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अंडमान-निकोबार में 20-22 अक्टूबर को रणनीतिक हवाई गतिविधि, नोटमएआर जारी

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अंडमान-निकोबार में 20-22 अक्टूबर को रणनीतिक हवाई गतिविधि, नोटमएआर जारी

सारांश

अंडमान-निकोबार कमान ने 20 से 22 अक्टूबर के बीच रणनीतिक हवाई गतिविधि के लिए नोटमएआर जारी किया है। भारत की एकमात्र त्रि-सेवा संयुक्त कमान का यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक सतर्कता को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

अंडमान और निकोबार कमान ने 20 से 22 अक्टूबर 2026 तक रणनीतिक हवाई गतिविधि के लिए आधिकारिक नोटमएआर जारी किया।
गतिविधि प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे IST तक निर्धारित है।
अंडमान-निकोबार कमान भारत की एकमात्र त्रि-सेवा संयुक्त सैन्य संचालन कमान है।
गतिविधि की विस्तृत प्रकृति सार्वजनिक नहीं की गई; इसे संभावित रणनीतिक फायरिंग अभ्यास से जोड़ा गया है।
इस वर्ष 27 फरवरी 2026 को पोखरण रेंज में 'वायुशक्ति-26' अभ्यास के दौरान भी नोटम जारी हुआ था।

अंडमान और निकोबार कमान ने 20 से 22 अक्टूबर 2026 के बीच द्वीप समूह के क्षेत्र में संभावित रणनीतिक फायरिंग और हवाई गतिविधियों को लेकर आधिकारिक समुद्री नोटिस (नोटमएआर) जारी किया है। तीनों दिन यह गतिविधि सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे IST तक निर्धारित है। गतिविधि की विस्तृत प्रकृति सार्वजनिक नहीं की गई है, तथापि इसे रणनीतिक फायरिंग अभ्यास से जोड़कर बताया गया है।

गतिविधि का विवरण और नोटमएआर का महत्व

समुद्री नोटिस (नोटमएआर) नाविकों के लिए जारी की जाने वाली वह आधिकारिक सूचना होती है जो समुद्री नौवहन की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले विषयों से संबंधित होती है। इसमें नए जल सर्वेक्षण के आँकड़े, समुद्री मार्गों में बदलाव, नौवहन सहायक साधनों में परिवर्तन और हवाई गतिविधियाँ शामिल हो सकती हैं। इसका उद्देश्य नाविकों को पर्याप्त पूर्व सूचना देना है ताकि वे समय रहते अपनी यात्रा व्यवस्थित कर सकें।

गौरतलब है कि समुद्री नौवहन मानचित्रण से जुड़े 60 से अधिक देश ऐसी सूचनाएँ नियमित रूप से जारी करते हैं। इनमें से लगभग एक-तिहाई देश आवश्यकता के अनुसार छोटे अंतराल पर ये नोटिस प्रकाशित करते हैं।

अंडमान-निकोबार कमान की सामरिक भूमिका

अंडमान और निकोबार कमान भारत की एकमात्र त्रि-सेवा संयुक्त सैन्य संचालन कमान है, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना की क्षमताएँ एकीकृत रूप से संचालित होती हैं। हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक स्थान पर स्थित यह द्वीपसमूह भारत के समुद्री हितों की निगरानी एवं सुरक्षा में केंद्रीय भूमिका निभाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय देशों की सतर्कता बढ़ी हुई है। इस द्वीपसमूह की भौगोलिक स्थिति मलक्का जलडमरूमध्य के निकट होने के कारण इसे विशेष सामरिक महत्व प्राप्त है।

वायुशक्ति-26 और पूर्व के अभ्यासों से संदर्भ

इस वर्ष की शुरुआत में भारतीय वायुसेना ने 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में 'वायुशक्ति-26' नामक बड़े युद्धाभ्यास का आयोजन किया था। यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान सीमा के समीप होने के कारण उस क्षेत्र में हवाई आवाजाही के लिए नोटम जारी किया गया था।

उस अभ्यास में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का भी उल्लेख किया गया था। अभ्यास में दिन, सांझ और रात — तीनों परिस्थितियों में अलग-अलग मिशनों के माध्यम से वायुसेना ने 24 घंटे की युद्ध तत्परता प्रदर्शित की थी। इससे यह संदेश दिया गया था कि भारतीय वायुसेना हवाई वर्चस्व और लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता में पूरी तरह सक्षम है।

नागरिक नौवहन पर प्रभाव

नोटमएआर की अवधि के दौरान संबंधित समुद्री क्षेत्र से गुज़रने वाले व्यावसायिक और नागरिक जलयानों को अपने मार्ग और समय-सारणी को तदनुसार व्यवस्थित करने की सलाह दी जाती है। तीन दिवसीय अभ्यास अवधि में प्रतिदिन ढाई घंटे की निर्धारित खिड़की के कारण नौवहन व्यवधान सीमित रहने की संभावना है।

आने वाले दिनों में अंडमान-निकोबार कमान की ओर से इस गतिविधि के संपन्न होने के बाद कोई आधिकारिक जानकारी साझा की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इसका समय और संदर्भ ध्यान देने योग्य है — हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के बीच भारत अपनी त्रि-सेवा कमान की क्षमता को लगातार परखता रहा है। गतिविधि की प्रकृति का सार्वजनिक ब्यौरा न देना मानक सैन्य प्रोटोकॉल के अनुरूप है, लेकिन इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय सशस्त्र बल इस सामरिक द्वीपसमूह पर अपनी परिचालन तैयारी को गंभीरता से ले रहे हैं। 'वायुशक्ति-26' जैसे बड़े अभ्यासों के बाद यह कदम दर्शाता है कि भारत हिंद महासागर में निरंतर और बहु-आयामी सामरिक उपस्थिति बनाए रखने की नीति पर चल रहा है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडमान-निकोबार क्षेत्र में नोटमएआर क्यों जारी किया गया?
अंडमान और निकोबार कमान ने 20 से 22 अक्टूबर 2026 के बीच संभावित रणनीतिक फायरिंग और हवाई गतिविधियों के कारण नाविकों को पूर्व सूचना देने हेतु नोटमएआर जारी किया है। यह एक मानक प्रक्रिया है जिससे समुद्री नौवहन को सुरक्षित रखा जाता है।
नोटमएआर क्या होता है?
नोटमएआर (NOTMAR) एक आधिकारिक समुद्री नोटिस है जो नाविकों को समुद्री नौवहन की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले विषयों — जैसे हवाई गतिविधियाँ, मार्ग परिवर्तन और नए सर्वेक्षण डेटा — की पूर्व जानकारी देता है। विश्व के 60 से अधिक देश ऐसे नोटिस नियमित रूप से जारी करते हैं।
अंडमान और निकोबार कमान क्या है?
अंडमान और निकोबार कमान भारत की एकमात्र त्रि-सेवा संयुक्त सैन्य संचालन कमान है, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना एकीकृत रूप से कार्य करती हैं। हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा में इस कमान की केंद्रीय भूमिका है।
इस हवाई गतिविधि का नागरिक जहाज़रानी पर क्या असर होगा?
नोटमएआर की अवधि में संबंधित समुद्री क्षेत्र से गुज़रने वाले जलयानों को अपने मार्ग और समय-सारणी पुनर्व्यवस्थित करने की सलाह दी जाती है। प्रतिदिन केवल ढाई घंटे की निर्धारित खिड़की होने से व्यापक नौवहन व्यवधान की आशंका कम है।
'वायुशक्ति-26' अभ्यास से इसका क्या संबंध है?
इस वर्ष 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के पोखरण रेंज में आयोजित 'वायुशक्ति-26' अभ्यास के दौरान भी भारतीय वायुसेना ने हवाई आवाजाही के लिए नोटम जारी किया था। उस अभ्यास में 24 घंटे की युद्ध तत्परता और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख किया गया था, जो भारत की बढ़ती हवाई क्षमता को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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