 4 साल की बच्ची से रेप-हत्या का आरोपी सुरेश परमार मुठभेड़ में मारा गया, दो पुलिसकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के आणंद जिले में 4 साल की बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सुरेश परमार की सोमवार, 20 जुलाई की सुबह पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, परमार ने पुलिस वैन से बाहर निकलते ही चाकू से हमला किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई गोलीबारी में वह घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
आणंद लोकल क्राइम ब्रांच के अधिकारी आरोपी सुरेश परमार को पुलिस वैन में बिठाकर वसाद ले जा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रास्ते में परमार ने उल्टी होने की शिकायत की, जिसके बाद अधिकारियों ने वैन सड़क किनारे रोकी। गाड़ी से बाहर निकलते ही उसने अचानक चाकू निकाल लिया और हिरासत से भागने की कोशिश में पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया।
सब इंस्पेक्टर राणा ने बार-बार मौखिक चेतावनी दी, लेकिन आरोपी ने हमला जारी रखा। इसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। गोली लगने से घायल परमार को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घायल पुलिसकर्मी
इस अचानक हुए हमले में राजवीर सिंह और महिपाल सिंह नामक दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत की निगरानी की जा रही है।
मूल अपराध: वसद रेलवे स्टेशन की घटना
पुलिस जाँच के अनुसार, आरोपी सुरेश परमार ने आणंद के वसद रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से 4 साल की बच्ची का अपहरण किया था। उसके साथ बलात्कार के बाद उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया, जहाँ रात में ट्रेन की चपेट में आने से उस मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। जाँच में सामने आया कि परमार ने नशे की हालत में यह जघन्य वारदात की थी।
इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। बोरसद ग्रामीण पुलिस ने अपराध के कुछ ही घंटों के भीतर बोयासन के पास एक बाहरी इलाके से परमार को गिरफ्तार किया था और आगे की पूछताछ के लिए उसे आणंद लोकल क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था।
आगे की जाँच
मुठभेड़ की परिस्थितियों की जाँच की जाएगी, जो ऐसे मामलों में मानक प्रक्रिया है। पुलिस विभाग ने घायल पुलिसकर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है। इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया और मुठभेड़ की स्वतंत्र समीक्षा आगे की दिशा तय करेगी।