नेरिस्ट घटना: अरुणाचल के राज्यपाल परनाइक ने निष्पक्ष जांच के दिए निर्देश, गृह मंत्री से की कानून-व्यवस्था की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक (सेवानिवृत्त) ने बुधवार, 24 जून 2026 को राजभवन में राज्य के गृह मंत्री मामा नटुंग के साथ बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की। बैठक में ईटानगर के निकट निर्जुली स्थित नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (नेरिस्ट) में हाल ही में हुई घटना को लेकर विशेष रूप से चिंता व्यक्त की गई और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
राजभवन के एक अधिकारी के अनुसार, गृह मंत्री मामा नटुंग ने राज्यपाल से मुलाकात की, जिसके दौरान दोनों ने राज्य में कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति पर विचार-विमर्श किया। बैठक में नेरिस्ट में हुई घटना — जिसमें कुछ समूहों द्वारा कथित तौर पर धमकाने, डराने-धमकाने और ज़बरदस्ती करने के आरोप लगाए गए हैं — को केंद्र में रखा गया।
राज्यपाल ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि नेरिस्ट पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख तकनीकी और उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक है, और यहाँ हुई घटना ने संस्थान के कामकाज एवं माहौल को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
राज्यपाल की प्रतिक्रिया
लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने नेरिस्ट के निदेशक को निर्देश दिया कि धमकाने, डराने और ज़बरदस्ती के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी घटनाएं युवाओं के सामने गलत उदाहरण पेश करती हैं और इनसे कानून के अनुसार उचित तरीके से निपटा जाना चाहिए।
राज्यपाल ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शिक्षण संस्थान सुरक्षित और अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण वाले होने चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थानों का प्रबंधन और प्रशासन योग्यता, ईमानदारी, गरिमा, अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।
सरकार का आश्वासन
गृह मंत्री मामा नटुंग ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और घटना की पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षण संस्थानों की पवित्रता पर बल
राज्यपाल ने राज्यभर के शिक्षण संस्थानों की पवित्रता, गरिमा और प्रतिष्ठा की रक्षा में सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी गतिविधि किसी शिक्षण संस्थान के कामकाज, विश्वसनीयता या सद्भाव को नुकसान पहुँचाए, उससे सख्ती और कानून के अनुसार निपटा जाएगा, ताकि राज्य के शैक्षिक तंत्र में जनता का भरोसा बना रहे।
क्या होगा आगे
नेरिस्ट के निदेशक को जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं। जांच की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार दोषियों पर कार्रवाई करेगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूर्वोत्तर के शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस चल रही है।