अरुणाचल प्रदेश: राज्यपाल केटी परनाइक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में दी भागीदारी, नागरिकों से सहयोग की अपील
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने गुरुवार, 25 जून 2026 को मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में स्वयं भाग लेते हुए राज्य के नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने स्वयं भरे गणना प्रपत्र
राज्यपाल केटी परनाइक ने राज्य की प्रथम महिला अनाघा परनाइक के साथ इटानगर स्थित लोक भवन में अपने गणना प्रपत्र भरे। यह कार्य पापुम पारे के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) लोबसांग त्सेरिंग और 13-इटानगर (एसटी) विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) दानी रिकांग द्वारा भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के तहत संपन्न कराया गया। स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल होकर राज्यपाल ने जनसहभागिता का प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश दिया।
एसआईआर की समयसीमा और उद्देश्य
यह विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन अभियान राज्य भर में 15 जून 2026 से प्रारंभ हुआ है और 14 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनावी अभिलेख सटीक, अद्यतन और समावेशी बने रहें। राज्यपाल ने कहा कि मतदाता सूचियाँ महज प्रशासनिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि ये स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की बुनियाद हैं।
युवा और पहली बार मतदान करने वालों से विशेष अपील
राज्यपाल ने युवा मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों से विशेष रूप से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे अपने विवरण सत्यापित करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके नाम मतदाता सूची में सही ढंग से दर्ज हों, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी आवाज़ का उचित प्रतिनिधित्व हो सके। उन्होंने निवासियों से घर-घर जाने वाले बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ पूर्ण सहयोग करने और आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने का भी आह्वान किया।
मसौदा सूची 21 जुलाई को होगी प्रकाशित
उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी लोबसांग त्सेरिंग ने बताया कि संशोधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची का मसौदा 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसौदा प्रकाशन के बाद यदि किसी नागरिक को कोई आपत्ति या दावा हो, तो उसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकता है।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिक भूमिका अनिवार्य
राज्यपाल परनाइक ने जोर दिया कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से चुनावी अभिलेखों की सत्यनिष्ठा और सटीकता बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे चुनावी प्रणाली में जनता का विश्वास और मजबूत होता है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब देश भर में चुनावी सूचियों की विश्वसनीयता और समावेशिता को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। आने वाले हफ्तों में बीएलओ की घर-घर विजिट और नागरिकों की प्रतिक्रिया इस अभियान की वास्तविक सफलता तय करेगी।