1 सितंबर 2026
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चंद्रबाबू नायडू का ऐलान: ₹1.50 लाख करोड़ कल्याण खर्च, गरीबों का सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता

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चंद्रबाबू नायडू का ऐलान: ₹1.50 लाख करोड़ कल्याण खर्च, गरीबों का सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता

सारांश

चंद्रबाबू नायडू का पश्चिम गोदावरी में संदेश सिर्फ पेंशन वितरण तक सीमित नहीं था — यह दो वर्षों में ₹1.50 लाख करोड़ के कल्याण खर्च और ₹73,507 करोड़ की पेंशन राशि का हिसाब था। महिला उद्यमिता, वंचित वर्गों के आरक्षण और नदी-जल योजनाओं के साथ, यह आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले NDA का सबसे व्यापक जन-संदेश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 1 सितंबर 2026 को पश्चिम गोदावरी जिले में एनटीआर भरोसा पेंशन कार्यक्रम को संबोधित किया।
पिछले दो वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं पर ₹1.50 लाख करोड़ खर्च; पेंशन के माध्यम से ₹73,507 करोड़ वितरित।
दीपम-2.0 के तहत महिलाओं को सालाना तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर ; एक लाख डीडब्ल्यूसीआरए महिलाएं पिछले वर्ष MSME उद्यमी बनीं।
वेलिगोंडा परियोजना से सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक कृष्णा नदी का पानी; अगले वर्ष विशाखापट्टनम तक गोदावरी जल पहुँचाने का लक्ष्य।
राज्य के 1.60 करोड़ परिवारों तक ऑनलाइन सरकारी सेवाएं पहुँचाने की योजना; पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर पैनल अभियान।
नायडू ने 31 वर्ष पूर्व 1 सितंबर को पहली बार CM पद की शपथ लेने की याद दिलाई; NDA की चुनावी मजबूती का दावा।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 1 सितंबर 2026 को पश्चिम गोदावरी जिले में एनटीआर भरोसा पेंशन वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोषणा की कि उनकी सरकार कल्याण, विकास और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और गरीबों का आर्थिक सशक्तिकरण इसका केंद्रीय लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर ₹1.50 लाख करोड़ से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।

पेंशन और कल्याण योजनाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि एनटीआर भरोसा पेंशन के माध्यम से अब तक गरीबों के बीच ₹73,507 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं। वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य पात्र वर्गों को बढ़ी हुई पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी गाँव में गरीब लोगों की उपस्थिति चिंता का विषय होनी चाहिए और सरकार आर्थिक असमानता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला सशक्तिकरण और 'स्वयम' ब्रांड

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए नायडू ने कहा कि डीडब्ल्यूसीआरए समूहों के ज़रिए शुरू हुए बचत आंदोलन ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की नींव रखी। दीपम-2.0 योजना के तहत अब हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर महिलाओं को दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष एक लाख डीडब्ल्यूसीआरए महिलाएं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम उद्यमी बनीं और इस वर्ष यह संख्या और बढ़ाने का लक्ष्य है। सरकार 'स्वयम' ब्रांड के माध्यम से महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण भी दिया गया है।

वंचित वर्गों और जल संसाधनों पर ध्यान

नायडू ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय अब भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हैं और सरकार इन वर्गों के उत्थान के लिए विशेष कदम उठा रही है। वड्डेरा समुदाय को खनन क्षेत्र में तथा ताड़ी निकालने वाले समुदाय को शराब की दुकानों में आरक्षण दिया गया है। लंबे समय से लंबित एससी वर्गीकरण का मुद्दा भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। जल संसाधनों के संदर्भ में उन्होंने बताया कि वेलिगोंडा परियोजना के माध्यम से सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक कृष्णा नदी का पानी पहुँचाया गया है। अगले वर्ष तक अनाकापल्ली और विशाखापट्टनम तक गोदावरी नदी का पानी पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

शासन और राजनीतिक संदेश

यह कार्यक्रम उस दिन आयोजित हुआ जब नायडू ने 31 वर्ष पहले 1 सितंबर को अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) प्रमुख ने दावा किया कि राज्य में जब भी चुनाव होंगे, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को हराना आसान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व स्थानीय निकाय चुनाव कराने में बाधा डालने और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। 'पी4' कार्यक्रम के ज़रिए लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और राज्य के 1.60 करोड़ परिवारों तक ऑनलाइन सरकारी सेवाएं पहुँचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत हर घर में सौर ऊर्जा पैनल लगाने पर जोर दिया। पिछली सरकार पर उद्योगों को राज्य से बाहर जाने देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। कार्यक्रम में मंत्री निम्मला रामानायडू, गोट्टीपाटी रवि कुमार, उपाध्यक्ष रघुराम कृष्णम राजू, केंद्रीय मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा और व्हिप बोलिसेट्टी श्रीनिवास सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आंध्र प्रदेश की यह कल्याण-केंद्रित रणनीति आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सरकार की राजनीतिक दिशा का भी संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

507 करोड़ की पेंशन राशि प्रभावशाली आँकड़े हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इन योजनाओं के लाभार्थियों की आय और जीवन स्तर में मापने योग्य सुधार हुआ है या नहीं। यह कार्यक्रम स्थानीय निकाय चुनावों से पहले आयोजित हुआ, जो इसके राजनीतिक संदर्भ को नजरअंदाज नहीं होने देता। नायडू का एक लाख महिला MSME उद्यमियों का दावा सत्यापन माँगता है — क्योंकि पंजीकरण और वास्तविक व्यावसायिक सफलता के बीच की खाई अक्सर बड़ी होती है। नदी-जल योजनाओं की समयसीमा और बजट पर स्पष्टता के बिना, ये लक्ष्य महत्वाकांक्षी तो हैं, पर अभी वादों की श्रेणी में ही हैं।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रबाबू नायडू ने एनटीआर भरोसा पेंशन कार्यक्रम में क्या घोषणाएं कीं?
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि पेंशन के माध्यम से अब तक ₹73,507 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं और पिछले दो वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं पर ₹1.50 लाख करोड़ खर्च हुए हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, वंचित वर्गों के आरक्षण और नदी-जल परियोजनाओं पर भी विस्तार से बात की।
दीपम-2.0 योजना क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
दीपम-2.0 आंध्र प्रदेश सरकार की महिला-केंद्रित एलपीजी योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जाते हैं। यह योजना रसोई गैस की समस्या से राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई मूल दीपम योजना का विस्तारित रूप है।
आंध्र प्रदेश में वेलिगोंडा परियोजना क्या है?
वेलिगोंडा परियोजना के माध्यम से राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक कृष्णा नदी का पानी पहुँचाया जा रहा है। सरकार का अगला लक्ष्य अगले वर्ष अनाकापल्ली और विशाखापट्टनम तक गोदावरी नदी का पानी पहुँचाना है, जिसके बाद इसे वंशधारा क्षेत्र तक ले जाने की योजना है।
डीडब्ल्यूसीआरए समूहों के जरिए महिलाओं को क्या लाभ मिल रहा है?
डीडब्ल्यूसीआरए समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत आंदोलन से जोड़ा गया है और पिछले वर्ष एक लाख महिलाएं MSME उद्यमी बनीं। सरकार 'स्वयम' ब्रांड के तहत इन महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों के विपणन की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
नायडू ने स्थानीय निकाय चुनावों पर क्या कहा?
नायडू ने दावा किया कि राज्य में जब भी चुनाव होंगे, NDA गठबंधन को हराना आसान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व स्थानीय निकाय चुनाव कराने में बाधा डालने और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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