वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने संभाली अंडमान-निकोबार कमान, बने 20वें कमांडर-इन-चीफ
सारांश
मुख्य बातें
वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने 1 जून 2026 को श्री विजय पुरम में अंडमान एवं निकोबार कमान (ANC) के 20वें कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया। भारत की यह पहली और एकमात्र त्रि-सेवा संयुक्त परिचालन कमान — जिसमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना एक साथ काम करती हैं — सामरिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है। इस नियुक्ति के साथ ही 36 वर्षों के अनुभव वाले एक वरिष्ठ अधिकारी को हिंद-प्रशांत क्षेत्र की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पदभार ग्रहण और प्राथमिकताएँ
पदभार ग्रहण करने के बाद वाइस एडमिरल मैकार्टी ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार कमान भारत के समुद्री हितों की रक्षा, हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने और हिंद-प्रशांत में राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में केंद्रीय भूमिका निभाती है। उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों को पुख्ता करने, तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने और कमान की समग्र क्षमता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वाइस एडमिरल मैकार्टी का करियर और विशेषज्ञता
वाइस एडमिरल मैकार्टी ने 1 जुलाई 1989 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वे गनरी और मिसाइल प्रणाली के विशेषज्ञ हैं। समुद्री सेवा के दौरान वे स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस दिल्ली के कमीशनिंग दल का हिस्सा रहे और आईएनएस अजय, आईएनएस खंजर तथा आईएनएस शिवालिक जैसे प्रमुख युद्धपोतों की कमान संभाली।
प्रशासनिक और रणनीतिक मोर्चे पर उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी में प्रशिक्षण कमांडर, पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय में कमांड प्लान्स अधिकारी और नौसेना मुख्यालय में कमोडोर नेवल प्लान्स के पद पर कार्य किया। फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने असिस्टेंट चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (स्टाफ रिक्वायरमेंट्स), कंट्रोलर ऑफ पर्सनल सर्विसेज और 2023 में पश्चिमी बेड़े के कमांडर के रूप में सेवा दी। 2024 में उन्हें भारतीय नौसेना अकादमी का दसवाँ कमांडेंट नियुक्त किया गया था।
उच्च सैन्य शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव
विदेशों में भी उनका अनुभव उल्लेखनीय है। उन्होंने श्रीलंका की नेवल एंड मैरीटाइम अकादमी में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में सेवा दी और 2011 से 2015 तक सिंगापुर और फिलीपींस में एक साथ भारत के रक्षा सलाहकार के पद पर कार्यरत रहे। यह अनुभव उन्हें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीतिक जटिलताओं को समझने में विशेष बढ़त देता है।
सैन्य नर्सिंग सेवा में भी नेतृत्व परिवर्तन
इसी दिन सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ। मेजर जनरल रेचल थॉमस ने 1 जून 2026 को सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने मेजर जनरल लिसम्मा पीवी का स्थान लिया, जो 31 मई 2026 को लगभग चार दशकों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं।
मेजर जनरल रेचल थॉमस पुणे स्थित प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की पूर्व छात्रा हैं। उन्हें 1 जून 1988 को सैन्य नर्सिंग सेवा में कमीशन मिला था और लगभग 38 वर्षों के करियर में उन्होंने प्रमुख सैन्य अस्पतालों में चिकित्सीय तथा प्रशासनिक दोनों भूमिकाएँ निभाई हैं।
इन दोनों नियुक्तियों के साथ भारतीय सशस्त्र बलों में नेतृत्व के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जो हिंद-प्रशांत में भारत की बढ़ती सामरिक सक्रियता और चिकित्सा सेवाओं की मजबूती दोनों को रेखांकित करती है।