विश्व रंगमंच दिवस: अनुपम खेर ने अपने 40 साल के अभिनय सफर को किया याद, रंगमंच को बताया 'जीवन की सच्ची पाठशाला'

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विश्व रंगमंच दिवस: अनुपम खेर ने अपने 40 साल के अभिनय सफर को किया याद, रंगमंच को बताया 'जीवन की सच्ची पाठशाला'

सारांश

अनुपम खेर ने विश्व रंगमंच दिवस पर अपने 40 साल के अभिनय सफर को साझा करते हुए रंगमंच को जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। अभिनेता ने थिएटर के महत्व और नए कलाकारों के लिए अपने अनुभव साझा किए।

मुख्य बातें

अनुपम खेर का रंगमंच के प्रति समर्पण रंगमंच को जीवन की पाठशाला मानना नए कलाकारों को प्रशिक्षित करना शानदार नाटकों का अनुभव रंगमंच के महत्व पर जोर

मुंबई, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के अनुभवी अभिनेता अनुपम खेर ने अपने कैरियर की शुरुआत रंगमंच से की थी। अभिनय की गहराइयों को समझने के बाद आज वह नए कलाकारों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

आज के विश्व रंगमंच दिवस पर, अनुपम खेर ने अपने 40 साल के सफर को याद किया और अपने लंबे और शानदार फिल्मी कैरियर के लिए रंगमंच को श्रेय दिया है।

अपनी 550वीं फिल्म के साथ, अनुपम खेर आज भी रंगमंच पर अपने प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आत्मकथात्मक शो 'कुछ भी हो सकता है' देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहा है, लेकिन आज इस खास दिन पर उन्होंने अपने रंगमंच के सफर को प्रतिबिंबित किया। अभिनेता ने रंगमंच को अपने जीवन की सच्ची पाठशाला बताया और कहा कि जो कुछ भी वह आज जानते हैं, वह रंगमंच के कारण ही है।

अपने शो की तस्वीरें साझा करते हुए अनुपम खेर ने लिखा, "आज विश्व रंगमंच दिवस पर, जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, दिल भर आता है। पिछले 40 वर्षों में मैंने चार नाटक किए हैं!! 'सालगिरह' (किरण के साथ), 'कुछ भी हो सकता है'—जो अब अपने 500वें शो तक पहुंच चुका है, 'मेरा वो मतलब नहीं था'—जिसके 200 से अधिक शो हुए हैं, और अब एक नया सफर शुरू हो रहा है 'जाने पहचाने अंजाने' के साथ।"

अनुपम खेर के अनुसार, रंगमंच न केवल अभिनेता को अभिनय की बारीकियां सिखाता है, बल्कि अनुशासन, संवेदनशीलता, और दर्शकों से जुड़ने की कला भी सिखाता है। रंगमंच सभी भावनाओं को समझने की शक्ति देता है और एक बेहतर इंसान बनाने में मदद करता है। उन्होंने आगे लिखा, "इस विशेष दिन पर, मैं सभी अभिनेताओं, तकनीशियनों, निर्देशकों और रंगकर्मियों को दिल से सलाम करता हूं। आप सभी को विश्व रंगमंच दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं! रंगमंच की रोशनी हमारे जीवन को यूं ही रोशन करती रहे।"

ज्ञात हो कि अभिनेता इन दिनों अपने नए रंगमंच शो "जाने पहचाने अंजाने" की तैयारियों में जुटे हैं। वे पृथ्वी थिएटर में जाकर नाटक की पुरानी लाइनों को याद करते हैं, जो अभिनेता की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जहां से उन्होंने अभिनय की कला सीखी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताती हैं कि रंगमंच ने उन्हें और अन्य कलाकारों को कैसे प्रभावित किया।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुपम खेर ने अपने करियर की शुरुआत कब की?
अनुपम खेर ने अपने करियर की शुरुआत रंगमंच से की थी।
अनुपम खेर का कौन सा शो 500 से अधिक बार खेला गया है?
'कुछ भी हो सकता है' शो 500 से अधिक बार खेला गया।
अनुपम खेर ने रंगमंच को किस रूप में देखा?
अनुपम खेर ने रंगमंच को अपने जीवन की सच्ची पाठशाला बताया।
अनुपम खेर का नया रंगमंच शो क्या है?
अनुपम खेर का नया रंगमंच शो 'जाने पहचाने अंजाने' है।
अनुपम खेर ने कितने नाटक किए हैं?
अनुपम खेर ने अब तक चार नाटक किए हैं।
राष्ट्र प्रेस