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हेपेटाइटिस-मुक्त भारत 2030: राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने किया एकजुट प्रयास का आह्वान

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हेपेटाइटिस-मुक्त भारत 2030: राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने किया एकजुट प्रयास का आह्वान

सारांश

विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 2030 तक हेपेटाइटिस-मुक्त भारत का संकल्प दोहराया। NVHCP के आठ साल पूरे होने पर उन्होंने बताया कि दवाओं की कीमत एक डॉलर से नीचे आई और 1.85 लाख आरोग्य मंदिरों तक मुफ्त स्क्रीनिंग पहुँची — लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है।

मुख्य बातें

राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 28 जुलाई 2026 को विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर 2030 तक हेपेटाइटिस-मुक्त भारत बनाने का आह्वान किया।
नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) ने 2018 से अब तक आठ वर्ष पूरे किए।
भारत में हेपेटाइटिस 'सी' का इलाज मुफ्त और दवाओं की कीमत एक डॉलर से कम की गई।
1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नेटवर्क तक स्क्रीनिंग और उपचार सेवाएँ विस्तारित।
हेपेटाइटिस 'बी' और 'सी' पर IEC सामग्री राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वितरित की गई।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 28 जुलाई 2026 को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में 2030 तक हेपेटाइटिस-मुक्त भारत बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्यों और सभी संबंधित पक्षों से मिलकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बने रहने देना अब स्वीकार्य नहीं है।

कार्यक्रम और थीम

'हेपेटाइटिस: लेट्स ब्रेक इट डाउन' थीम के तहत आयोजित वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे 2026 के मुख्य भाषण में पटेल ने कहा कि नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) की शुरुआत 2018 में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर की गई थी। इस वर्ष यह कार्यक्रम अपने आठ वर्ष पूरे कर रहा है।

मुख्य उपलब्धियाँ

मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो हेपेटाइटिस 'सी' का मुफ्त इलाज और हेपेटाइटिस 'बी' का प्रबंधन उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा, "दवाओं की कीमत घटाकर एक डॉलर से भी कम कर दी गई है, जबकि बीमारी की जल्द पहचान और समय पर इलाज के लिए अच्छी क्वालिटी वाली जाँच सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।" रोकथाम, स्क्रीनिंग, जाँच, इलाज और फॉलो-अप — सभी स्तरों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

विस्तार और पहुँच

NVHCP का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया गया है। प्रारंभ में जिला स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएँ सुदृढ़ की गईं — सीधे मामलों के इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर और जटिल मामलों के लिए चुनिंदा रेफरल संस्थानों में। इसके बाद देशभर में फैले 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नेटवर्क तक स्क्रीनिंग और उपचार सेवाओं का विस्तार किया गया, जिससे प्राइमरी हेल्थकेयर स्तर पर हेपेटाइटिस-रोधी सेवाओं की पहुँच व्यापक हुई।

जागरूकता सामग्री जारी

पटेल ने इस अवसर पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वितरण के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री भी जारी की। इनमें हेपेटाइटिस 'बी' और हेपेटाइटिस 'सी' पर विशेष पोस्टर शामिल हैं, जिनमें बीमारी के फैलाव के तरीकों और NVHCP के तहत उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई है।

आगे की राह

यह पहल ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर वायरल हेपेटाइटिस से हर साल लाखों मौतें होती हैं और भारत इस बोझ को कम करने में अग्रणी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। 2030 की समयसीमा अब केवल चार वर्ष दूर है, और विशेषज्ञों के अनुसार जमीनी क्रियान्वयन की गति इस लक्ष्य की सफलता तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2030 की समयसीमा अब केवल चार वर्ष दूर है और जमीनी हकीकत जटिल है। 1.85 लाख आरोग्य मंदिरों तक सेवाओं का विस्तार कागज़ पर प्रभावशाली दिखता है, परंतु ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी और जागरूकता का अभाव अभी भी बड़ी चुनौती है। दवाओं की कीमत एक डॉलर से नीचे लाना निश्चित रूप से उपलब्धि है, किंतु पहुँच और उपलब्धता के बीच की खाई पाटे बिना यह आँकड़ा अधूरा रहेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के उन्मूलन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारत को अगले चार वर्षों में स्क्रीनिंग कवरेज और उपचार की दर में उल्लेखनीय तेज़ी लानी होगी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेपेटाइटिस-मुक्त भारत 2030 का लक्ष्य क्या है?
इस लक्ष्य के तहत भारत सरकार 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं रहने देना चाहती है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक उन्मूलन लक्ष्य के अनुरूप है और इसे नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) के ज़रिए क्रियान्वित किया जा रहा है।
नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) क्या है?
NVHCP को 2018 में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर नेशनल हेल्थ मिशन के तहत शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम हेपेटाइटिस 'बी' और 'सी' की रोकथाम, स्क्रीनिंग, जाँच, मुफ्त इलाज और फॉलो-अप सेवाएँ प्रदान करता है और अब 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक विस्तारित हो चुका है।
भारत में हेपेटाइटिस 'सी' का इलाज मुफ्त है?
हाँ, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो NVHCP के तहत हेपेटाइटिस 'सी' का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराते हैं। राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के अनुसार दवाओं की कीमत घटाकर एक डॉलर से भी कम कर दी गई है और गुणवत्तापूर्ण जाँच सुविधाएँ भी सुलभ कराई जा रही हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में हेपेटाइटिस सेवाएँ कैसे मिलती हैं?
देशभर के 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में NVHCP के तहत हेपेटाइटिस की स्क्रीनिंग और उपचार सेवाएँ उपलब्ध हैं। यह प्राइमरी हेल्थकेयर स्तर पर सेवाओं को आम नागरिक तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026 की थीम क्या थी?
विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026 की थीम 'हेपेटाइटिस: लेट्स ब्रेक इट डाउन' रही। इस थीम के तहत भारत में 28 जुलाई 2026 को एक राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मुख्य भाषण दिया।
राष्ट्र प्रेस
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