14 अगस्त 2026
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असम में 1,000 से अधिक जर्जर पुलों की जगह बनेंगे आरसीसी पुल, CM हिमंत सरमा का बड़ा ऐलान

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असम में 1,000 से अधिक जर्जर पुलों की जगह बनेंगे आरसीसी पुल, CM हिमंत सरमा का बड़ा ऐलान

सारांश

असम सरकार ने प्रदेश के 1,000 से अधिक लकड़ी और जर्जर पुलों को मज़बूत आरसीसी पुलों से बदलने का बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में पहले नवनिर्मित पुल का उद्घाटन कर इस पहल की शुरुआत की — जो बाढ़-प्रभावित असम के लिए दीर्घकालिक राहत का वादा करती है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 14 अगस्त 2026 को राज्य में 1,000 से अधिक जर्जर पुलों को आरसीसी पुलों से बदलने की घोषणा की।
सरमा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में एक नवनिर्मित आरसीसी पुल का उद्घाटन किया, जिससे हज़ारों यात्रियों को राहत मिलेगी।
यह पहल एंबुलेंस, स्कूली वाहनों और सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही को सुरक्षित बनाएगी।
मानसून में बाढ़ और नदी कटाव से हर साल असम के परिवहन ढाँचे को भारी नुकसान होता है।
राज्य सरकार पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों को प्राथमिकता देते हुए इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेश भर में 1,000 से अधिक लकड़ी और जर्जर पुलों को रेनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (आरसीसी) से निर्मित मज़बूत और हर मौसम में उपयोगी पुलों से बदलेगी। यह पहल राज्य के बुनियादी ढाँचा विकास अभियान का अहम हिस्सा है और इसका सीधा लाभ दूरदराज़ के ग्रामीण इलाकों को मिलेगा।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सरमा ने शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में एक नवनिर्मित आरसीसी पुल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, 'पूरे असम में हम 1,000 से अधिक लकड़ी और जर्जर पुलों को हर मौसम में सुरक्षित आरसीसी पुलों में बदल रहे हैं। इससे संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच तेज़ होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि इस पुल से रोज़ाना इस मार्ग का उपयोग करने वाले हज़ारों यात्रियों को राहत मिलेगी।

आम जनता पर असर

पुराने और कमज़ोर पुलों के कारण विशेष रूप से मानसून के दौरान कई इलाकों में आवागमन बाधित होता रहा है। आरसीसी पुलों के निर्माण से एंबुलेंस, स्कूली वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है। सरमा ने स्पष्ट किया कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य ज़रूरी सरकारी सेवाओं तक पहुँच भी सुधरेगी।

असम में बुनियादी ढाँचे की चुनौती

यह ऐसे समय में आया है जब असम में भारी बारिश, बाढ़ और नदी कटाव के कारण परिवहन ढाँचे को हर साल गंभीर नुकसान पहुँचता है। गौरतलब है कि राज्य के सुदूर इलाकों में दशकों पुराने लकड़ी के पुल ही संपर्क का एकमात्र ज़रिया हैं, जो बाढ़ के मौसम में अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में जर्जर पुलों को बदलने की यह पहल दीर्घकालिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार पुराने, क्षतिग्रस्त और महत्त्वपूर्ण संपर्क मार्गों पर स्थित पुलों को प्राथमिकता देते हुए इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से असम के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ाएगी। यह कदम राज्य सरकार के व्यापक बुनियादी ढाँचा विकास अभियान को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता का है। राज्य में हर साल बाढ़ और नदी कटाव नए बने पुलों को भी नुकसान पहुँचाते हैं, इसलिए केवल निर्माण नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रखरखाव का ढाँचा भी उतना ही ज़रूरी है। 1,000 से अधिक पुलों की संख्या महत्त्वाकांक्षी है, पर कोई समयसीमा या बजट आवंटन सार्वजनिक नहीं किया गया — जो जवाबदेही के लिहाज़ से एक बड़ी कमी है। बिना स्पष्ट मील के पत्थर और स्वतंत्र निगरानी के, यह घोषणा भी उन कई सरकारी वादों की कतार में खड़ी हो सकती है जो कागज़ों पर बड़े और ज़मीन पर धीमे रहे।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में कितने पुलों को आरसीसी पुलों से बदला जाएगा?
असम सरकार राज्य भर में 1,000 से अधिक लकड़ी और जर्जर पुलों को मज़बूत आरसीसी (रेनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) पुलों से बदलेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 14 अगस्त 2026 को की।
आरसीसी पुल बनाने से असम के लोगों को क्या फायदा होगा?
आरसीसी पुल हर मौसम में सुरक्षित और टिकाऊ होते हैं, जिससे एंबुलेंस, स्कूली वाहनों और सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही सुगम होगी। दूरदराज़ के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सेवाओं तक पहुँच भी बेहतर होगी।
असम में पुराने पुलों की समस्या क्यों गंभीर है?
असम में भारी बारिश, बाढ़ और नदी कटाव के कारण परिवहन ढाँचे को हर साल नुकसान पहुँचता है। मानसून के दौरान पुराने लकड़ी के पुल अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे कई इलाकों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
इस पुल निर्माण कार्यक्रम को कैसे लागू किया जाएगा?
राज्य सरकार पुराने, क्षतिग्रस्त और महत्त्वपूर्ण संपर्क मार्गों पर स्थित पुलों को प्राथमिकता देते हुए इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से असम के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री सरमा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में पहले नवनिर्मित पुल का उद्घाटन कर इस अभियान की शुरुआत की।
क्या यह योजना असम सरकार के किसी बड़े अभियान का हिस्सा है?
हाँ, यह कार्यक्रम असम राज्य सरकार के व्यापक बुनियादी ढाँचा विकास अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य राज्य में सड़क संपर्क को मज़बूत करना और लोगों तक सरकारी सेवाओं व कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच तेज़ करना है।
राष्ट्र प्रेस
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