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अरुणाचल प्रदेश: राज्यपाल केटी परनाइक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में दी भागीदारी, नागरिकों से सहयोग की अपील

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अरुणाचल प्रदेश: राज्यपाल केटी परनाइक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में दी भागीदारी, नागरिकों से सहयोग की अपील

सारांश

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने स्वयं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में भाग लेकर नागरिकों को संदेश दिया कि लोकतंत्र की नींव मजबूत करना हर नागरिक का कर्तव्य है। यह अभियान 14 जुलाई 2026 तक चलेगा और मसौदा सूची 21 जुलाई को प्रकाशित होगी।

मुख्य बातें

राज्यपाल केटी परनाइक ने 25 जून 2026 को इटानगर के लोक भवन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में स्वयं भाग लिया।
राज्य की प्रथम महिला अनाघा परनाइक ने भी राज्यपाल के साथ गणना प्रपत्र भरे।
एसआईआर अभियान 15 जून 2026 से शुरू होकर 14 जुलाई 2026 तक चलेगा।
मतदाता सूची का मसौदा 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया जाएगा।
राज्यपाल ने युवा मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वालों से विशेष रूप से आगे आने और नाम सत्यापित कराने की अपील की।
बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे; नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा।

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने गुरुवार, 25 जून 2026 को मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में स्वयं भाग लेते हुए राज्य के नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने स्वयं भरे गणना प्रपत्र

राज्यपाल केटी परनाइक ने राज्य की प्रथम महिला अनाघा परनाइक के साथ इटानगर स्थित लोक भवन में अपने गणना प्रपत्र भरे। यह कार्य पापुम पारे के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) लोबसांग त्सेरिंग और 13-इटानगर (एसटी) विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) दानी रिकांग द्वारा भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के तहत संपन्न कराया गया। स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल होकर राज्यपाल ने जनसहभागिता का प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश दिया।

एसआईआर की समयसीमा और उद्देश्य

यह विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन अभियान राज्य भर में 15 जून 2026 से प्रारंभ हुआ है और 14 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनावी अभिलेख सटीक, अद्यतन और समावेशी बने रहें। राज्यपाल ने कहा कि मतदाता सूचियाँ महज प्रशासनिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि ये स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की बुनियाद हैं।

युवा और पहली बार मतदान करने वालों से विशेष अपील

राज्यपाल ने युवा मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों से विशेष रूप से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे अपने विवरण सत्यापित करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके नाम मतदाता सूची में सही ढंग से दर्ज हों, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी आवाज़ का उचित प्रतिनिधित्व हो सके। उन्होंने निवासियों से घर-घर जाने वाले बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ पूर्ण सहयोग करने और आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने का भी आह्वान किया।

मसौदा सूची 21 जुलाई को होगी प्रकाशित

उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी लोबसांग त्सेरिंग ने बताया कि संशोधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची का मसौदा 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसौदा प्रकाशन के बाद यदि किसी नागरिक को कोई आपत्ति या दावा हो, तो उसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकता है।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिक भूमिका अनिवार्य

राज्यपाल परनाइक ने जोर दिया कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से चुनावी अभिलेखों की सत्यनिष्ठा और सटीकता बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे चुनावी प्रणाली में जनता का विश्वास और मजबूत होता है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब देश भर में चुनावी सूचियों की विश्वसनीयता और समावेशिता को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। आने वाले हफ्तों में बीएलओ की घर-घर विजिट और नागरिकों की प्रतिक्रिया इस अभियान की वास्तविक सफलता तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में बीएलओ की पहुँच सुनिश्चित करना है। अरुणाचल प्रदेश जैसे भौगोलिक रूप से दुर्गम राज्य में मतदाता सूची की सटीकता बनाए रखना ऐतिहासिक रूप से कठिन रहा है। युवा और पहली बार के मतदाताओं पर विशेष जोर सही दिशा में है, लेकिन डिजिटल और भौतिक पहुँच की खाई को पाटे बिना यह अपील केवल औपचारिकता बनकर रह सकती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित एक अभियान है जिसके तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन, सटीक और समावेशी बनाया जाता है। अरुणाचल प्रदेश में यह अभियान 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चल रहा है।
अरुणाचल प्रदेश में एसआईआर अभियान कब तक चलेगा?
यह अभियान 15 जून 2026 से शुरू होकर 14 जुलाई 2026 तक चलेगा। इसके बाद मतदाता सूची का मसौदा 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया जाएगा।
मतदाता सूची में नाम न होने पर या गलती होने पर क्या करें?
मसौदा सूची 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित होने के बाद नागरिक भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार दावे या आपत्तियाँ प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से भी सहायता ली जा सकती है।
बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की भूमिका क्या है?
बीएलओ घर-घर जाकर नागरिकों की जानकारी एकत्र करते हैं और मतदाता सूची संशोधन में सहायता करते हैं। राज्यपाल ने निवासियों से बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज और जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने की अपील की है।
युवा और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को क्या करना चाहिए?
राज्यपाल केटी परनाइक ने युवा और पहली बार के मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे आगे आएँ, अपने विवरण सत्यापित करें और सुनिश्चित करें कि उनके नाम मतदाता सूची में सही ढंग से दर्ज हों। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी आवाज़ का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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