31 जुलाई 2026
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आंध्र प्रदेश-गूगल साझेदारी: एआई, क्लाउड और डिजिटल गवर्नेंस के लिए संयुक्त टास्क फोर्स का गठन

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आंध्र प्रदेश-गूगल साझेदारी: एआई, क्लाउड और डिजिटल गवर्नेंस के लिए संयुक्त टास्क फोर्स का गठन

सारांश

सिंगापुर में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और गूगल एशिया-पैसिफिक के अध्यक्ष करण भाटिया की बैठक में एआई, क्लाउड और डिजिटल गवर्नेंस के लिए संयुक्त टास्क फोर्स के गठन पर सहमति बनी। आंध्र प्रदेश को भारत के प्रमुख डेटा सेंटर और एआई हब के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश सरकार और गूगल ने 15 जून 2026 को सिंगापुर में एआई, क्लाउड और डिजिटल गवर्नेंस के लिए संयुक्त टास्क फोर्स बनाने पर सहमति जताई।
चंद्रबाबू नायडू ने गूगल क्लाउड से एआई-स्किलिंग, क्लाउड-सर्टिफिकेशन और सार्वजनिक सेवा वितरण में सहयोग माँगा।
राज्य के विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
संजीवनी परियोजना में गूगल को तकनीकी भागीदार बनाने का प्रस्ताव दिया गया।
यूएन-हैबिटेट को आंध्र प्रदेश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का आमंत्रण; संगठन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
नगर प्रशासन मंत्री पी.
नारायण वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों में शामिल रहे।

आंध्र प्रदेश सरकार और गूगल ने 15 जून 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊँचाई देने के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स के गठन पर सहमति जताई। यह निर्णय सिंगापुर दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और गूगल एशिया-पैसिफिक के अध्यक्ष करण भाटिया के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।

बैठक में क्या तय हुआ

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने आंध्र प्रदेश को भारत के प्रमुख एआई, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री नायडू ने गूगल को राज्य की डिजिटल गवर्नेंस पहलों में सक्रिय भूमिका निभाने का आमंत्रण दिया और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए गूगल क्लाउड के सहयोग का अनुरोध किया।

नायडू ने स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य उन्नत क्लाउड तकनीक और एआई-संचालित समाधानों के ज़रिये अपने रियल-टाइम गवर्नेंस इकोसिस्टम को और सशक्त बनाना है। उन्होंने गूगल क्लाउड के साथ मिलकर एआई-स्किलिंग और क्लाउड-सर्टिफिकेशन कार्यक्रमों के विस्तार में भी रुचि जताई।

शिक्षा और इनोवेशन पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने गूगल प्रतिनिधियों को बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने एक मज़बूत इनोवेशन इकोसिस्टम खड़ा करने के लिए गूगल के सहयोग का आग्रह किया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में एआई प्रतिभा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और राज्य सरकारें इस दौड़ में आगे निकलने की कोशिश में हैं।

स्वास्थ्य और ग्रीन एनर्जी में साझेदारी

नायडू ने संजीवनी परियोजना का विशेष उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सुलभ और कुशल स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने गूगल को इस परियोजना में तकनीकी भागीदार बनने का न्योता दिया। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीन एनर्जी के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश डेटा सेंटर और ऊर्जा-गहन उद्योगों के लिए एक टिकाऊ ऊर्जा इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।

यूएन-हैबिटेट से शहरी विकास पर चर्चा

सिंगापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने यूएन-हैबिटेट की कार्यकारी निदेशक एनाक्लॉडिया रॉसबैक से भी मुलाकात की और संगठन को आंध्र प्रदेश में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। राज्य सरकार ने इस सुविधा के लिए भूमि आवंटित करने की इच्छा भी ज़ाहिर की। यूएन-हैबिटेट प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

बातचीत में विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग, शहरी नियोजन में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को शामिल करने, पार्टिसिपेटरी स्लम अपग्रेडिंग प्रोग्राम (पीएसयूपी) के क्रियान्वयन और तेज़ी से बढ़ते मध्यम आकार के शहरों के लिए शहरी नियोजन ढाँचा तैयार करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पी. नारायण वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इन सभी बैठकों में उपस्थित रहे।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह साझेदारी ऐसे समय में आकार ले रही है जब आंध्र प्रदेश अमरावती को नई राजधानी के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेज़ी से काम कर रहा है। संयुक्त टास्क फोर्स के गठन से एआई और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता की रूपरेखा जल्द स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि यह सहयोग किस समयसीमा में और किन मापनीय लक्ष्यों के साथ ज़मीन पर उतरता है। चंद्रबाबू नायडू की 'टेक-फर्स्ट गवर्नेंस' की छवि पुरानी है — 1990 के दशक में हैदराबाद को 'साइबराबाद' बनाने की उनकी मुहिम ने देश को एक नई दिशा दी थी। लेकिन अमरावती के पुनर्निर्माण और राज्य की वित्तीय चुनौतियों के बीच, यह देखना ज़रूरी होगा कि गूगल की भागीदारी निवेश की शक्ल लेती है या केवल समझौता-ज्ञापनों तक सीमित रहती है। यूएन-हैबिटेट से शहरी विकास की बातचीत एक सकारात्मक संकेत है, पर 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' जैसे प्रस्ताव अक्सर घोषणाओं में ही दम तोड़ देते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश और गूगल की संयुक्त टास्क फोर्स क्या है?
यह एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल गवर्नेंस में सहयोग बढ़ाने के लिए 15 जून 2026 को सिंगापुर में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और गूगल एशिया-पैसिफिक के अध्यक्ष करण भाटिया के बीच हुई बैठक में गठित एक विशेष कार्यदल है। इसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश को भारत के प्रमुख एआई और डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करना है।
संजीवनी परियोजना में गूगल की क्या भूमिका होगी?
संजीवनी परियोजना का लक्ष्य डिजिटल तकनीकों के ज़रिये सुलभ और कुशल स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है। मुख्यमंत्री नायडू ने गूगल को इस परियोजना में तकनीकी भागीदार के रूप में शामिल होने और अपनी विशेषज्ञता का योगदान देने का आमंत्रण दिया है।
आंध्र प्रदेश में एआई और क्लाउड शिक्षा के लिए क्या योजना है?
राज्य सरकार विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित कर रही है। गूगल क्लाउड के साथ एआई-स्किलिंग और क्लाउड-सर्टिफिकेशन कार्यक्रमों का विस्तार करने की भी योजना है।
यूएन-हैबिटेट के साथ आंध्र प्रदेश की बातचीत किस पर केंद्रित रही?
मुख्यमंत्री नायडू ने यूएन-हैबिटेट की कार्यकारी निदेशक एनाक्लॉडिया रॉसबैक से मिलकर राज्य में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। बातचीत में पार्टिसिपेटरी स्लम अपग्रेडिंग प्रोग्राम, शहरी नियोजन में एसडीजी लक्ष्यों को शामिल करने और नगर पालिकाओं की आर्थिक स्थिति मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
इस साझेदारी से आंध्र प्रदेश को क्या फायदा होगा?
इस साझेदारी से राज्य को एआई-आधारित सार्वजनिक सेवाओं, बेहतर डिजिटल गवर्नेंस, कुशल युवाओं की तैयारी और टिकाऊ ऊर्जा इकोसिस्टम निर्माण में मदद मिलने की उम्मीद है। दीर्घकालिक रूप से यह आंध्र प्रदेश को निवेश और तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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