चंद्रबाबू नायडू का बड़ा ऐलान: 2029 तक आंध्र प्रदेश में 100% आवास लक्ष्य, 9 लाख घरों की मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 4 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि उनकी सरकार 2029 तक 100 प्रतिशत आवास कार्यक्रम का लक्ष्य हासिल कर लेगी और राज्य के हर गरीब परिवार को छत उपलब्ध कराई जाएगी। यह घोषणा गुंटूर जिले के बुर्रीपालेम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 2.0 के अंतर्गत 3 लाख घरों के निर्माण की आधारशिला रखते हुए की गई।
9 लाख घरों की मंजूरी: कैसे बढ़ा आंकड़ा
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि केंद्र ने शुरुआत में नियमित कोटे के अंतर्गत आंध्र प्रदेश को केवल 75,000 घरों की मंजूरी दी थी। राज्य सरकार के विशेष अनुरोध के बाद यह संख्या बढ़ाकर 3 लाख कर दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री चौहान ने मौजूदा बैच पूरा होते ही 3 लाख और घरों की मंजूरी देने पर सहमति जताई है, और अगले वर्ष अतिरिक्त 3 लाख घर स्वीकृत किए जाएंगे। इस प्रकार कुल आवंटन 9 लाख घरों तक पहुँच जाएगा — जो प्रारंभिक कोटे से बारह गुना अधिक है।
3डी प्रिंटिंग तकनीक से बनेंगे आधुनिक मकान
नायडू ने बताया कि बुर्रीपालेम में प्रायोगिक तौर पर 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक से मकानों का निर्माण शुरू किया जाएगा। इस तकनीक से निर्मित घरों के अंदर का तापमान बाहरी तापमान से कम से कम 8 डिग्री सेल्सियस कम रहने की उम्मीद है, जिससे निवासियों को अधिक आराम मिलेगा।
प्रायोगिक प्रयोग सफल होने पर इसी तकनीक से 5,000 मकानों का निर्माण किया जाएगा, और आंध्र प्रदेश को देश में 3डी तकनीक आवास कार्यक्रम का आदर्श राज्य बनाने की योजना है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में किफायती और टिकाऊ निर्माण तकनीकों की माँग बढ़ रही है।
पिछली सरकार पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने 2019 से 2024 के बीच आवास कार्यक्रम के कथित कुप्रबंधन के लिए पूर्ववर्ती सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के लिए निर्धारित 6 लाख घरों को रद्द कर दिया गया था, और भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं ने इस पहल को कमज़ोर कर दिया था।
नायडू के अनुसार, तालाबों और पहाड़ियों जैसे अनुपयुक्त स्थानों पर भूखंड आवंटित किए गए, जिससे वे रहने योग्य नहीं रहे। नतीजतन लगभग 4 लाख लाभार्थियों ने अपने आवंटित भूखंड वापस कर दिए।
पट्टाभिषेकम पहल और भूमि वितरण
नायडू ने बताया कि पट्टाभिषेकम पहल के अंतर्गत लंबे समय से लंबित भूमि विवादों का निपटारा किया गया है और गरीबों को आवास भूखंड वितरित किए गए हैं। विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, मंगलगीरी और राज्य के अन्य हिस्सों में ₹52,000 करोड़ के आवास भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं।
गौरतलब है कि बुर्रीपालेम गांव दिग्गज अभिनेता सुपरस्टार कृष्णा की जन्मस्थली रहा है और अब यह केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर के गृह क्षेत्र के रूप में भी पहचाना जाता है।
क्या होगा आगे
मौजूदा 3 लाख घरों के निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है। बैच पूरा होते ही अगले चरण की मंजूरी प्रक्रिया शुरू होगी। 3डी प्रिंटिंग तकनीक के प्रायोगिक परिणामों के आधार पर इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाने का निर्णय लिया जाएगा। 2029 तक 100 प्रतिशत आवास के लक्ष्य की दिशा में यह कार्यक्रम एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।