3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामला: झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस को अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दिया आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामला: झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस को अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दिया आदेश

सारांश

झारखंड हाईकोर्ट ने अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस को शेष आरोपियों की गिरफ्तारी का सख्त आदेश दिया। आरोपी पति कुशाग्र रुद्र राणा पहले से जेल में है; 8 सदस्यीय एसआईटी जांच जारी है। अगली सुनवाई 19 नवंबर को।

मुख्य बातें

झारखंड हाईकोर्ट ने 3 नवंबर 2026 को पुलिस को जांच में तेज़ी लाने और शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।
अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव 22 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के गुप्ता कॉम्प्लेक्स के फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था।
आरोपी पति कुशाग्र रुद्र राणा ने 29 अक्टूबर को आत्मसमर्पण किया; 2 नवंबर को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
राज्य सरकार ने 8 सदस्यीय एसआईटी गठित की है; पुलिस और सीआईडी दोनों जांच में शामिल।
मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर 2026 को निर्धारित।

झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की पीठ ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को सुनवाई करते हुए पुलिस को जांच में तत्काल तेज़ी लाने और मामले के शेष आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का कड़ा निर्देश जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाए।

मुख्य घटनाक्रम

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले में एक आरोपी पहले से पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कदम बिना देरी के उठाए जाएँ। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित की गई है।

याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार के साथ अधिवक्ता शशिकांत जायसवाल, अंशु कुमारी, विवेक कुमार और विकास कुमार ने पक्ष रखा।

घटना की पृष्ठभूमि

22 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। वह झारखंड हाईकोर्ट में वकालत का पेशा अपना चुकी थीं।

घटना के बाद उनके पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने अपनी बेटी के पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की माँग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

आरोपी पति की न्यायिक हिरासत

मामले में आरोपी पति कुशाग्र रुद्र राणा ने 29 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस ने उसे 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद 2 नवंबर को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

एसआईटी जांच और जाँच एजेंसियों की भूमिका

राज्य सरकार ने मामले की व्यापक जांच के लिए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस के अतिरिक्त सीआईडी भी आरोपी से पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान घटना के दिन का पूरा घटनाक्रम, पारिवारिक विवाद और अन्य संभावित पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट इससे पहले भी राज्य सरकार से जांच की विस्तृत रिपोर्ट माँग चुका है।

क्या होगा आगे

अदालत के ताज़े निर्देशों के बाद अब पुलिस और एसआईटी पर दबाव है कि वे शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को जल्द अंजाम दें। 19 नवंबर की सुनवाई में जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी, जो यह तय करेगी कि मामले में आगे की कार्यवाही किस दिशा में जाएगी। यह मामला न केवल एक अधिवक्ता की संदिग्ध मौत का प्रश्न है, बल्कि यह दहेज उत्पीड़न के खिलाफ न्यायिक जवाबदेही की भी कसौटी बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी चिंताजनक है। दहेज उत्पीड़न के मामलों में ससुराल पक्ष के सभी सदस्यों तक जांच की पहुँच अक्सर प्रभावशाली परिवारों के मामलों में धीमी पड़ जाती है — यह देखना होगा कि 19 नवंबर की सुनवाई तक पुलिस ठोस कार्रवाई की रिपोर्ट पेश कर पाती है या नहीं।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामला क्या है?
अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव 22 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। वह झारखंड हाईकोर्ट में वकालत करती थीं और उनके पिता ने पति तथा ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है।
झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की पीठ ने 3 नवंबर 2026 को पुलिस को जांच में तेज़ी लाने और अभी तक गिरफ्तार न हुए शेष आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जांच में सभी पहलुओं को समुचित रूप से शामिल करने पर भी ज़ोर दिया।
आरोपी पति कुशाग्र रुद्र राणा अभी कहाँ हैं?
कुशाग्र रुद्र राणा ने 29 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। 48 घंटे की पुलिस रिमांड के बाद 2 नवंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले की जांच कौन कर रहा है और इसमें कितने सदस्य हैं?
राज्य सरकार ने मामले के लिए 8 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इसके साथ ही सीआईडी भी आरोपी से पूछताछ कर चुकी है और घटना के दिन का घटनाक्रम, पारिवारिक विवाद तथा अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। उस सुनवाई में पुलिस से जांच की प्रगति रिपोर्ट और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की स्थिति पर जानकारी माँगे जाने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले