17 अक्टूबर 2026
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शिवसेना (शिंदे) में शामिल आनंद दुबे बोले — 'मैं अपने घर वापस आ गया हूं'

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शिवसेना (शिंदे) में शामिल आनंद दुबे बोले — 'मैं अपने घर वापस आ गया हूं'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे के गुट में आए आनंद दुबे ने इसे 'घर वापसी' कहा — बाला साहेब की हिंदुत्व विचारधारा और 'नेशन फर्स्ट' को आधार बनाते हुए। साथ ही उन्होंने खड़गे के पत्र को वैध ठहराया, पर देश तोड़ने की किसी भी कोशिश को लेकर कड़ी चेतावनी दी।

मुख्य बातें

आनंद दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होकर इसे 'घर वापसी' बताया।
दुबे ने बाला साहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा और शिंदे के 'नेशन फर्स्ट' दृष्टिकोण को अपने फैसले की वजह बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पत्र को वैध बताया, लेकिन देश तोड़ने या अराजकता फैलाने को अस्वीकार्य करार दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विपक्ष पर बयान को 'शत-प्रतिशत सही' ठहराया; उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों से कांग्रेस की कमज़ोर स्थिति का हवाला दिया।
भारत-अमेरिका टैरिफ पर कहा — जब तक आधिकारिक समझौता नहीं, विदेश मंत्री एस.
जयशंकर की कूटनीति पर भरोसा।

शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने वाले नेता आनंद दुबे ने 17 अक्टूबर 2026 को इसे 'घर वापसी' करार दिया। उन्होंने कहा कि शिंदे की 'नेशन फर्स्ट' विचारधारा उनकी अपनी सोच से पूरी तरह मेल खाती है, इसलिए यह कदम उनके लिए स्वाभाविक था।

घर वापसी की भावना

दुबे ने अपनी पार्टी बदलने को दलबदल नहीं, बल्कि मूल विचारधारा की ओर लौटना बताया। उन्होंने कहा, 'मैं शिवसेना में ही था। बीच में उस पार्टी का नाम शिवसेना (यूबीटी) हो गया था और अब मैं फिर शिवसेना में आ गया।' उन्होंने बाला साहेब ठाकरे के हिंदुत्व और देश-प्रथम के मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि यही राह एकनाथ शिंदे चल रहे हैं।

दुबे ने कहा कि वे एनडीए परिवार में शामिल होकर पूरे देश में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का प्रचार कर सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के वैश्विक प्रभाव पर भी आस्था जताई।

खड़गे के पत्र पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखने पर दुबे ने कहा कि विपक्ष को संवाद और सकारात्मक राजनीति का अधिकार है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि देश तोड़ने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या अराजकता फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि विशेष सत्र बुलाने के सवाल पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उचित बातचीत के बाद निर्णय लेंगे।

रक्षा मंत्री के बयान पर समर्थन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा विपक्ष पर साधे गए निशाने का दुबे ने पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीतिक जमीन को गहराई से समझते हैं और उनका यह कहना 'शत-प्रतिशत सही' है कि रायबरेली और अमेठी में समाजवादी पार्टी व कांग्रेस का गठबंधन होता है।

दुबे ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का कोई खास आधार नहीं रहा है और 2012 से 2017 के बीच समाजवादी पार्टी की आखिरी सरकार थी। उनके अनुसार अब योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ने अपना रास्ता चुन लिया है।

भारत-अमेरिका व्यापार पर टिप्पणी

भारत-अमेरिका टैरिफ के सवाल पर दुबे ने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोई आधिकारिक समझौता या दस्तावेज हस्ताक्षरित नहीं होता, तब तक सरकार का एकमात्र लक्ष्य भारतीय व्यापारियों और नागरिकों का अधिकतम हित सुनिश्चित करना है।

आनंद दुबे की यह शिवसेना (शिंदे) में वापसी ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र की राजनीति में पुनर्गठन की प्रक्रिया जारी है और एनडीए अपने आधार को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आनंद दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) क्यों छोड़ी?
आनंद दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की वजह बाला साहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा और 'नेशन फर्स्ट' के सिद्धांत को बताया। उनके अनुसार शिंदे इसी राह पर चल रहे हैं, इसलिए यह उनके लिए 'घर वापसी' है।
आनंद दुबे ने खड़गे के पत्र पर क्या कहा?
दुबे ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का पूरा अधिकार है और सकारात्मक राजनीति का स्वागत है। लेकिन उन्होंने साफ किया कि देश तोड़ने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या अराजकता फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी।
राजनाथ सिंह के बयान पर आनंद दुबे का क्या रुख है?
दुबे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विपक्ष पर निशाने को 'शत-प्रतिशत सही' बताया। उन्होंने कहा कि रायबरेली और अमेठी में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के बावजूद पिछले 40 वर्षों में कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में कोई खास प्रभाव नहीं रहा।
भारत-अमेरिका टैरिफ पर दुबे ने क्या कहा?
दुबे ने कहा कि टैरिफ एक अंतरराष्ट्रीय मामला है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करते हैं। जब तक कोई आधिकारिक समझौता दस्तावेज हस्ताक्षरित नहीं होता, सरकार का लक्ष्य भारतीय व्यापारियों का अधिकतम हित सुनिश्चित करना है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर आनंद दुबे का क्या कहना है?
दुबे ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ने अपना रास्ता चुन लिया है। उनके अनुसार 2012 से 2017 के बीच समाजवादी पार्टी की आखिरी सरकार थी और अब कांग्रेस व सपा दोनों के लिए वहाँ राजनीतिक ज़मीन सिकुड़ गई है।
राष्ट्र प्रेस
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