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असम बाढ़ 2026: आठ जिलों में 57,199 लोग प्रभावित, शिवसागर में एक की मौत; मृतक संख्या पाँच हुई

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असम बाढ़ 2026: आठ जिलों में 57,199 लोग प्रभावित, शिवसागर में एक की मौत; मृतक संख्या पाँच हुई

सारांश

असम में बाढ़ ने 19 जुलाई को विकराल रूप ले लिया — आठ जिलों में 57,199 लोग प्रभावित, शिवसागर में एक और मौत के साथ इस मौसम का मृतक आँकड़ा पाँच पहुँचा। 298 गाँव जलमग्न, 37,558 पशु प्रभावित और 3,874 हेक्टेयर फसल बर्बाद — यह सिर्फ बाढ़ नहीं, असम की वार्षिक त्रासदी का एक और अध्याय है।

मुख्य बातें

असम के आठ जिलों में 19 जुलाई 2026 को बाढ़ से 57,199 लोग प्रभावित हुए।
शिवसागर जिले के अमगुरी राजस्व सर्कल में एक व्यक्ति की मौत; इस मौसम में कुल मृतक संख्या पाँच ।
298 गाँव और 22 राजस्व सर्कल जलमग्न; 3,874.84 हेक्टेयर फसल भूमि प्रभावित।
37,558 पशु प्रभावित, अधिकांश धेमाजी जिले में।
14 राहत शिविर सक्रिय; 440 लोग शिविरों में, 3,648 को राहत वितरण केंद्रों से सहायता।
बुरहिदिहिंग नदी चेनिमारी (खोवांग) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

असम में 19 जुलाई 2026 को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई, जब आठ जिलों में 57,199 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ गए और शिवसागर जिले के अमगुरी राजस्व सर्कल में एक व्यक्ति की जान चली गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, इस मौसम में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या अब पाँच हो गई है।

प्रभावित क्षेत्र और नुकसान का दायरा

ASDMA की रिपोर्ट के मुताबिक, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराइदेव, तिनसुकिया, लखीमपुर, शिवसागर, उदलगुरी और जोरहाट — कुल आठ जिले इस बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। इन जिलों के 22 राजस्व सर्कल और 298 गाँव जलमग्न हो गए हैं। कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुँचा है — लगभग 3,874.84 हेक्टेयर फसल भूमि पानी में डूब गई है।

पशुधन भी इस आपदा से अछूता नहीं रहा। अधिकारियों के अनुसार, 37,558 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनमें से अधिकांश धेमाजी जिले में हैं। यह आँकड़ा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बाढ़ के दीर्घकालिक प्रभाव की ओर संकेत करता है।

नदियों का जलस्तर और खतरे की स्थिति

चेनिमारी (खोवांग) क्षेत्र में बुरहिदिहिंग नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। हालाँकि, अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी भी नदी में उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर प्रवाह की सूचना नहीं मिली है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों में और बिगड़ सकती है, क्योंकि ऊपरी असम में वर्षा का सिलसिला जारी है।

राहत एवं बचाव अभियान

प्रभावित जिलों में 14 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र सक्रिय हैं। 440 लोग इन शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि 3,648 लोगों को राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता सामग्री पहुँचाई जा रही है। जिला प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियाँ मिलकर संवेदनशील इलाकों में बचाव कार्य चला रही हैं।

जोरहाट में शहरी बाढ़ का संकट

जोरहाट जिले के कई इलाकों में शहरी बाढ़ का प्रकोप जारी है। बोहोतिया, नौसोलिया, बोर अहोम, सोनारी, चिरोतिया गाँव, पश्चिम बोंगल पुखुरी, ताराजन सोनारी गाँव, राजामैदाम, TRP रोड, पारिजात नगर, अतीलागाँव और कुशार नगर सहित कई इलाके जलमग्न हैं। शहरी बाढ़ से लगभग 1,831 लोग प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ की यह स्थिति दोहराई जाती है, और शहरी जल-निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था इसे और जटिल बना देती है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और राहत अभियान निरंतर जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में मानसून की सक्रियता चरम पर है और ब्रह्मपुत्र बेसिन में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता के आधार पर प्रभावित लोगों की संख्या में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दीर्घकालिक समाधान की दिशा में ठोस प्रगति नजर नहीं आती। 57,199 प्रभावित लोगों और पाँच मौतों का यह आँकड़ा महज 19 जुलाई तक का है — असली परीक्षा तब होगी जब ब्रह्मपुत्र का जलस्तर और बढ़ेगा। राहत शिविरों में केवल 440 लोगों की मौजूदगी बताती है कि बड़ी आबादी बिना किसी संस्थागत सहारे के जूझ रही है। जब तक बाढ़ नियंत्रण बुनियादी ढाँचे और शहरी जल-निकासी में निवेश को प्राथमिकता नहीं दी जाती, यह त्रासदी हर साल नए आँकड़ों के साथ दोहराती रहेगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ 2026 में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
19 जुलाई 2026 तक असम के आठ जिलों में 57,199 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ASDMA के अनुसार, 22 राजस्व सर्कल और 298 गाँव जलमग्न हैं।
असम बाढ़ में इस मौसम में कितनी मौतें हुई हैं?
19 जुलाई 2026 तक इस बाढ़ मौसम में कुल पाँच मौतें दर्ज की गई हैं। नवीनतम मौत शिवसागर जिले के अमगुरी राजस्व सर्कल में हुई।
असम के कौन-से जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
ASDMA के अनुसार, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराइदेव, तिनसुकिया, लखीमपुर, शिवसागर, उदलगुरी और जोरहाट जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। धेमाजी में सबसे अधिक पशुधन — 37,558 में से अधिकांश — प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए क्या राहत व्यवस्था है?
प्रभावित जिलों में 14 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र सक्रिय हैं। 440 लोग शिविरों में शरण लिए हुए हैं और 3,648 लोगों को वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता दी जा रही है।
असम में बाढ़ से फसलों को कितना नुकसान हुआ है?
ASDMA के अनुसार, लगभग 3,874.84 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूब गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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