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मत्स्यासन से दूर होगा आंखों का खिंचाव और पीठ की अकड़न, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे

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मत्स्यासन से दूर होगा आंखों का खिंचाव और पीठ की अकड़न, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे

सारांश

विश्व योग दिवस से 28 दिन पहले आयुष मंत्रालय ने मत्स्यासन को उजागर किया — एक ऐसा आसन जो स्क्रीन-थकी आंखों, अकड़ी पीठ और घटते लचीलेपन को प्राकृतिक रूप से ठीक कर सकता है। सरल विधि, घर पर अभ्यास, और थायरॉइड से लेकर श्वास तक — एक आसन, कई फायदे।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 25 मई 2025 को मत्स्यासन के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी साझा की, विश्व योग दिवस से 28 दिन पहले।
मत्स्यासन आंखों का खिंचाव, गले की बेचैनी, पीठ की अकड़न और घटते लचीलेपन में राहत देता है।
यह आसन थायरॉइड ग्लैंड को स्वस्थ रखने और रीढ़ की हड्डी मजबूत करने में सहायक माना जाता है।
अभ्यास की अवधि 15 से 30 सेकंड ; पैर सीधे या कमलासन मुद्रा में रखे जा सकते हैं।
गर्दन-पीठ की गंभीर समस्या वाले और गर्भवती महिलाएँ विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही अभ्यास करें।

आयुष मंत्रालय ने 25 मई 2025 को विश्व योग दिवस की उलटी गिनती के तहत मत्स्यासन के अभ्यास और उसके स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी साझा की। मंत्रालय के अनुसार, विश्व योग दिवस में अब केवल 28 दिन शेष हैं और इस अवसर पर प्रतिदिन एक योगासन की जानकारी दी जा रही है। आंखों में खिंचाव, गले की बेचैनी, पीठ की अकड़न और शरीर का घटता संतुलन व लचीलापन — ये सभी समस्याएँ मत्स्यासन के नियमित अभ्यास से दूर हो सकती हैं।

क्यों ज़रूरी है मत्स्यासन

मंत्रालय के अनुसार, आजकल की व्यस्त जीवनशैली, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और गलत मुद्रा में बैठने की आदत ने शरीर के लचीलेपन और संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ये छोटी-छोटी परेशानियाँ धीरे-धीरे बड़ी समस्याओं का रूप ले सकती हैं। मत्स्यासन इन सभी समस्याओं का एक प्राकृतिक और सुलभ समाधान है, जिसे घर पर ही किया जा सकता है।

मत्स्यासन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

विशेषज्ञों का कहना है कि मत्स्यासन गले, छाती और कंधों को गहराई से खोलता है, जिससे गले की मांसपेशियों की बेचैनी कम होती है और थायरॉइड ग्लैंड स्वस्थ बना रहता है। आंखों के आसपास की मांसपेशियों पर पड़ने वाला खिंचाव भी इस आसन से दूर होता है।

इसके अतिरिक्त, पीठ की अकड़न में कमी आती है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बना रहता है, लचीलापन बढ़ता है और श्वास संबंधी समस्याओं में भी राहत मिलती है। यह आसन मन को शांत रखने में भी सहायक माना जाता है।

मत्स्यासन करने की सही विधि

मत्स्यासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएँ और हाथों को शरीर के साथ, हथेलियाँ नीचे की ओर करके कूल्हों के पास रखें। इसके बाद कोहनियों को ज़मीन पर टिकाते हुए छाती को ऊपर की ओर उठाएँ।

सिर को पीछे की ओर झुकाएँ ताकि सिर का ऊपरी हिस्सा ज़मीन को छू सके। पैरों को सीधा रखें या कमलासन की मुद्रा में रखा जा सकता है। सामान्य श्वास लेते हुए इस मुद्रा में 15 से 30 सेकंड तक बने रहें।

किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गर्दन या पीठ की गंभीर समस्या से पीड़ित लोगों को यह आसन करने से पहले किसी डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन के अभ्यास में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

आयुष मंत्रालय की यह पहल 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक जारी रहेगी, जिसमें प्रतिदिन एक नए योगासन की जानकारी दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि मत्स्यासन जैसे आसनों के दावे अधिकांशतः परंपरागत ज्ञान पर आधारित हैं — इनके समर्थन में बड़े पैमाने पर नैदानिक अध्ययन सीमित हैं। स्क्रीन टाइम और गलत मुद्रा की समस्या वास्तविक है और व्यापक है, लेकिन योग को एकमात्र समाधान के रूप में प्रस्तुत करना अधूरी तस्वीर है। एर्गोनॉमिक्स, नेत्र विशेषज्ञ की सलाह और जीवनशैली में बदलाव जैसे पहलुओं को भी समान महत्व मिलना चाहिए। सरकारी संचार में यह संतुलन अभी भी कम दिखता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मत्स्यासन क्या है और यह किन समस्याओं में फायदेमंद है?
मत्स्यासन एक पारंपरिक योगासन है जिसमें पीठ के बल लेटकर छाती और गर्दन को पीछे की ओर मोड़ा जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार यह आंखों के खिंचाव, गले की बेचैनी, पीठ की अकड़न और शरीर के घटते लचीलेपन में राहत देता है।
मत्स्यासन कैसे करें — सही विधि क्या है?
पीठ के बल सीधे लेटें, हथेलियाँ नीचे करके हाथ कूल्हों के पास रखें। कोहनियों को ज़मीन पर टिकाते हुए छाती ऊपर उठाएँ और सिर पीछे झुकाएँ ताकि सिर का ऊपरी हिस्सा ज़मीन को छुए। 15 से 30 सेकंड तक सामान्य श्वास के साथ इस मुद्रा में रहें।
मत्स्यासन थायरॉइड के लिए कैसे फायदेमंद है?
विशेषज्ञों के अनुसार मत्स्यासन में गर्दन को पीछे की ओर मोड़ने से गले की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जो थायरॉइड ग्लैंड को सक्रिय करने में सहायक माना जाता है। हालाँकि, थायरॉइड की गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
किन लोगों को मत्स्यासन नहीं करना चाहिए?
गर्दन या पीठ की गंभीर समस्या से पीड़ित लोगों को यह आसन बिना डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आयुष मंत्रालय की योग दिवस श्रृंखला क्या है?
आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस (21 जून) की उलटी गिनती के तहत प्रतिदिन एक योगासन की जानकारी और उसके स्वास्थ्य लाभ साझा कर रहा है। 25 मई 2025 को इस श्रृंखला में मत्स्यासन को शामिल किया गया, जब दिवस में 28 दिन शेष थे।
राष्ट्र प्रेस
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