15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अनिल राजभर ने पोलिंग बूथ पर बुर्का पहने महिलाओं की पहचान के विरोध पर सवाल उठाए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अनिल राजभर ने पोलिंग बूथ पर बुर्का पहने महिलाओं की पहचान के विरोध पर सवाल उठाए?

सारांश

उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने चुनाव आयोग के आदेश का समर्थन किया है, जिसमें पोलिंग बूथ पर बुर्काधारी महिलाओं की पहचान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के विरोध पर सवाल उठाए और कहा कि यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग का आदेश बुर्काधारी महिलाओं की पहचान पर जोर देता है।
अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के विरोध को चुनौती दी।
सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर जनता की जागरूकता आवश्यक है।
लोकतंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता है।
भविष्य में भाजपा और उसके सहयोगियों की स्थिति को लेकर अनिल राजभर ने भविष्यवाणी की।

लखनऊ, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने मंगलवार को चुनाव आयोग के उस आदेश का समर्थन किया, जिसमें पोलिंग बूथ पर बुर्काधारी महिलाओं की पहचान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कराने की बात कही गई है। उन्होंने इस आदेश पर सवाल उठाने वाली समाजवादी पार्टी को भी कठोर तरीके से जवाब दिया।

अनिल राजभर ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि चुनाव आयोग के आदेश का विरोध करने का कारण क्या है। इससे यह स्पष्ट है कि इन लोगों को फर्जी मतदाताओं से कोई परेशानी नहीं है। इसके विपरीत, ये लोग इन फर्जी मतदाताओं का समर्थन कर रहे हैं ताकि राजनीतिक स्थिति अपने पक्ष में बना सकें।

उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की प्रणाली का समर्थन नहीं किया जा सकता है।

अनिल राजभर ने कहा कि जो भी व्यक्ति मतदान करने जा रहा है, उसकी पहचान होना आवश्यक है। यदि चुनाव आयोग इस दिशा में कदम उठा रहा है, तो हमें इसका समर्थन करना चाहिए। मुझे समझ नहीं आता कि इस पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। बुर्काधारी महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए महिला कर्मी रहेंगी। ऐसी स्थिति में किसी को क्या आपत्ति हो सकती है?

उन्होंने कहा कि यदि घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो क्या इन लोगों को पीड़ा होती है? यदि एसआईआर लाया जाता है, जिससे फर्जी मतदाताओं की पहचान हो सके, तो इन लोगों को दर्द होता है? रोहिंग्या के खिलाफ कार्रवाई होने पर इन लोगों को परेशानी होती है। यदि चुनाव आयोग फर्जी मतदाता पहचान के लिए कोई व्यवस्था करना चाहता है, तो इन लोगों को परेशानी क्यों होती है? मुझे लगता है कि अब इन लोगों को अपने विचार स्पष्ट करने चाहिए। आखिर ये लोग क्या चाहते हैं?

उन्होंने कहा कि मुझे इसमें कोई संकोच नहीं है कि आने वाले समय में इनकी स्थिति खराब होने वाली है। एक बार फिर से प्रदेश की जनता भाजपा और उसके सहयोगियों को चुनने जा रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने ओपी राजभर के बारे में कहा कि वे स्वतंत्र हैं और जहां से चाहें चुनाव लड़ सकते हैं। हमें इससे कोई समस्या नहीं है। रही बात सीट बंटवारे की, तो हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व इस मामले में सोच-समझकर निर्णय लेता है। अब यह आवश्यक नहीं है कि हम सभी के साथ सीट बंटवारा करें। हम हर प्रकार के निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हरियाणा आगमन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह जाति और धर्म को आधार बनाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, उसे देश की जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। अब देश की जनता ऐसे नेताओं को पहचान चुकी है। इनकी दाल अब गलने वाली नहीं है। देश अब इनके असली चेहरे को जान चुका है। इनका भविष्य अब अंधकार में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखें। अनिल राजभर के विचार इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सभी पक्षों को अपने अधिकारों और चिंताओं को उचित रूप से व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनिल राजभर ने किन मुद्दों पर बात की?
उन्होंने बुर्काधारी महिलाओं की पहचान, फर्जी मतदाताओं और चुनाव आयोग के आदेश के समर्थन पर बात की।
समाजवादी पार्टी का क्या कहना है?
समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग के आदेश पर सवाल उठाया है, जिसे अनिल राजभर ने नकारा किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले