असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने अमित शाह से मिलकर युवा देशभक्ति और नशामुक्ति अभियान की दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें 'लोक भवन' द्वारा असम के युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न पहलों की विस्तृत जानकारी दी। यह भेंट ऐसे समय में हुई जब केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत देशभर में जागरूकता कार्यक्रम तेज किए जा रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक के दौरान राज्यपाल आचार्य ने गृह मंत्री शाह को विजयादशमी की बधाई दी और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ भी अर्पित कीं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने असम भर में नशीले पदार्थों के सेवन के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।
बयान के अनुसार, ये प्रयास एक स्वस्थ और विकसित भारत के व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप बताए गए हैं।
'नमो मातृभूमि' पहल की जानकारी
राज्यपाल ने गृह मंत्री को 'नमो मातृभूमि: राष्ट्रीय सुरक्षा एवं स्वावलंबन संकल्प सप्ताह' नामक पहल से भी अवगत कराया। इस कार्यक्रम के चार प्रमुख उद्देश्य हैं — राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना, नशामुक्त समाज को बढ़ावा देना, और युवाओं में देश के प्रति कर्तव्यबोध पैदा करना।
गौरतलब है कि यह पहल विशेष रूप से असम के सीमावर्ती क्षेत्रों में युवा सशक्तीकरण और समावेशी विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहाँ मादक पदार्थों की तस्करी और सामाजिक चुनौतियाँ परंपरागत रूप से अधिक गहरी रही हैं।
केंद्र से मार्गदर्शन की माँग
राज्यपाल आचार्य ने राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की सतत भागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए गृह मंत्री से इन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करने तथा युवाओं के बीच इनकी पहुँच व प्रभाव बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन माँगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जन-केंद्रित पहलें नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का संचार करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
आम जनता और युवाओं पर असर
अधिकारियों के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य नागरिकों — विशेषकर युवा पीढ़ी — को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए प्रेरित करना है। राज्यपाल ने दोहराया कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को देश के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं और एक सुरक्षित, आत्मनिर्भर तथा विकसित भारत की नींव को मजबूत करते हैं।
क्या होगा आगे
यह बैठक राज्य और केंद्र के बीच युवा-केंद्रित राष्ट्रीय अभियानों को और गति देने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में 'नमो मातृभूमि' जैसी पहलों की पहुँच असम के दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों तक बढ़ाए जाने की संभावना है, ताकि युवाओं को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।