PMAY-G 2.0: आंध्र प्रदेश को ₹3,600 करोड़ की पहली किस्त, शिवराज ने 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग आवास परियोजना की रखी नींव
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 अक्टूबर 2026 को गुंटूर जिले के बुर्रिपालेम गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 2.0 के अंतर्गत 3 लाख आवासों के लिए ₹3,600 करोड़ की पहली किस्त आंध्र प्रदेश को सौंपी। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में इसी अवसर पर उन्होंने देश की पहली 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक पर आधारित पायलट ग्रामीण आवास परियोजना की आधारशिला भी रखी।
पायलट परियोजना की विशेषताएँ
इस अभिनव पायलट परियोजना के तहत बुर्रिपालेम और ओबुलनायुडुपालेम गाँवों में ₹14 करोड़ की लागत से 177 मकान बनाए जाएंगे। सरकार के अनुसार, उन्नत 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक के उपयोग से निर्माण कार्य करीब छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। इस तकनीक से निर्माण समय, लागत और श्रम की आवश्यकता कम होगी, तथा पारंपरिक निर्माण पद्धति की तुलना में मकान अधिक टिकाऊ होंगे।
गौरतलब है कि यह भारत में ग्रामीण आवास निर्माण में 3डी प्रिंटिंग तकनीक का पहला प्रयोग है, जो इसे तकनीकी दृष्टि से एक ऐतिहासिक कदम बनाता है। यदि यह पायलट सफल रहा, तो भविष्य में इस मॉडल को देश के अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।
आवास आवंटन: 76 हजार से 3 लाख तक का सफर
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआत में केंद्र के अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश के लिए केवल 76 हजार आवासों का आवंटन प्रस्तावित किया था। मुख्यमंत्री नायडू ने राज्य के हर गरीब परिवार को पक्का घर दिलाने की माँग की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से यह संख्या बढ़ाकर 3 लाख कर दी गई।
चौहान ने अपने संबोधन में कहा, 'मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आग्रह किया कि आंध्र प्रदेश के हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से हमने 76 हजार के बजाय 3 लाख घर मंजूर किए हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि नायडू ने इसके अतिरिक्त 6 लाख और आवासों की माँग की है, और पहले 3 लाख घरों का निर्माण पूरा होने के बाद केंद्र सरकार अगले चरणों में मंजूरी देगी।
आंध्र प्रदेश के विकास में केंद्र का सहयोग
चौहान ने 2014 में राज्य विभाजन के बाद उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने संसद में कानून पारित कर अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता दी और इसके विकास के लिए ₹15 हजार करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की। उन्होंने पोलावरम सिंचाई परियोजना को राज्य की 'जीवनरेखा' बताते हुए कहा कि अब इसमें केंद्र सरकार की ओर से 100 प्रतिशत अनुदान सहायता के साथ काम प्रगति पर है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे राज्य की कनेक्टिविटी तथा आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
किसान और महिला सशक्तिकरण
किसानों की आय बढ़ाने के संदर्भ में चौहान ने बताया कि पीएम-किसान योजना के तहत केंद्र से मिलने वाले ₹6 हजार और आंध्र प्रदेश सरकार की 'अन्नदाता सुखीभव' योजना के तहत ₹14 हजार की वार्षिक सहायता को मिलाकर किसानों को सालाना ₹20 हजार की आय सहायता मिलेगी। उन्होंने राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 23 लाख महिलाओं के 'लखपति दीदी' बनने का उल्लेख किया और कहा कि सरकार का लक्ष्य इस संख्या को 60 लाख तक पहुँचाना है।
राष्ट्रीय सरस मेला और आगे की योजना
चौहान ने घोषणा की कि राष्ट्रीय सरस मेला पहली बार दिल्ली से बाहर 15 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश में आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी। इस मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार आंध्र प्रदेश को देश का बागवानी और ग्रामीण उद्यमिता केंद्र बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।