मत्स्यासन से दूर होगा आंखों का खिंचाव और पीठ की अकड़न, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने 25 मई 2025 को विश्व योग दिवस की उलटी गिनती के तहत मत्स्यासन के अभ्यास और उसके स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी साझा की। मंत्रालय के अनुसार, विश्व योग दिवस में अब केवल 28 दिन शेष हैं और इस अवसर पर प्रतिदिन एक योगासन की जानकारी दी जा रही है। आंखों में खिंचाव, गले की बेचैनी, पीठ की अकड़न और शरीर का घटता संतुलन व लचीलापन — ये सभी समस्याएँ मत्स्यासन के नियमित अभ्यास से दूर हो सकती हैं।
क्यों ज़रूरी है मत्स्यासन
मंत्रालय के अनुसार, आजकल की व्यस्त जीवनशैली, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और गलत मुद्रा में बैठने की आदत ने शरीर के लचीलेपन और संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ये छोटी-छोटी परेशानियाँ धीरे-धीरे बड़ी समस्याओं का रूप ले सकती हैं। मत्स्यासन इन सभी समस्याओं का एक प्राकृतिक और सुलभ समाधान है, जिसे घर पर ही किया जा सकता है।
मत्स्यासन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि मत्स्यासन गले, छाती और कंधों को गहराई से खोलता है, जिससे गले की मांसपेशियों की बेचैनी कम होती है और थायरॉइड ग्लैंड स्वस्थ बना रहता है। आंखों के आसपास की मांसपेशियों पर पड़ने वाला खिंचाव भी इस आसन से दूर होता है।
इसके अतिरिक्त, पीठ की अकड़न में कमी आती है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बना रहता है, लचीलापन बढ़ता है और श्वास संबंधी समस्याओं में भी राहत मिलती है। यह आसन मन को शांत रखने में भी सहायक माना जाता है।
मत्स्यासन करने की सही विधि
मत्स्यासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएँ और हाथों को शरीर के साथ, हथेलियाँ नीचे की ओर करके कूल्हों के पास रखें। इसके बाद कोहनियों को ज़मीन पर टिकाते हुए छाती को ऊपर की ओर उठाएँ।
सिर को पीछे की ओर झुकाएँ ताकि सिर का ऊपरी हिस्सा ज़मीन को छू सके। पैरों को सीधा रखें या कमलासन की मुद्रा में रखा जा सकता है। सामान्य श्वास लेते हुए इस मुद्रा में 15 से 30 सेकंड तक बने रहें।
किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गर्दन या पीठ की गंभीर समस्या से पीड़ित लोगों को यह आसन करने से पहले किसी डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन के अभ्यास में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
आयुष मंत्रालय की यह पहल 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक जारी रहेगी, जिसमें प्रतिदिन एक नए योगासन की जानकारी दी जाएगी।