असम में आईएएफ सुखोई-30 फाइटर जेट का रडार संपर्क टूटा, सर्च ऑपरेशन तेज

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असम में आईएएफ सुखोई-30 फाइटर जेट का रडार संपर्क टूटा, सर्च ऑपरेशन तेज

सारांश

असम के कार्बी आंगलोंग जिले में आईएएफ का सुखोई-30 फाइटर जेट लापता हो गया है। रडार से संपर्क टूटने के बाद एयर फोर्स की सर्च और रेस्क्यू टीमें सक्रिय हैं। क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ी वजह है?

Key Takeaways

  • सुखोई-30 भारतीय वायु सेना का प्रमुख फाइटर एयरक्राफ्ट है।
  • लापता विमान का रडार संपर्क कार्बी आंगलोंग में टूट गया।
  • सर्च ऑपरेशन में एयरफोर्स और स्थानीय प्रशासन शामिल हैं।
  • पिछले वर्षों में सुखोई-30 के साथ कई घटनाएं हुई हैं।
  • स्थिति स्पष्ट होने पर और जानकारी दी जाएगी।

गुवाहाटी, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का एक सुखोई एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान लापता हो गया है। असम के कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर उड़ान भरते समय गुरुवार को इस विमान का रडार से संपर्क टूट गया। यह जानकारी रक्षा अधिकारियों ने दी।

रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के अनुसार, यह फाइटर एयरक्राफ्ट एक रूटीन मिशन के दौरान रडार से गायब हो गया, जिसके बाद एयर फोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की।

पीआरओ ने कहा, "आईएएफ के सुखोई-30 एयरक्राफ्ट का रडार से संपर्क टूट गया है। एयरफोर्स की टीमों को तथ्यों का पता लगाने और सत्यापित करने के लिए भेजा गया है।"

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह विमान कार्बी आंगलोंग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, जब अचानक ग्राउंड कंट्रोल से इसका संपर्क टूट गया।

एयरफोर्स की खोज और बचाव टीमें, स्थानीय प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लोग इस विमान का पता लगाने और घटना के सही हालात की पुष्टि करने के लिए जुटे हुए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि विमान की अंतिम लोकेशन और उसमें सवार लोगों की संख्या के बारे में अधिक जानकारी अभी प्राप्त की जा रही है।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, जिस क्षेत्र में रडार संपर्क टूट गया है, वह अधिकांशतः घने जंगल और पहाड़ी इलाका है, जिससे खोज और बचाव ऑपरेशन विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। बचाव टीमें इस इलाके में ऑपरेशन के लिए स्थानीय प्रशासन और अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

सुखोई-30एमकेआई भारतीय वायु सेना के फ्रंटलाइन मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट में से एक है और यह भारत की संपूर्ण एयर डिफेंस क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अधिकारियों ने कहा कि खोज ऑपरेशन जारी है और स्थिति स्पष्ट होने पर और जानकारी साझा की जाएगी।

भारतीय वायु सेना ने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर लिखा, "आईएएफ का एक सुखोई एसयू-30 एमकेआई लापता हो गया है। विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और आखिरी बार शाम 7.42 बजे संपर्क में आया था। और जानकारी का पता लगाया जा रहा है। खोज और बचाव मिशन प्रारंभ कर दिया गया है।"

सुखोई-30एमकेआई के साथ ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।

अगस्त 2019 में, एक आईएएफ सुखोई-30एमकेआई एक रूटीन प्रशिक्षण मिशन के दौरान असम में तेजपुर के पास धान के खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दोनों पायलट सुरक्षित निकलने में सफल रहे थे और उन्हें बाद में बचा लिया गया था।

इससे पहले मई 2015 में, एक अन्य सुखोई-30एमकेआई विमान टेक-ऑफ के तुरंत बाद तेजपुर एयर फोर्स बेस से लगभग 36 किमी. दक्षिण में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें क्रैश होने से पहले दोनों पायलट सुरक्षित निकल गए थे।

Point of View

यह घटना हमारे लिए चिंता का विषय है। आईएएफ के सुखोई-30 का लापता होना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल उठाता है। हमें इस मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे वायुसेना के विमानों की सुरक्षा प्राथमिकता हो।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

सुखोई-30 फाइटर जेट कब लापता हुआ?
यह विमान 5 मार्च को असम के कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर उड़ान भरते समय लापता हुआ।
क्या सुखोई-30 के साथ ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं?
हां, पिछले वर्षों में सुखोई-30 के साथ कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दुर्घटनाएं शामिल हैं।
सर्च ऑपरेशन में कौन शामिल है?
सर्च ऑपरेशन में एयरफोर्स, स्थानीय प्रशासन और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं।
सुखोई-30 का रडार संपर्क क्यों टूट गया?
इसकी वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पहाड़ी इलाके में उड़ान भर रहा था।
क्या पायलट सुरक्षित हैं?
फिलहाल, पायलटों की सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सर्च ऑपरेशन जारी है।
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