अनंतनाग में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया ठहराव, यात्री-व्यापारियों को मिलेगा सीधा फायदा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार, 10 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से नई दिल्ली में मुलाकात की और केंद्र शासित प्रदेश की चल रही एवं भविष्य की रेलवे परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए अनंतनाग में नया वाणिज्यिक ठहराव (कमर्शियल स्टॉपेज) देने की घोषणा की गई, जो यात्रियों, पर्यटकों और व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।
बैठक का उद्देश्य और मुख्य निर्णय
बैठक का केंद्रीय उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देना था। दोनों नेताओं के बीच चल रही परियोजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अनंतनाग कश्मीर के प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है, और इस नए ठहराव से वहाँ तक तेज, सुविधाजनक तथा विश्वसनीय रेल संपर्क सुनिश्चित होगा।
रेल मंत्री की प्रतिक्रिया
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'अनंतनाग में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया ठहराव स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिल सकेंगी।' वैष्णव ने विश्वास जताया कि यह कदम जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का स्वागत
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय रेलवे की परिवर्तनकारी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि वंदे भारत सेवा ने जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि इससे यात्रा का समय काफी कम हुआ है और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ मिल रही हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले दिनों में इसे और बढ़ाया जाएगा और सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
आर्थिक और लॉजिस्टिक्स लाभ
अब्दुल्ला ने रेखांकित किया कि विस्तारित रेल नेटवर्क केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है। विशेष रूप से सेब, चेरी जैसे फलों और सीमेंट जैसी वस्तुओं की निर्बाध ढुलाई से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में सुधार हुआ है, परिवहन लागत घटी है और स्थानीय किसानों तथा उद्योगों के लिए नए बाजारों के अवसर खुले हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में रेल परियोजनाओं को केंद्र की प्राथमिकता सूची में ऊँचा स्थान दिया जा रहा है।
आगे की राह
अनंतनाग ठहराव की घोषणा के साथ ही दोनों नेताओं ने भविष्य की रेलवे परियोजनाओं पर भी सहमति जताई। यह कदम जम्मू-कश्मीर में रेल-आधारित कनेक्टिविटी के एक व्यापक विस्तार का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।