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पश्चिम बंगाल में 'अर्जुन वाहिनी' लॉन्च: 200 कर्मियों की NDRF-शैली आपदा बल, सुंदरबन-कोलकाता में तैनाती

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पश्चिम बंगाल में 'अर्जुन वाहिनी' लॉन्च: 200 कर्मियों की NDRF-शैली आपदा बल, सुंदरबन-कोलकाता में तैनाती

सारांश

पश्चिम बंगाल को अब अपनी NDRF मिल गई — नाम है 'अर्जुन वाहिनी'। 200 सेवानिवृत्त सैनिकों और अग्निवीरों से बनी यह टीम कोलकाता से सुंदरबन तक तैनात होगी। तारातला में 16 मौतों के बाद उठाया गया यह कदम राज्य की आपदा तैयारी में बड़ा बदलाव है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 1 सितंबर 2026 को 'अर्जुन वाहिनी' लॉन्च की — पश्चिम बंगाल का पहला NDRF-शैली राज्य आपदा बल।
बल में 200 कर्मी होंगे: 100 कोलकाता , 50 पहाड़ी क्षेत्रों और 50 सुंदरबन के लिए।
टीम प्रमुख को ₹40,000 और अन्य सदस्यों को ₹25,000 मासिक भत्ता; हर साल 3% वृद्धि।
मृत्यु या गंभीर चोट पर ₹10 लाख , दिव्यांगता पर ₹5 लाख मुआवज़ा।
बल मुख्यतः सेवानिवृत्त सैनिकों और अग्निवीरों से बनेगा; भविष्य में संख्या बढ़ाई जाएगी।
पहल की पृष्ठभूमि में जून 2026 का तारातला गोदाम हादसा है, जिसमें 16 लोगों की जान गई थी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1 सितंबर 2026 को राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'अर्जुन वाहिनी' का औपचारिक शुभारंभ किया। यह विशेष बल राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कार्यशैली पर आधारित होगा और 200 प्रशिक्षित कर्मियों के साथ तत्काल प्रभाव से काम शुरू करेगा।

तैनाती की संरचना

मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, अर्जुन वाहिनी के 100 कर्मी कोलकाता में तैनात रहेंगे, जबकि 50 कर्मी पहाड़ी क्षेत्रों और शेष 50 कर्मी चक्रवात-संवेदनशील सुंदरबन इलाके — जो दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में फैला है — में काम करेंगे। यह तैनाती राज्य की भौगोलिक विविधता और आपदा-जोखिम के अनुरूप बनाई गई है।

वेतन, भत्ते और मुआवज़ा

लॉन्च कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि टीम प्रमुख को ₹40,000 मासिक भत्ता और अन्य सदस्यों को ₹25,000 मासिक भत्ता दिया जाएगा। इसमें प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान भी रखा गया है। जोखिम भरे अभियानों में गंभीर चोट या मृत्यु की स्थिति में ₹10 लाख और दिव्यांगता पर ₹5 लाख का मुआवज़ा देने का ऐलान किया गया।

भर्ती और उपकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि अर्जुन वाहिनी मुख्य रूप से सेवानिवृत्त सैनिकों और अग्निवीरों से बनाई जाएगी। भविष्य में इस बल को NDRF के समकक्ष उपकरण और तकनीक से लैस करने की योजना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान 200 सदस्यों की संख्या को आगे चलकर काफी बढ़ाया जाएगा।

तारातला हादसा: पहल की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब जून 2026 में कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन एक गोदाम के ढहने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। उस त्रासदी के बाद राज्य सरकार ने एक समर्पित आपदा प्रबंधन बल गठित करने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

पूर्व सरकार पर आरोप

मुख्यमंत्री अधिकारी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर आपदा प्रबंधन की अनदेखी और रियल एस्टेट क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ज़्यादा पैसे कमाने की होड़ में पिछली सरकार के दौरान वेटलैंड पर कब्ज़ा करके गैरकानूनी तरीके से इमारतें और घर बनाने के लिए संस्थागत भ्रष्टाचार का सहारा लिया गया। अक्सर बिना ठीक से जाँच-पड़ताल किए ही बिल्डिंग प्लान को मंजूरी दे दी जाती थी।" गौरतलब है कि ये आरोप राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। आगे चलकर अर्जुन वाहिनी की वास्तविक क्षमता और तैनाती की गति ही इस पहल की सफलता का असली पैमाना होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाढ़ और शहरी संरचनात्मक विफलताओं से जूझता है। NDRF की एक बटालियन में ही 1,149 कर्मी होते हैं; 200 की संख्या महत्वाकांक्षा और क्षमता के बीच की खाई को उजागर करती है। वेटलैंड अतिक्रमण पर पूर्व सरकार को घेरना तब तक अधूरा रहेगा जब तक नई सरकार बिल्डिंग-अनुमोदन प्रक्रिया में पारदर्शिता का ठोस ढाँचा नहीं दिखाती।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'अर्जुन वाहिनी' क्या है और इसे क्यों बनाया गया?
'अर्जुन वाहिनी' पश्चिम बंगाल सरकार का एक नया राज्य-स्तरीय आपदा प्रबंधन बल है, जिसे 1 सितंबर 2026 को CM सुवेंदु अधिकारी ने लॉन्च किया। इसे NDRF की कार्यशैली पर बनाया गया है और इसकी स्थापना जून 2026 में कोलकाता के तारातला में गोदाम ढहने से हुई 16 मौतों के बाद की गई।
'अर्जुन वाहिनी' में कितने कर्मी होंगे और कहाँ तैनात रहेंगे?
बल में फिलहाल 200 कर्मी होंगे — 100 कोलकाता में, 50 पहाड़ी इलाकों में और 50 सुंदरबन (दक्षिण व उत्तर 24 परगना) में। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भविष्य में यह संख्या बढ़ाई जाएगी।
'अर्जुन वाहिनी' के कर्मियों को क्या वेतन और सुविधाएँ मिलेंगी?
टीम प्रमुख को ₹40,000 और अन्य सदस्यों को ₹25,000 मासिक भत्ता मिलेगा, जिसमें हर साल 3% वृद्धि होगी। मृत्यु या गंभीर चोट पर ₹10 लाख और दिव्यांगता पर ₹5 लाख का मुआवज़ा देने का प्रावधान है।
'अर्जुन वाहिनी' में भर्ती कैसे होगी?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, यह बल मुख्यतः सेवानिवृत्त सैनिकों और अग्निवीरों से बनाया जाएगा। भविष्य में इसे NDRF के समकक्ष उपकरण और तकनीक से लैस करने की योजना है।
CM अधिकारी ने पूर्व TMC सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अधिकारी ने कथित तौर पर कहा कि पूर्व TMC सरकार ने आपदा प्रबंधन की अनदेखी की और वेटलैंड पर अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले संस्थागत भ्रष्टाचार को प्रश्रय दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित जाँच के बिल्डिंग प्लान मंजूर किए जाते थे, जिससे आपदाएँ बढ़ीं।
राष्ट्र प्रेस
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