21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आणंद में 4 साल की बच्ची से रेप-हत्या का आरोपी सुरेश परमार मुठभेड़ में मारा गया, दो पुलिसकर्मी घायल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आणंद में 4 साल की बच्ची से रेप-हत्या का आरोपी सुरेश परमार मुठभेड़ में मारा गया, दो पुलिसकर्मी घायल

सारांश

गुजरात के आणंद में 4 साल की बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या का आरोपी सुरेश परमार पुलिस हिरासत में मुठभेड़ के दौरान मारा गया। उसने वैन से बाहर निकलते ही चाकू से हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए और जवाबी गोलीबारी में परमार की मौत हो गई।

मुख्य बातें

सुरेश परमार — आणंद में 4 साल की बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या का मुख्य आरोपी — 20 जुलाई को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
परमार ने पुलिस वैन से बाहर निकलते ही चाकू से हमला किया और भागने की कोशिश की, जिसके बाद आत्मरक्षा में गोली चलाई गई।
राजवीर सिंह और महिपाल सिंह नामक दो पुलिसकर्मी हमले में घायल हुए, दोनों का उपचार जारी है।
आरोपी ने वसद रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से बच्ची का अपहरण किया था; रेलवे ट्रैक पर फेंके जाने के बाद रात में ट्रेन की चपेट में आने से बच्ची की मौत हुई।
जाँच में सामने आया कि परमार ने नशे की हालत में यह वारदात की थी।
मुठभेड़ की परिस्थितियों की जाँच मानक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

गुजरात के आणंद जिले में 4 साल की बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सुरेश परमार की सोमवार, 20 जुलाई की सुबह पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, परमार ने पुलिस वैन से बाहर निकलते ही चाकू से हमला किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई गोलीबारी में वह घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

आणंद लोकल क्राइम ब्रांच के अधिकारी आरोपी सुरेश परमार को पुलिस वैन में बिठाकर वसाद ले जा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रास्ते में परमार ने उल्टी होने की शिकायत की, जिसके बाद अधिकारियों ने वैन सड़क किनारे रोकी। गाड़ी से बाहर निकलते ही उसने अचानक चाकू निकाल लिया और हिरासत से भागने की कोशिश में पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया।

सब इंस्पेक्टर राणा ने बार-बार मौखिक चेतावनी दी, लेकिन आरोपी ने हमला जारी रखा। इसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। गोली लगने से घायल परमार को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घायल पुलिसकर्मी

इस अचानक हुए हमले में राजवीर सिंह और महिपाल सिंह नामक दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत की निगरानी की जा रही है।

मूल अपराध: वसद रेलवे स्टेशन की घटना

पुलिस जाँच के अनुसार, आरोपी सुरेश परमार ने आणंद के वसद रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से 4 साल की बच्ची का अपहरण किया था। उसके साथ बलात्कार के बाद उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया, जहाँ रात में ट्रेन की चपेट में आने से उस मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। जाँच में सामने आया कि परमार ने नशे की हालत में यह जघन्य वारदात की थी।

इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। बोरसद ग्रामीण पुलिस ने अपराध के कुछ ही घंटों के भीतर बोयासन के पास एक बाहरी इलाके से परमार को गिरफ्तार किया था और आगे की पूछताछ के लिए उसे आणंद लोकल क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था।

आगे की जाँच

मुठभेड़ की परिस्थितियों की जाँच की जाएगी, जो ऐसे मामलों में मानक प्रक्रिया है। पुलिस विभाग ने घायल पुलिसकर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है। इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया और मुठभेड़ की स्वतंत्र समीक्षा आगे की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह जवाबदेही और पारदर्शिता के गंभीर सवाल भी खड़े करती है। मानवाधिकार संगठन लंबे समय से माँग करते रहे हैं कि ऐसी मुठभेड़ों की स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो। असली परीक्षा यह है कि क्या पीड़ित परिवार को न्याय प्रणाली के भीतर इंसाफ मिल सकता था — और क्या यह रास्ता बंद हो गया।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आणंद मुठभेड़ में कौन मारा गया और क्यों?
आणंद के वसद रेलवे स्टेशन से 4 साल की बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या का मुख्य आरोपी सुरेश परमार 20 जुलाई को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, उसने हिरासत से भागने की कोशिश में पुलिसकर्मियों पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में गोली चलाई गई।
वसद रेलवे स्टेशन पर बच्ची के साथ क्या हुआ था?
आरोपी सुरेश परमार ने आणंद के वसद रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से 4 साल की बच्ची का अपहरण किया, उसके साथ बलात्कार किया और उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। रात में ट्रेन की चपेट में आने से बच्ची की मौत हो गई। जाँच में सामने आया कि परमार ने नशे की हालत में यह वारदात की थी।
मुठभेड़ में कौन से पुलिसकर्मी घायल हुए?
परमार के अचानक चाकू से हमले में राजवीर सिंह और महिपाल सिंह नामक दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया और उनका उपचार जारी है।
सुरेश परमार को कैसे पकड़ा गया था?
बोरसद ग्रामीण पुलिस ने अपराध के कुछ ही घंटों के भीतर बोयासन के पास एक बाहरी इलाके से सुरेश परमार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए आणंद लोकल क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था।
क्या मुठभेड़ की जाँच होगी?
हाँ, ऐसे मामलों में मानक प्रक्रिया के तहत मुठभेड़ की परिस्थितियों की जाँच की जाएगी। पुलिस के अनुसार, सब इंस्पेक्टर राणा ने बार-बार मौखिक चेतावनी देने के बाद ही गोली चलाई गई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले